एक नज़र में
- यूनेस्को: राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत और नृत्य 2010 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किए गए।
- व्यावसायिक लोकनृत्यों में भवाई, कच्छी घोड़ी और जालोर का ढोल नृत्य आते हैं।
- पुरुषों के होली नृत्य: गैर, गींदड़, चंग और बम।
- प्रसिद्ध कलाकार: गुलाबो सपेरा, कालबेलिया (पद्मश्री 2016) · फलकू बाई, चरी · दयाराम, भवाई।
- तीन भाग: उदयपुर के भारतीय लोक कला मंडल के संस्थापक देवीलाल सामर ने राजस्थान के लोकनृत्यों को पहाड़ी, रेगिस्तानी (RBSE पुस्तक में 'राजस्थानी') और पूर्वी मैदानी, तीन भागों में बाँटा।
प्रमुख लोक नृत्य
- घूमरप्रसिद्ध राज्य नृत्यकौन करता हैमहिलाएँकहाँ और कबविवाह, पर्व और अन्य मांगलिक अवसरविशेषताघूमते समय लहंगे का घेर गोलाई में फैलता हैपूरे नोट्स पढ़ें →
- कालबेलियासर्प जैसी चाल का नृत्यकौन करता हैकालबेलिया समुदाय की महिलाएँ; पुरुष वाद्य बजाते हैंविशेषतालहराता काला घाघरा; पूंगी और खंजरीपूरे नोट्स पढ़ें →
- गैरहोली का डंडा नृत्यकौन करता हैपुरुष; विशेषकर भीलों से जुड़ाकहाँ और कबहोली; मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्रविशेषतागोल घेरे में डंडे टकराते नर्तक, जो 'गेरिये' कहलाते हैंपूरे नोट्स पढ़ें →
- भवाईमटकों के संतुलन का नृत्यकौन करता हैव्यावसायिक कलाकार, पुरुष और महिलाएँविशेषतातलवार और काँच के टुकड़ों पर नृत्य के करतबपूरे नोट्स पढ़ें →
- तेरहतालीतेरह मंजीरों का नृत्यकौन करता हैकामड़ महिलाएँविशेषताशरीर पर बँधे मंजीरों के साथ बैठकर, रामदेवजी के यशगान में
- चरीजलते दीपक वाली चरीकौन करता हैगुर्जर महिलाएँकहाँ और कबकिशनगढ़विशेषतासिर पर पीतल की चरी का संतुलन
- घुड़लाछिद्रित मटके का नृत्यकौन करता हैमहिलाएँकहाँ और कबजोधपुरविशेषतासिर पर छेदों वाले मटके (घुड़ला) में जलता दीपक
- कच्छी घोड़ीनकली घोड़ी का नृत्यकौन करता हैपुरुषकहाँ और कबशेखावाटी; विवाहविशेषतावीर वेश में सवार के हाथ में तलवार
- ढोल नृत्यव्यावसायिक ढोल नृत्यकौन करता हैमाली, ढोली, सरगड़ा और भील पुरुषकहाँ और कबजालोर; विवाहविशेषताएक साथ चार-पाँच ढोल, थाकना शैली से आरंभ
- अग्नि नृत्यधधकते अंगारों पर नृत्यकौन करता हैजसनाथी संप्रदाय के पुरुषकहाँ और कबकतरियासर गाँव, बीकानेरविशेषताअंगारों के ढेर को 'धूणा' कहते हैं
- गींदड़होली पर सप्ताह-भर का नृत्यकौन करता हैपुरुषकहाँ और कबशेखावाटी; होलीविशेषतानगाड़े की चोट पर डंडे टकराना
- चंगचंग के साथ होली नृत्यकौन करता हैपुरुषकहाँ और कबशेखावाटी; होलीविशेषताहर नर्तक घेरे में चंग बजाता है; फिर बीच में धमाल और होली के गीत
- बमबड़े नगाड़े का नृत्यकौन करता हैपुरुषकहाँ और कबभरतपुर-अलवर क्षेत्र; फाल्गुनविशेषता'बम' नामक बड़ा नगाड़ा, दो मोटे डंडों से बजाया जाता है
- चकरीतेज़ी से घूमने का नृत्यकौन करता हैकंजर महिलाएँकहाँ और कबहाड़ौती
- वालरगरासियों का वाद्यहीन नृत्यकौन करता हैस्त्री-पुरुषकहाँ और कबसिरोही क्षेत्रविशेषताधीमी गति; बाहर के अर्द्धवृत्त में पुरुष, भीतर के में महिलाएँ
- लूरगरासियों का विवाह नृत्यकौन करता हैगरासिया महिलाएँकहाँ और कबफाल्गुन से होलिका दहन तक
- मावलियाकथौड़ी जनजाति का नृत्यकौन करता हैपुरुषकहाँ और कबनवरात्र
समुदायों के अन्य नृत्य
| समुदाय | नृत्य |
|---|---|
| भील | नेजा, रमणी, युद्ध, हाथीमना, घूमरा; गवरी (नृत्य-नाट्य) |
| गरासिया | घूमर, गौर, जवारा, मोरिया, कूद, मांदल |
| कालबेलिया | इंडोणी, पणिहारी, बागड़िया, शंकरिया |
| गुर्जर | झूमर |
| कंजर | धाकड़ |
| बंजारा | मछली |
| सहरिया | शिकार |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- मटके वाले नृत्यचरी में गुर्जर महिलाएँ जलते दीपक वाली पीतल की चरी रखती हैं · घुड़ला में जोधपुर की महिलाएँ छेदों वाले मटके में जलता दीपक रखती हैं · भवाई में व्यावसायिक कलाकार मटकों की कतार रखते हैं · तेरहताली की पहचान 13 मंजीरे हैं, जिन्हें कामड़ महिलाएँ बैठकर बजाती हैं।
- चकरीराजस्थान फाउंडेशन के अनुसार हाड़ौती की कंजर महिलाओं का नृत्य; RBSE की पुस्तक इसे कालबेलियों और कंजरों, दोनों के नृत्यों में गिनाती है।
- वालर या लूरवालर धीमा नृत्य है और इसमें कोई वाद्य नहीं होता · लूर गरासियों का विवाह से जुड़ा नृत्य है, जिसमें एक दल दूसरे से रिश्ते की माँग करता है (संरक्षण अधिकारी 2024)।
- अग्नि नृत्यजसनाथी संप्रदाय के पुरुष करते हैं; बिश्नोई, रामस्नेही या दादूपंथ के नहीं (RAS प्रारंभिक 2023)।
- गैर, गींदड़ या चंगगैर मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्र का है · गींदड़ और चंग शेखावाटी के हैं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 19
‘फल्कू बाई’ का सम्बन्ध किस लोक नृत्य से है?
- (1)भवाई नृत्य
- (2)चरी नृत्य
- (3)कालबेलिया नृत्य
- (4)तेरहताली नृत्य
उत्तर देखें
✓ (2) चरी नृत्य
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 128
राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है ?
- (1)बिश्नोई संप्रदाय
- (2)रामस्नेही संप्रदाय
- (3)जसनाथी सिद्ध
- (4)दादू पंथ
उत्तर देखें
✓ (3) जसनाथी सिद्ध
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 4
गरासिया जनजाति में विवाह से संबंधित लोकनृत्य कौनसा है?
- (1)कूद
- (2)वालर
- (3)लूर
- (4)घूमर
उत्तर देखें
✓ (3) लूर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंपढ़ लिया? अब अभ्यास करें
निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।
अभ्यास प्रश्न →