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राजस्थान के लोक वाद्य यंत्र

राजस्थान के लोक वाद्य बजने के ढंग के अनुसार चार वर्गों में बँटे हैं। परीक्षा में वाद्य का वर्ग, उसे बजाने वाले और वह किस गीत या संस्कार के साथ बजता है, यह पूछा जाता है।

⏱ 4 मिनट पढ़ें2 विस्तृत पृष्ठ✓ तथ्य जाँचे गए 15 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. वाद्यों के चार वर्ग: तत (तार वाले), सुषिर (फूँक वाले), अवनद्ध (चमड़े से मढ़े) और घन (ठोस, स्वयं बजने वाले)।
  2. बेमेल वाद्य: खड़ताल, मशक, शहनाई और अलगोजा में खड़ताल घन है, शेष तीन सुषिर (CET स्नातक 2022)।
  3. रावणहत्था का नाम: कथा के अनुसार यह रावण के नाम पर है ('रावण का हाथ')।

तत वाद्य (तार वाले)

  • रावणहत्थापाबूजी की गाथा का वाद्यबजाने वालेपाबूजी के भोपेविशेषतानारियल के खोल का ढाँचा, बाँस की डंडी और घोड़े की पूँछ के बालों का गज
  • जंतरदो तूँबों वाला वाद्यबजाने वालेदेवनारायणजी के (गुर्जर) भोपेविशेषतावीणा जैसा, दो तूँबों वाला; तारों को ऊपर की ओर छेड़ा जाता है
  • कामायचाबकरे की खाल मढ़ा गज-वाद्यबजाने वालेमांगणियारविशेषताढाँचा आम या रोहिड़ा की लकड़ी के एक ही टुकड़े से; 17 तार
  • सिंधी सारंगीसिंध की गज वाली सारंगीबजाने वालेजैसलमेर और बाड़मेर के लंगाविशेषतालकड़ी के एक ही टुकड़े से बनी; ताँत के चार बजाने वाले तार और इस्पात के 22 सहायक तार
  • सुरिंदागज से बजने वाला तार-वाद्यबजाने वालेलंगा
  • तंदूरा (चौतारा)रामदेवजी के भजनों का वाद्यबजाने वालेकामड़विशेषताचार तार; रामदेवजी के भजनों के साथ बजाया जाता हैपूरे नोट्स पढ़ें →
  • भपंगएक तार का 'बोलता ढोल'बजाने वालेमेवात क्षेत्र (अलवर अंचल) के जोगीविशेषतातूँबे के खोल पर मढ़ी खाल के बीच से निकला एक तार; भजनों के साथ बजता है

सुषिर वाद्य (फूँक वाले)

  • अलगोजाजोड़ी की बाँसुरीविशेषतादो बाँसुरियाँ एक साथ फूँकी जाती हैं, एक से धुन और दूसरी से आधार स्वरपूरे नोट्स पढ़ें →
  • सताराकेवल वादन का वाद्यबजाने वालेजैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र के मेघवालविशेषताअकेले, बिना गायन के, जटिल स्वर-समूहों में बजाया जाता है
  • पूंगीसपेरों का वाद्यबजाने वालेकालबेलियाविशेषतापरंपरागत रूप से साँप पकड़ने के लिए बजाई जाती है
  • मशकबैगपाइप जैसा वाद्यविशेषताचमड़े की थैली में हवा भरी जाती है; इसकी नलियों से आधार स्वर या धुन बजती है
  • शहनाईफूँक का रीड-वाद्यबजाने वालेकुचामनी और शेखावाटी ख्यालविशेषताघूमर के साथ भी बजती है
  • बाँकियाकाँसे की तुरहीबजाने वालेगैरविशेषताजुलूसों और समारोहों में बजता है; गैर में ढोल और थाली के साथ

अवनद्ध वाद्य (चमड़े से मढ़े)

वाद्यबजाने वालेविशेषता
ढोलगैर और घूमरबड़ा, दोनों ओर मढ़ा; लकड़ी के डंडों से बजाया जाता है
ढोलकमांगणियार और लंगा सहित अनेकदोनों ओर मढ़ी; दोनों हाथों से, प्रायः बैठकर बजाई जाती है
नगाड़ागींदड़; हेला ख्याल (बम, बड़ा नगाड़ा)बड़े नगाड़े खड़े होकर बड़े डंडों से, छोटे जोड़ी में बैठकर बजते हैं; पहले युद्ध का वाद्य था
चंगशेखावाटी की होली; तुर्रा कलंगी ख्यालचंग नृत्य में हर नर्तक एक चंग बजाता है
डफचारबैत के गायकबालकों के 'ढप के गीत' इसी के नाम पर हैं
खंजरीकालबेलिया; जोगी
मांदलगवरी में भील

घन वाद्य (ठोस)

वाद्यबजाने वालेविशेषता
खड़ताल (खरताल)मांगणियारलकड़ी की चार पतली पट्टियाँ, दोनों हाथों में दो-दो, नृत्य जैसी झूमती मुद्रा में बजाई जाती हैं
मोरचंगलंगालोहे का छोटा वाद्य, जिसे दाँतों के बीच दबाकर उसकी जीभ उँगली से छेड़ी जाती है; मुँह गूँज का काम करता है
मंजीराकामड़; जोगीधातु की छोटी झाँझें
थालीगैर और गवरी
चिमटारम्मत की मंडलियाँ; जोगी
कागरच्छवागड़ और छप्पन के भीलविभाजित बाँस, जिसके दोनों ओर दाँतेदार खाँचे होते हैं
हाँकललोहे की कई साँकलों का गुच्छा; साँकल (जंजीर) को हाँकल भी कहते हैं
टंकोरा (घंटा-घड़ियाल)काँसे, ताँबे और जस्ते के मिश्रण की मोटी गोल पट्टिका; मंदिरों में आरती के समय और विद्यालयों में समय की सूचना के लिए बजाया जाता है

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • फड़ का वाद्यपाबूजी, रावणहत्था · देवनारायणजी, जंतर।
  • मोरचंग का वर्गसंस्कृति मंत्रालय के इंडियन कल्चर पोर्टल पर घन वाद्य, और राजस्थान पर्यटन इसे ताल-वाद्यों में गिनता है; कई परीक्षा-पुस्तकें इसे सुषिर बताती हैं।
  • भपंग का वर्गपरीक्षा-पुस्तकें इसे तत वाद्य बताती हैं; राजस्थान पर्यटन और सहपीडिया इसे ताल-वाद्य ('बोलता ढोल') कहते हैं।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 20

निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र बाकी तीन से अलग है?

  1. (1)खड़ताल
  2. (2)मशक
  3. (3)शहनाई
  4. (4)अलगोज़ा
उत्तर देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 128

लोक वाद्ययंत्र 'चौतारा' के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए : A. यह चार तारों वाला वाद्ययंत्र है । B. यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है ।

  1. (1)केवल A सत्य है ।
  2. (2)केवल B सत्य है ।
  3. (3)A और B दोनों सत्य हैं ।
  4. (4)A और B दोनों असत्य हैं ।
उत्तर देखें

✓ (3) A और B दोनों सत्य हैं ।

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 136

निम्नलिखित में से कौन सा घनवाद्य है ?

  1. (1)कुंडी
  2. (2)करना
  3. (3)पेली
  4. (4)टंकोरा
उत्तर देखें

संरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 6

वागड़ एवं छप्पन के भीलों का लोक वाद्य, जो एक विभाजित बांस के दोनों ओर दाँतेदार खांचों से बना होता है, कहलाता है –

  1. (1)हाँकल
  2. (2)चिपिया
  3. (3)कागरच्छ
  4. (4)खड़ताल
उत्तर देखें

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