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राजस्थान का शास्त्रीय संगीत

राजस्थान के शासकों ने संगीतज्ञों और गायकी का सम्मान किया और यहाँ संगीत के घराने विकसित हुए। इन नोट्स में दरबारों के ग्रंथ, जयपुर का संगीत विभाग, जयपुर-अतरौली घराना और ग्रैमी विजेता संगीतज्ञ हैं; लोक संगीत के अलग पृष्ठ हैं।

⏱ 2 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 23 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. मेवाड़ के महाराणा कुंभा ने संगीत ग्रंथ संगीतराज, संगीत मीमांसा और सूड प्रबंध लिखे।
  2. पुंडरीक विट्ठल ने रागमंजरी आमेर के कछवाहा राजकुमार माधोसिंह के लिए लिखी, जो राजा मानसिंह के भाई थे।
  3. बीकानेर में महाराजा अनूपसिंह के संगीतशास्त्री भावभट्ट ने अनूप संगीत विलास, अनूप संगीत रत्नाकर और अनूप संगीतांकुश लिखे।
  4. जयपुर दरबार का संगीतज्ञों और नर्तकों का विभाग गुणीजनखाना था; यहाँ के दरबारी संगीतज्ञ चाँद खाँ ने स्वर सागर लिखा।
  5. उस्ताद अल्लादिया खाँ ने ख्याल गायकी के जयपुर-अतरौली घराने की नींव रखी।
  6. मोहन वीणा के जनक जयपुर के पं. विश्व मोहन भट्ट को 'ए मीटिंग बाय द रिवर' के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।

दरबार, आश्रयदाता और ग्रंथ

दरबार / शासकग्रंथ या व्यक्तिटिप्पणी
मेवाड़: महाराणा कुंभा (1433-1468)रसिकप्रिया, जयदेव के गीतगोविंद पर उनकी टीकासंगीतराज पाँच भागों (रत्नकोश) में है: पाठ्य, गीत, वाद्य, नृत्य और रस
आमेर के कछवाहा: माधोसिंहपुंडरीक विट्ठलकर्नाटक के संगीतशास्त्री; बाद में अकबर के दरबार में रागमाला और नर्तन निर्णय लिखे
बीकानेर: महाराजा अनूपसिंहभावभट्टअनूपसिंह ने कुंभा के संगीत ग्रंथों का पूरा संग्रह भी एकत्र करवाया
जयपुरगुणीजनखाना; राधा गोविंद संगीत सारराधा गोविंद संगीत सार सवाई प्रतापसिंह (1778-1803) के समय संकलित हुआ

जयपुर-अतरौली घराना

संस्थापकउस्ताद अल्लादिया खाँ (1855-1946)
नामउनका परिवार अलीगढ़ के पास अतरौली से था और बाद में उनियारा में बस गया; इसलिए घराना जयपुर, अतरौली या जयपुर-अतरौली कहलाता है
शैलीख्याल गायकी

जयपुर का एक कथक घराना भी है, जो नृत्य का है; राजस्थान के लोक संगीत, लोक वाद्य और लोक नृत्य के अलग पृष्ठ हैं।

पं. विश्व मोहन भट्ट

नगरजयपुर
वाद्यमोहन वीणा, जिसे उन्होंने गिटार का रूप बदलकर और 14 तार जोड़कर बनाया
ग्रैमी36वें ग्रैमी पुरस्कार (1994) में सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड म्यूज़िक एल्बम, राय कूडर के साथ
अन्य सम्मानसंगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1998), पद्म श्री (2002) और पद्म भूषण (2017)

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • ग्रंथकारकुंभा, मेवाड़ · पुंडरीक विट्ठल, आमेर के माधोसिंह, फिर अकबर · भावभट्ट, बीकानेर के अनूपसिंह · चाँद खाँ, जयपुर।
  • गीतगोविंद की टीकाएँरसिकप्रिया कुंभा की · अनूपोदय अनूपसिंह की।
  • तीन जयपुरगुणीजनखाना दरबार का कलाकार विभाग · जयपुर-अतरौली ख्याल का घराना · कथक का जयपुर घराना नृत्य।
  • ग्रैमी का वर्ष36वाँ ग्रैमी समारोह 1994 में हुआ; कुछ पुस्तकें 1993 लिखती हैं। एल्बम के लिए 1994 का पुरस्कार ग्रैमी था; संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1998) और पद्म श्री (2002) बाद में मिले।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

बीएसटीसी 2026 (प्रथम पारी) · प्रश्न 56

निम्नांकित में से जयपुर के किस दरबारी संगीतज्ञ ने ‘स्वर–सागर’ नामक ग्रंथ लिखा था?

  1. (1)भट्ट द्वारकानाथ
  2. (2)देवर्षि भट्ट
  3. (3)अली भगवान
  4. (4)चाँद खाँ
उत्तर देखें

बीएसटीसी 2026 (प्रथम पारी) · प्रश्न 63

पंडित विश्व मोहन भट्ट को उनके एल्बम ‘ए मीटिंग बाय द रिवर’ के लिए 1994 में कौनसा पुरस्कार दिया गया था?

  1. (1)संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  2. (2)पद्म श्री
  3. (3)ग्रैमी पुरस्कार
  4. (4)कालिदास सम्मान
उत्तर देखें

✓ (3) ग्रैमी पुरस्कार

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

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