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राजस्थान के संत एवं संप्रदाय

राजस्थान के संतों ने नाम-स्मरण, सादा जीवन और जाति-भेद मिटाने का उपदेश दिया, और इनमें से कई के अनुयायियों ने संप्रदाय बनाए। परीक्षा में हर संत का स्थान, संप्रदाय, ग्रंथ और उपनाम पूछा जाता है।

⏱ 4 मिनट पढ़ें6 विस्तृत पृष्ठ✓ तथ्य जाँचे गए 15 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. नियम: बिश्नोई (जाम्भोजी), 29 · जसनाथी (जसनाथजी), 36।
  2. रामस्नेही शाखाएँ: शाहपुरा (रामचरणजी) · रैण (दरियावजी) · सिंहथल (हरिरामदासजी) · खेड़ापा (रामदासजी)।
  3. राजस्थान से बाहर: माध्वाचार्य ने द्वैत का प्रतिपादन किया, जिसमें विष्णु गुणयुक्त ईश्वर हैं, अतः उनकी भक्ति सगुण है, निर्गुण नहीं · रामानंद ने राम भक्ति का प्रचार किया।

प्रमुख संत एवं संप्रदाय

निर्गुण और सगुण भक्ति

  • निर्गुण, निराकार ईश्वर और मूर्तिपूजा नहीं: दादू पंथ, रामस्नेही, निरंजनी और लालदासी संप्रदाय; धन्ना और पीपा ने भी मूर्तिपूजा के स्थान पर नाम-स्मरण को महत्व दिया; गवरी बाई के पदों में निर्गुण भाव प्रधान है।
  • सगुण, साकार ईश्वर: मीराबाई और राना बाई, तथा कृष्ण भक्ति के संप्रदाय (वल्लभ, निम्बार्क और गौड़ीय)।

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • गौड़ीय या वल्लभगोविंद देवजी (जयपुर) और मदन मोहनजी (करौली) गौड़ीय · श्रीनाथजी (नाथद्वारा) वल्लभ (CET स्नातक 2022)।
  • महामंदिरजोधपुर का महामंदिर नाथ संप्रदाय का है, बिश्नोई, दादू या रामस्नेही संप्रदाय का नहीं (CET स्नातक 2022)।
  • रामानंद के शिष्यपीपा, गागरोन के शासक · धन्ना, टोंक के जाट किसान।
  • धन्ना का जन्म स्थानRBSE पुस्तक के अनुसार धुवन (टोंक); कुछ विवरणों में फागी (जयपुर) का एक गाँव।
  • अन्य मीराहरनावां की राना बाई 'राजस्थान की दूसरी मीरा' · डूंगरपुर की गवरी बाई 'वागड़ की मीरा' (CET स्नातक 2024)।
  • सहजोबाई और दयाबाई की बोलीRPSC की उत्तर-कुंजी में मेवाती (संरक्षण अधिकारी 2022); इनकी संत-भाषा में मेवाती के साथ हरियाणवी और ब्रज का मेल है।
  • लालदास का जन्म वर्षअधिकांश विवरणों में 1540 ई.; RBSE की कक्षा 10 की पुस्तक में 1504 छपा है।
  • लालदास की समाधिशेरपुर में उनके समाधि-स्थल पर मंदिर बना (RAS प्रारंभिक 2024)।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 26

गोविंद देव मन्दिर, जयपुर एवं मदन मोहन मन्दिर, करौली का सम्बन्ध किस सम्प्रदाय से है?

  1. (1)नाथ
  2. (2)वल्लभ
  3. (3)रामस्नेही
  4. (4)गौड़ीय
उत्तर देखें

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 28

‘जोधपुर का महामन्दिर’ उपासना स्थल है –

  1. (1)बिश्नोई संप्रदाय का
  2. (2)दादू संप्रदाय का
  3. (3)रामस्नेही संप्रदाय का
  4. (4)नाथ संप्रदाय का
उत्तर देखें

✓ (4) नाथ संप्रदाय का

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 135

बोली, जिसमें भक्ति संत सहजोबाई तथा दयाबाई की रचनाएँ प्राप्त होती हैं –

  1. (1)मेवाती
  2. (2)मालवी
  3. (3)ढूंढाड़ी
  4. (4)निमाड़ी
उत्तर देखें

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 135

‘वागड़ की मीरा’ के नाम से कौन प्रसिद्ध है?

  1. (1)राणा बाई
  2. (2)कर्मावती
  3. (3)गवरी बाई
  4. (4)पन्ना धाय
उत्तर देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 131

संत लालदास के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए : A. संत लालदास आजीवन अविवाहित रहे । B. संत लालदास की मृत्यु के पश्चात् उनके समाधि स्थान पर मन्दिर का निर्माण करवाया गया ।

  1. (1)केवल A सत्य है ।
  2. (2)केवल B सत्य है ।
  3. (3)A और B दोनों सत्य हैं ।
  4. (4)A और B दोनों असत्य हैं ।
उत्तर देखें

✓ (2) केवल B सत्य है ।

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 140

भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है ?

  1. (1)वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की ।
  2. (2)निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया ।
  3. (3)माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया ।
  4. (4)रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया ।
उत्तर देखें

✓ (3) माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया ।

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

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