एक नज़र में
- यूनेस्को सूची में नहीं: मेहरानगढ़, जूनागढ़, लोहागढ़, जालौर, सिवाणा, भटनेर और दोनों तारागढ़।
- अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण: रणथंभौर 1301 · चित्तौड़गढ़ 1303 · सिवाणा 1310 (कई इतिहास-ग्रंथों में 1308) · जालौर 1311।
- नाम परिवर्तन: बीकानेर के सूरतसिंह ने 1805 में मंगलवार के दिन भटनेर जीता, तब से यह हनुमानगढ़ कहलाया।
- शुक्र तालाब: नागौर दुर्ग के भीतर का तालाब।
प्रमुख दुर्ग
- चित्तौड़गढ़तीन साकेस्थानचित्तौड़गढ़ शहर, मेसा पठार परनिर्माता एवं कालपरंपरा से चित्रांग (चित्रांगद) मौर्य; 8वीं सदी में बप्पा रावल का अधिकारप्रसिद्धिविजय स्तंभ और कीर्ति स्तंभपूरे नोट्स पढ़ें →
- कुंभलगढ़मेवाड़ का शरण-दुर्गस्थानकुंभलगढ़, राजसमंदनिर्माता एवं कालराणा कुंभा, 15वीं सदी; शिल्पी मंडनप्रसिद्धि36 किमी की दीवार; महाराणा प्रताप की जन्मस्थलीपूरे नोट्स पढ़ें →
- रणथंभौरहम्मीर देव का दुर्गस्थानसवाई माधोपुर के पास, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान मेंनिर्माता एवं कालअजमेर के चौहान; RBSE पुस्तक के अनुसार 8वीं सदी, अन्य विवरणों में 10वीं सदी का मध्यप्रसिद्धित्रिनेत्र गणेश मंदिरपूरे नोट्स पढ़ें →
- जैसलमेर (सोनार किला)जीवित स्वर्ण दुर्गस्थानजैसलमेर, त्रिकूट पहाड़ी परनिर्माता एवं कालभाटी शासक रावल जैसल, 1155 ई. (कुछ विवरणों में 1156)प्रसिद्धिपीला बलुआ पत्थर; 99 बुर्जपूरे नोट्स पढ़ें →
- गागरोणजल दुर्गस्थानझालावाड़ के पास, कालीसिंध और आहू के संगम परनिर्माता एवं कालडोड परमार; RBSE पुस्तक के अनुसार 11वीं सदी, अन्य विवरणों में 12वीं सदी (बीजलदेव डोड)प्रसिद्धि1423 में अचलदास खींची का बलिदान; संत पीपापूरे नोट्स पढ़ें →
- आमेरजयपुर से पहले कछवाहा राजधानीस्थानआमेर, जयपुर से लगभग 11 किमीनिर्माता एवं कालमानसिंह प्रथम ने 1592 में महल शुरू करवायाप्रसिद्धिशीश महल, सुख निवास, मावठा झीलपूरे नोट्स पढ़ें →
- मेहरानगढ़राठौड़ों का गढ़स्थानजोधपुर, चिड़ियाटूँक पहाड़ी परनिर्माता एवं कालराव जोधा, 1459 ई.प्रसिद्धिचामुंडा माता मंदिर; दूसरे द्वार पर जयपुर की सेना के तोप-गोलों के निशान
- जूनागढ़खाई से घिरा दुर्गस्थानबीकानेरनिर्माता एवं कालराजा रायसिंह, 1589–94 ई. (राजस्थान पर्यटन: 1588)प्रसिद्धिसूरजपोल पर रायसिंह प्रशस्ति और हाथी पर सवार जयमल-पत्ता की मूर्तियाँ
- लोहागढ़लौह दुर्गस्थानभरतपुरनिर्माता एवं कालमहाराजा सूरजमल, 1733 ई. (कुछ विवरणों में 1732)प्रसिद्धिमिट्टी की बाहरी दीवारें और गहरी खाई; 1805 में लॉर्ड लेक के आक्रमण विफल
- जालौरसोनगिरि का दुर्गस्थानजालौर, सूकड़ी नदी के किनारे सोनगिरि पहाड़ी परनिर्माता एवं कालप्रतिहार, 8वीं सदीप्रसिद्धिमलिक शाह की मस्जिद; तोपखाना
- सिवाणाशीतलदेव का दुर्गस्थानसिवाणा (तब बाड़मेर जिला, अब बालोतरा), छप्पन के पहाड़ परनिर्माता एवं कालपरमार वीरनारायण, 954 ई. (RBSE); चारण परंपरा के अनुसार 11वीं सदी के परमार राजा भोज का पुत्रप्रसिद्धि'अणखलो सिवाणो'; मारवाड़ के शासकों मालदेव और चंद्रसेन का शरण-स्थल
- भटनेरघग्घर का ईंटों का दुर्गस्थानहनुमानगढ़, घग्घर के किनारेनिर्माता एवं कालभूपत भाटी, प्रचलित तिथि 295 ई.प्रसिद्धि1398 में तैमूर का आक्रमण; वर्षा जल के 52 कुंड (संरक्षण अधिकारी 2024 की कुंजी)
- तारागढ़ (अजमेर)चौहानों का पहाड़ी दुर्गस्थानअजमेरनिर्माता एवं कालअजयपाल (अजयराज) चौहानप्रसिद्धिगढ़ बीठली और अजयमेरु भी कहलाता है; मीरान साहब की दरगाह
- तारागढ़ (बूंदी)तारे-सा दिखता दुर्गस्थानबूंदीनिर्माता एवं कालराव बरसिंह, 14वीं सदीप्रसिद्धिराव उम्मेदसिंह की चित्रशाला
- अहिच्छत्रगढ़फन वाले नाग का दुर्गस्थाननागौरप्रसिद्धिसंरक्षण के लिए यूनेस्को एशिया-प्रशांत उत्कृष्टता पुरस्कार, 2002
- नाहरगढ़मराठों से रक्षा का दुर्गस्थानजयपुरनिर्माता एवं कालसवाई जयसिंह द्वितीय, 1734 ई.; 1868 में विस्तारप्रसिद्धिसुदर्शनगढ़ भी कहलाता है; सवाई माधोसिंह का माधवेंद्र भवन
- जयगढ़तोपों का दुर्गस्थानआमेर, जयपुरनिर्माता एवं कालवर्तमान स्वरूप सवाई जयसिंह द्वितीय ने दिया, 18वीं सदी के आरंभ मेंप्रसिद्धिजयबाण तोप; तोप ढालने का कारखाना
- तिमनगढ़तिमनपाल का दुर्गस्थानकरौली से लगभग 40 किमीप्रसिद्धिपत्थर के खंभों पर देवी-देवताओं की मूर्तियाँ
- गुगोरबारां का टीले वाला दुर्गस्थानगुगोर गाँव, छबड़ा से 8 किमी, बारांप्रसिद्धिपार्वती नदी के किनारे
- बाला किलायुवा किलास्थानअलवरनिर्माता एवं काल10वीं सदी के मिट्टी के किले की नींव परप्रसिद्धिछह द्वार: जय, सूरज, लक्ष्मण, चाँद, कृष्ण पोल और अंधेरी गेट
यूनेस्को विश्व धरोहर: राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग
| सूची में शामिल | जून 2013 में, नोम पेन्ह में विश्व धरोहर समिति के 37वें सत्र में |
|---|---|
| मापदंड | सांस्कृतिक, (ii) और (iii) |
| छह दुर्ग | चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोण, आमेर और जैसलमेर |
दुर्गों के प्रकार
शुक्रनीति में दुर्ग को राज्य के सात अंगों में से एक माना गया है। दुर्गों को उनकी रक्षा करने वाली चीज़ के आधार पर बाँटा जाता है, और एक दुर्ग एक से अधिक प्रकारों में आ सकता है।
- औदक या जल दुर्ग: जल से घिरा, जैसे गागरोण और भैंसरोड़गढ़ (चंबल और बामनी पर)।
- गिरि दुर्ग: ऊँचे पर्वत पर; राजस्थान के अधिकांश दुर्ग, जैसे चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़ और मेहरानगढ़।
- धान्वन दुर्ग: मरुभूमि में बना, जैसे जैसलमेर।
- वन दुर्ग: सघन वन में बना, जैसे सिवाणा।
- एरण दुर्ग: जिसका मार्ग खाई, काँटों और पत्थरों से दुर्गम हो, जैसे चित्तौड़गढ़ और जालौर।
- पारिख दुर्ग: जिसके चारों ओर बहुत बड़ी खाई हो, जैसे भरतपुर का लोहागढ़ और बीकानेर का जूनागढ़।
- पारिध दुर्ग: जिसके चारों ओर बड़ी-बड़ी दीवारों का परकोटा हो, जैसे चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर।
- सैन्य दुर्ग: जिसमें युद्ध की व्यूह-रचना में चतुर सैनिक रहते हों; इसे सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
- सहाय दुर्ग: जिसमें शूरवीर और सदा साथ देने वाले बांधव रहते हों।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- सिवाणा का प्रकारRBSE पुस्तक में वन दुर्ग · RAS प्रारंभिक 2023 की कुंजी में गिरि दुर्ग।
- गागरोण का प्रकारजल (औदक) दुर्ग · यह पहाड़ी पर भी है, इसलिए राजस्थान पर्यटन इसे पहाड़ी एवं जल दुर्ग कहता है।
- गर्भ गुंजन तोपRBSE पुस्तक में बूंदी के तारागढ़ में · राजस्थान पर्यटन इसी नाम की तोप अजमेर के तारागढ़ के भीम बुर्ज पर बताता है।
- जालौर का तोपखानाRBSE पुस्तक में एक मस्जिद, जो पहले परमार राजा भोज की संस्कृत पाठशाला थी · राजस्थान पर्यटन के पृष्ठ पर तोप ढालने का कारखाना।
- अकबर के घेरेचित्तौड़गढ़ 1567–68 · रणथंभौर 1568–69।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 133
निम्न में से कौन सा राजस्थान का दुर्ग गिरि दुर्ग नहीं है ?
- (1)गागरोण का दुर्ग
- (2)जालौर का दुर्ग
- (3)चित्तौड़गढ़
- (4)सिवाणा का दुर्ग
उत्तर देखें
✓ (1) गागरोण का दुर्ग
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 16
अकबर द्वारा निर्मित ‘शुक्र तालाब’ किस किले में स्थित है?
- (1)शेरगढ़
- (2)नागौर
- (3)गागरोन
- (4)सिवाना
उत्तर देखें
✓ (2) नागौर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 35
मलिक शाह की मस्जिद कहाँ स्थित है?
- (1)झालावाड़
- (2)बारां
- (3)जालौर
- (4)राजसमंद
उत्तर देखें
✓ (3) जालौर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 61
जैसा कि राजस्थान के प्राचीन ग्रंथों में उल्लिखित है राजस्थान का वह किला जहाँ युद्ध की योजना और रणनीति बनाने में निपुण सैनिक रहते थे उसे कहा जाता था- (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)
- (1)सहाय दुर्ग
- (2)सैन्य दुर्ग
- (3)पारीख दुर्ग
- (4)पारीध दुर्ग
उत्तर देखें
✓ (2) सैन्य दुर्ग
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 133
निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?
- (1)गुगोर किला – बारां
- (2)तिमनगढ़ किला – करौली
- (3)बोरेश्वर महादेव मंदिर – उदयपुर
- (4)सुनहरी कोठी – टोंक
उत्तर देखें
✓ (3) बोरेश्वर महादेव मंदिर – उदयपुर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 15
निम्न में से किस दुर्ग में, वर्षा जल के संचयन हेतु 52 कुण्डों का निर्माण करवाया गया?
- (1)सिवाना
- (2)बसंतगढ़
- (3)अचलगढ़
- (4)भटनेर
उत्तर देखें
✓ (4) भटनेर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंपढ़ लिया? अब अभ्यास करें
निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।
अभ्यास प्रश्न →