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आमेर-जयपुर के कछवाहा

कछवाहों ने ढूँढाड़ पर पहले दौसा से, फिर जमवारामगढ़ और आमेर से, और बाद में जयपुर से शासन किया, जिसे सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 में बसाया।

⏱ 5 मिनट पढ़ें2 विस्तृत पृष्ठ✓ तथ्य जाँचे गए 16 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. बारह कोटड़ी (प्रश्नपत्र में 'बारह कोठरी'): कछवाहों के बारह प्रमुख सामंत घराने, नौ पृथ्वीराज के पुत्रों से और तीन पुरानी शाखाओं से; आरपीएससी की उत्तर कुंजी (संरक्षण अधिकारी 2024) इसे आमेर से जोड़ती है।
  2. मुगल अधीनता स्वीकार करने वाले पहले राजपूत शासक: भारमल, 1562।
  3. राजधानियाँ: दौसा, फिर जमवारामगढ़, फिर आमेर, फिर जयपुर।
  4. कुलदेवी: जमवाय माता, जमवारामगढ़ में।

उत्पत्ति और आमेर

  • कछवाहे स्वयं को राम के पुत्र कुश का वंशज मानते हैं।
  • दूल्हेराय (दुलहराय) ने बड़गूजरों को हराकर ढूँढाड़ में कछवाहा राज्य स्थापित किया। उन्होंने मीणों से माँच लिया, उसका नाम रामगढ़ (जमवारामगढ़) रखा और उसे राजधानी बनाया।
  • दूल्हेराय के उत्तराधिकारी कोकिलदेव (काकिल) ने मीणों से आमेर लिया।
  • तिथियाँ अलग-अलग हैं: आरबीएसई पुस्तक दूल्हेराय के नए राज्य के लिए 1137 ई. और कोकिलदेव के आमेर लेने के लिए 1207 ई. देती है; जदुनाथ सरकार काकिल का उत्तराधिकार लगभग 1070 ई. में रखते हैं और वंश की ख्यातों की तिथियों को विश्वसनीय नहीं मानते।

आमेर और जयपुर के शासक

दोनों जयसिंहों के बीच रामसिंह प्रथम (1667–1688 ई.) और बिशनसिंह (1688–1699 ई.) शासक रहे; बिशनसिंह सवाई जयसिंह द्वितीय के पिता थे। माधोसिंह प्रथम के बाद उनके पुत्र पृथ्वीसिंह द्वितीय (1768–1778 ई.) आए, जो प्रतापसिंह के बड़े भाई थे।

भारमल और मुगलों से संधि

  • जनवरी 1562: भारमल अकबर की अजमेर यात्रा के समय सांगानेर में उनसे मिले।
  • फरवरी 1562: अकबर के लौटते समय भारमल की पुत्री हरखाबाई, जो बाद में मरियम-उज़-ज़मानी कहलाईं, का विवाह सांभर में अकबर से हुआ; वे जहाँगीर की माता थीं।
  • इसके बाद उनके पुत्र भगवंतदास और पौत्र मानसिंह अकबर की सेवा में आए।
  • अकबर की राजपूत नीति और आमेर के बाद साथ आए घराने: 'राजपूत, सल्तनत और मुगल' के नोट्स देखें।

मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम

शासनकाल1621–1667 ई.; दस या ग्यारह वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठे
परिवारमहासिंह के पुत्र; अपने दादा के भाई भाऊसिंह के बाद शासक बने
सेवाजहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब
मिर्जा राजा की उपाधिशाहजहाँ ने दी: आरबीएसई पुस्तक में 1637, जदुनाथ सरकार में 20 अप्रैल 1639
पुरंदर की संधि11 जून 1665, शिवाजी से, पुरंदर किले की घेराबंदी के बाद: 23 किले मुगलों को मिले और 12 शिवाजी के पास रहे
मृत्यु28 अगस्त 1667, बुरहानपुर में; उनके पुत्र रामसिंह प्रथम उत्तराधिकारी बने
दरबारी कविबिहारी, जिन्होंने लगभग 700 दोहों की सतसई रची

ईश्वरीसिंह और माधोसिंह प्रथम

घटनातिथिक्या हुआ
दावा1743सवाई जयसिंह द्वितीय की मृत्यु पर उनके पुत्र ईश्वरीसिंह गद्दी पर बैठे। मेवाड़ की राजकुमारी से जन्मे जयसिंह के पुत्र माधोसिंह ने 1708 के उस समझौते के आधार पर दावा किया कि ऐसा पुत्र ही उत्तराधिकारी होगा; महाराणा जगतसिंह द्वितीय उनके समर्थक थे
राजमहल1–2 मार्च 1747ईश्वरीसिंह की सेना ने माधोसिंह और उनके सहयोगियों, मेवाड़, कोटा, बूँदी के उम्मेदसिंह और होल्कर के मराठों, को हराया। राजमहल बनास के किनारे, देवली के पास है
बगरूअगस्त 1748माधोसिंह होल्कर के मराठों और बूँदी के साथ फिर आए। छह दिन की लड़ाई के बाद ईश्वरीसिंह ने उन्हें पाँच परगने देना और बूँदी उम्मेदसिंह को सौंपना स्वीकार किया
ईश्वरीसिंह की मृत्यु12 दिसंबर 1750होल्कर की सेना के जयपुर के पास पहुँचने पर उन्होंने आत्महत्या की, और माधोसिंह शासक बने
  • 1763: माधोसिंह प्रथम ने सवाई माधोपुर बसाया। 1768 में उनकी मृत्यु हुई।

सवाई प्रतापसिंह

शासनकाल1778–1803 ई.; बड़े भाई पृथ्वीसिंह द्वितीय के बाद आए; दोनों माधोसिंह प्रथम के पुत्र थे
तूंगा, 28 जुलाई 1787जयपुर और मारवाड़ बनाम महादजी सिंधिया; इसे लालसोट का युद्ध भी कहते हैं। मैदान में कोई पक्ष नहीं जीता; राजपूतों ने इसे अपनी विजय कहा, पर महादजी का अभियान विफल रहा और वे लौट गए
उपनामकवि के रूप में बृजनिधि
चित्रकलाइनके समय की जयपुर शैली: चित्रशैलियों के नोट्स देखें

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • दो जयसिंहमिर्जा राजा जयसिंह प्रथम (1621–1667), पुरंदर की संधि 1665 · सवाई जयसिंह द्वितीय (1700–1743), जयपुर की स्थापना 1727।
  • मिर्जा राजाअकबर ने यह उपाधि मानसिंह प्रथम को दी · जहाँगीर ने भाऊसिंह को · शाहजहाँ ने जयसिंह प्रथम को।
  • तीन मानसिंहआमेर के मानसिंह प्रथम, अकबर के सेनापति (1589–1614) · जयपुर के सवाई मानसिंह द्वितीय, राजस्थान के पहले राजप्रमुख · जोधपुर के महाराजा मानसिंह, महामंदिर (1812)।
  • राजमहल या बगरूराजमहल 1747, ईश्वरीसिंह की विजय · बगरू 1748, माधोसिंह को पाँच परगने।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

संरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 1

'बारह कोठरी' निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित है?

  1. (1)अजमेर
  2. (2)मेवाड़
  3. (3)आमेर
  4. (4)भीनमाल
उत्तर देखें

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