EN
Log in

Add TopKaro to your iPhone

  1. Tap the Share button at the bottom of Safari
  2. Scroll and tap Add to Home Screen
  3. Tap Add — TopKaro appears on your home screen

iPhones don’t allow a one-tap install button, so we show these steps instead.

गुहिल-सिसोदिया (मेवाड़)

मेवाड़ के गुहिल और सिसोदिया शासक परीक्षा में शासकों के क्रम, चित्तौड़ के घेरों और सल्तनत व मुगलों से युद्धों के रूप में पूछे जाते हैं।

⏱ 6 मिनट पढ़ें3 विस्तृत पृष्ठ✓ तथ्य जाँचे गए 16 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. सिसोदिया: सिसोदा के जागीरदार हम्मीर ने 1326 में चित्तौड़ पुनः लिया, और उसके बाद मेवाड़ के सभी शासक सिसोदिया कहलाए।
  2. क्रम: हम्मीर, क्षेत्रसिंह, लाखा, मोकल, कुंभा, ऊदा, रायमल, सांगा, रतनसिंह द्वितीय, विक्रमादित्य, उदयसिंह द्वितीय, प्रताप, अमरसिंह प्रथम, कर्णसिंह द्वितीय, जगतसिंह प्रथम, राजसिंह प्रथम।
  3. परीक्षा दृष्टि: चित्रकार साहिबदीन जगतसिंह प्रथम के समय कार्यरत थे (CET स्नातक 2022) और उन्होंने 1648 ई. के मेवाड़ शैली के भागवत का चित्रण किया (प्रोटेक्शन ऑफिसर 2024); चित्रकला चित्र शैलियों के पृष्ठ पर है।

मेवाड़ के शासक

गुहिल, चित्तौड़ का पतन और हम्मीर

  • बप्पा रावल: गौरीशंकर हीराचंद ओझा के अनुसार उनका वास्तविक नाम कालभोज था और बप्पा उपाधि थी।
  • 1303: अलाउद्दीन खिलजी ने रतनसिंह से चित्तौड़ छीना; साथ आए अमीर खुसरो ने ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह में इस घेरे का वर्णन किया। अलाउद्दीन ने किला अपने पुत्र खिज्र खाँ को सौंपा और उसका नाम खिज्राबाद रखा।
  • पद्मिनी: रतनसिंह की रानी की कथा मलिक मुहम्मद जायसी के पद्मावत (1540) से आती है; परंपरा के अनुसार गोरा और बादल लड़ते हुए मारे गए और पद्मिनी ने जौहर किया। अधिकांश आधुनिक इतिहासकार इसे बाद की किंवदंती मानते हैं, क्योंकि 1303 के सबसे पुराने विवरणों में उसका उल्लेख नहीं है।
  • हम्मीर: उनके दादा लक्ष्मणसिंह 1303 में अलाउद्दीन से लड़ते हुए मारे गए। बाद में अलाउद्दीन ने चित्तौड़ जालोर के मालदेव सोनगरा को दिया, और हम्मीर ने उसे मालदेव के परिवार से छीना।
  • सिंगोली (नीमच जिला, मध्य प्रदेश; RBSE पुस्तक में बाँसवाड़ा): हम्मीर ने मुहम्मद बिन तुगलक की दिल्ली सेना को हराया; मेवाड़ की ख्यातें और टॉड यह भी लिखते हैं कि उन्होंने सुल्तान को बंदी बनाया।

लाखा, चूण्डा और मोकल

  • क्रम: हम्मीर, उनके पुत्र क्षेत्रसिंह, फिर लाखा, मोकल और कुंभा।
  • चूण्डा: लाखा के ज्येष्ठ पुत्र। मारवाड़ के रणमल की बहन हंसाबाई का विवाह चूण्डा से होना था, पर इस शर्त पर लाखा से हुआ कि मेवाड़ का उत्तराधिकारी हंसाबाई का पुत्र होगा; इससे चूण्डा राज्याधिकार से वंचित हुए।
  • मोकल: अल्पायु मोकल के संरक्षक चूण्डा रहे, फिर वे मांडू चले गए। 1433 में चाचा और मेरा ने महपा पँवार के साथ मिलकर मोकल की हत्या की।

सांगा के बाद चित्तौड़, 1568 तक

  • सांगा के बाद क्रम: उनके पुत्र रतनसिंह द्वितीय (1528–1531) और विक्रमादित्य, फिर उदयसिंह द्वितीय।
  • 1535: गुजरात के बहादुरशाह ने 1533 में और फिर 1534 से चित्तौड़ घेरा; 8 मार्च 1535 को किला गिरा, इससे पहले रानी कर्णावती (कर्मवती) और स्त्रियों ने जौहर किया।
  • बनवीर: 1536 में (RBSE पुस्तक में 1535) विक्रमादित्य की हत्या हुई और सांगा के भाई पृथ्वीराज का दासीपुत्र बनवीर गद्दी पर बैठा।
  • पन्नाधाय: परंपरा के अनुसार धाय पन्ना ने अपने पुत्र चंदन को उदयसिंह के बिस्तर पर सुला दिया; बनवीर ने उस बालक को मारा, और उदयसिंह को कुंभलगढ़ पहुँचा दिया गया।
  • उदयसिंह द्वितीय: 1537 में कुंभलगढ़ में शासक माने गए; 1540 में बनवीर को हराकर चित्तौड़ लिया।
  • चित्तौड़, 1567–68: अक्टूबर 1567 में अकबर किले पर पहुँचा और फरवरी 1568 में उसे ले लिया। उदयसिंह पहाड़ों में चले गए थे और रक्षा जयमल व पत्ता (फत्ता) को सौंप गए थे; दोनों घेरे में मारे गए।

अमरसिंह प्रथम से राजसिंह प्रथम तक

  • संधि से पहले: 1613 में जहाँगीर अजमेर आया और शाहजादा खुर्रम (बाद में शाहजहाँ) को मेवाड़ अभियान पर भेजा।
  • 1615 की संधि: राणा को स्वयं मुगल दरबार में उपस्थित होने से छूट मिली और उनके पुत्र कर्णसिंह दरबार गए; चित्तौड़ इस शर्त पर लौटाया गया कि उसकी मरम्मत नहीं होगी। जी.एन. शर्मा के अनुसार मेवाड़ को 1,000 घुड़सवार देने थे, सतीश चंद्र के अनुसार 1,500।
  • फिर चित्तौड़: राजसिंह प्रथम ने चित्तौड़ की मरम्मत शुरू की; शाहजहाँ ने सादुल्ला खाँ को भेजा, जिसके सैनिकों ने मरम्मत गिरा दी।
  • राजसिंह प्रथम और औरंगजेब: उन्होंने किशनगढ़ की चारुमति से विवाह किया, जिसका विवाह औरंगजेब से होने वाला था (RBSE पुस्तक में 1669, जी.एन. शर्मा में 1660); 1679 के जजिया का विरोध किया और जसवंतसिंह की मृत्यु के बाद राठौड़ों का साथ दिया। 22 अक्टूबर 1680 को उनकी मृत्यु हुई।
  • राजसमंद: राजसिंह प्रथम ने गोमती नदी को रोककर राजसमंद झील बनवाई, जो 1662 में शुरू होकर 1676 में पूरी हुई; इसके किनारे की राज प्रशस्ति मंदिर पृष्ठ पर है।

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • चित्तौड़ के घेरे1303 अलाउद्दीन खिलजी, रतनसिंह · 1535 बहादुरशाह, विक्रमादित्य · 1568 अकबर, जयमल और पत्ता।
  • दो हम्मीरमेवाड़ के हम्मीर सिसोदिया थे, 1326 में चित्तौड़ लिया · रणथम्भौर के हम्मीरदेव चौहान थे (चौहान पृष्ठ)।
  • दो चूण्डामेवाड़ के चूण्डा, लाखा के पुत्र, गद्दी हंसाबाई के पुत्र के लिए गई · मारवाड़ के राव चूण्डा राठौड़ थे (राठौड़ पृष्ठ)।
  • ऊदा या उदयसिंह द्वितीयऊदा (उदयसिंह प्रथम) ने 1468 में पिता कुंभा की हत्या की · सांगा के पुत्र उदयसिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 18

साहिबदीन नामक चित्रकार को मेवाड़ के किस शासक का संरक्षण प्राप्त था?

  1. (1)महाराणा राजसिंह
  2. (2)महाराणा अमरसिंह
  3. (3)महाराणा जगतसिंह ।
  4. (4)महाराणा कुम्भा
उत्तर देखें

✓ (3) महाराणा जगतसिंह ।

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

संरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 16

मेवाड़ शैली में 1648 ई. में 'भागवत' का चित्रण किसके द्वारा किया गया?

  1. (1)मुस्तफा
  2. (2)हसन
  3. (3)अली रज़ा
  4. (4)साहबदी
उत्तर देखें

पढ़ लिया? अब अभ्यास करें

निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।

अभ्यास प्रश्न →
अगला टॉपिक:राठौड़ (मारवाड़-बीकानेर) →