एक नज़र में
- वाद्यों के चार वर्ग: तत (तार वाले), सुषिर (फूँक वाले), अवनद्ध (चमड़े से मढ़े) और घन (ठोस, स्वयं बजने वाले)।
- बेमेल वाद्य: खड़ताल, मशक, शहनाई और अलगोजा में खड़ताल घन है, शेष तीन सुषिर (CET स्नातक 2022)।
- रावणहत्था का नाम: कथा के अनुसार यह रावण के नाम पर है ('रावण का हाथ')।
तत वाद्य (तार वाले)
- रावणहत्थापाबूजी की गाथा का वाद्यबजाने वालेपाबूजी के भोपेविशेषतानारियल के खोल का ढाँचा, बाँस की डंडी और घोड़े की पूँछ के बालों का गज
- जंतरदो तूँबों वाला वाद्यबजाने वालेदेवनारायणजी के (गुर्जर) भोपेविशेषतावीणा जैसा, दो तूँबों वाला; तारों को ऊपर की ओर छेड़ा जाता है
- कामायचाबकरे की खाल मढ़ा गज-वाद्यबजाने वालेमांगणियारविशेषताढाँचा आम या रोहिड़ा की लकड़ी के एक ही टुकड़े से; 17 तार
- सिंधी सारंगीसिंध की गज वाली सारंगीबजाने वालेजैसलमेर और बाड़मेर के लंगाविशेषतालकड़ी के एक ही टुकड़े से बनी; ताँत के चार बजाने वाले तार और इस्पात के 22 सहायक तार
- सुरिंदागज से बजने वाला तार-वाद्यबजाने वालेलंगा
- तंदूरा (चौतारा)रामदेवजी के भजनों का वाद्यबजाने वालेकामड़विशेषताचार तार; रामदेवजी के भजनों के साथ बजाया जाता हैपूरे नोट्स पढ़ें →
- भपंगएक तार का 'बोलता ढोल'बजाने वालेमेवात क्षेत्र (अलवर अंचल) के जोगीविशेषतातूँबे के खोल पर मढ़ी खाल के बीच से निकला एक तार; भजनों के साथ बजता है
सुषिर वाद्य (फूँक वाले)
- अलगोजाजोड़ी की बाँसुरीविशेषतादो बाँसुरियाँ एक साथ फूँकी जाती हैं, एक से धुन और दूसरी से आधार स्वरपूरे नोट्स पढ़ें →
- सताराकेवल वादन का वाद्यबजाने वालेजैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र के मेघवालविशेषताअकेले, बिना गायन के, जटिल स्वर-समूहों में बजाया जाता है
- पूंगीसपेरों का वाद्यबजाने वालेकालबेलियाविशेषतापरंपरागत रूप से साँप पकड़ने के लिए बजाई जाती है
- मशकबैगपाइप जैसा वाद्यविशेषताचमड़े की थैली में हवा भरी जाती है; इसकी नलियों से आधार स्वर या धुन बजती है
- शहनाईफूँक का रीड-वाद्यबजाने वालेकुचामनी और शेखावाटी ख्यालविशेषताघूमर के साथ भी बजती है
- बाँकियाकाँसे की तुरहीबजाने वालेगैरविशेषताजुलूसों और समारोहों में बजता है; गैर में ढोल और थाली के साथ
अवनद्ध वाद्य (चमड़े से मढ़े)
| वाद्य | बजाने वाले | विशेषता |
|---|---|---|
| ढोल | गैर और घूमर | बड़ा, दोनों ओर मढ़ा; लकड़ी के डंडों से बजाया जाता है |
| ढोलक | मांगणियार और लंगा सहित अनेक | दोनों ओर मढ़ी; दोनों हाथों से, प्रायः बैठकर बजाई जाती है |
| नगाड़ा | गींदड़; हेला ख्याल (बम, बड़ा नगाड़ा) | बड़े नगाड़े खड़े होकर बड़े डंडों से, छोटे जोड़ी में बैठकर बजते हैं; पहले युद्ध का वाद्य था |
| चंग | शेखावाटी की होली; तुर्रा कलंगी ख्याल | चंग नृत्य में हर नर्तक एक चंग बजाता है |
| डफ | चारबैत के गायक | बालकों के 'ढप के गीत' इसी के नाम पर हैं |
| खंजरी | कालबेलिया; जोगी | |
| मांदल | गवरी में भील |
घन वाद्य (ठोस)
| वाद्य | बजाने वाले | विशेषता |
|---|---|---|
| खड़ताल (खरताल) | मांगणियार | लकड़ी की चार पतली पट्टियाँ, दोनों हाथों में दो-दो, नृत्य जैसी झूमती मुद्रा में बजाई जाती हैं |
| मोरचंग | लंगा | लोहे का छोटा वाद्य, जिसे दाँतों के बीच दबाकर उसकी जीभ उँगली से छेड़ी जाती है; मुँह गूँज का काम करता है |
| मंजीरा | कामड़; जोगी | धातु की छोटी झाँझें |
| थाली | गैर और गवरी | |
| चिमटा | रम्मत की मंडलियाँ; जोगी | |
| कागरच्छ | वागड़ और छप्पन के भील | विभाजित बाँस, जिसके दोनों ओर दाँतेदार खाँचे होते हैं |
| हाँकल | लोहे की कई साँकलों का गुच्छा; साँकल (जंजीर) को हाँकल भी कहते हैं | |
| टंकोरा (घंटा-घड़ियाल) | काँसे, ताँबे और जस्ते के मिश्रण की मोटी गोल पट्टिका; मंदिरों में आरती के समय और विद्यालयों में समय की सूचना के लिए बजाया जाता है |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- फड़ का वाद्यपाबूजी, रावणहत्था · देवनारायणजी, जंतर।
- मोरचंग का वर्गसंस्कृति मंत्रालय के इंडियन कल्चर पोर्टल पर घन वाद्य, और राजस्थान पर्यटन इसे ताल-वाद्यों में गिनता है; कई परीक्षा-पुस्तकें इसे सुषिर बताती हैं।
- भपंग का वर्गपरीक्षा-पुस्तकें इसे तत वाद्य बताती हैं; राजस्थान पर्यटन और सहपीडिया इसे ताल-वाद्य ('बोलता ढोल') कहते हैं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 20
निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र बाकी तीन से अलग है?
- (1)खड़ताल
- (2)मशक
- (3)शहनाई
- (4)अलगोज़ा
उत्तर देखें
✓ (1) खड़ताल
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 128
लोक वाद्ययंत्र 'चौतारा' के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए : A. यह चार तारों वाला वाद्ययंत्र है । B. यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है ।
- (1)केवल A सत्य है ।
- (2)केवल B सत्य है ।
- (3)A और B दोनों सत्य हैं ।
- (4)A और B दोनों असत्य हैं ।
उत्तर देखें
✓ (3) A और B दोनों सत्य हैं ।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 136
निम्नलिखित में से कौन सा घनवाद्य है ?
- (1)कुंडी
- (2)करना
- (3)पेली
- (4)टंकोरा
उत्तर देखें
✓ (4) टंकोरा
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 6
वागड़ एवं छप्पन के भीलों का लोक वाद्य, जो एक विभाजित बांस के दोनों ओर दाँतेदार खांचों से बना होता है, कहलाता है –
- (1)हाँकल
- (2)चिपिया
- (3)कागरच्छ
- (4)खड़ताल
उत्तर देखें
✓ (3) कागरच्छ
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