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राजस्थान के संप्रदाय एवं संत — प्रश्न उत्तर सहित

15 प्रश्नव्याख्या सहितआरएएस, पटवारी, वीडीओ एवं राजस्थान की अन्य परीक्षाओं के लिए

प्रश्न

प्रश्न 1

दादू पंथ के संस्थापक दादू दयाल का जन्म 1544 में कहाँ हुआ था?

  1. (1)सांभर
  2. (2)अहमदाबाद
  3. (3)आमेर
  4. (4)मथुरा

उत्तर: (2) अहमदाबाद

व्याख्या

दादू दयाल का जन्म 1544 में अहमदाबाद में हुआ; बाद में उन्होंने सांभर और आमेर में उपदेश दिए और 1603 में नरैना में देह त्यागी।

प्रश्न 2

संत दादू दयाल ने फतेहपुर सीकरी में किस मुगल बादशाह के साथ आध्यात्मिक संवाद किया था?

  1. (1)हुमायूँ
  2. (2)जहाँगीर
  3. (3)अकबर
  4. (4)शाहजहाँ

उत्तर: (3) अकबर

व्याख्या

दादू दयाल फतेहपुर सीकरी में अकबर से मिले, जो विभिन्न धर्मों के संतों के विचार सुनने में रुचि रखते थे।

प्रश्न 3

गागरोन का राजपाट छोड़कर रामानंद के शिष्य बने संत पीपा किस समुदाय के आराध्य देव माने जाते हैं?

  1. (1)मेघवाल
  2. (2)जाट
  3. (3)गुर्जर
  4. (4)दर्जी

उत्तर: (4) दर्जी

व्याख्या

गागरोन के खींची शासक पीपा जी रामानंद के शिष्य बने और निर्गुण भक्ति का प्रचार किया; दर्जी समुदाय उन्हें आराध्य मानता है और टोडा (टोंक) में उनकी गुफा है।

प्रश्न 4

होली के बाद चैत्र मास में शाहपुरा (भीलवाड़ा) में भरने वाला 'फूलडोल' मेला किस संप्रदाय से संबंधित है?

  1. (1)रामस्नेही
  2. (2)दादू पंथ
  3. (3)निरंजनी
  4. (4)बिश्नोई

उत्तर: (1) रामस्नेही

व्याख्या

शाहपुरा रामस्नेही संप्रदाय की प्रधान पीठ है, जहाँ चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से पाँच दिन तक फूलडोल मेला भरता है।

प्रश्न 5

'बिश्नोई' नाम की लोकप्रिय व्याख्या जांभोजी द्वारा बताए गए नियमों की संख्या से की जाती है। ये नियम कितने हैं?

  1. (1)24
  2. (2)29
  3. (3)36
  4. (4)52

उत्तर: (2) 29

व्याख्या

जांभोजी ने 29 नियम (बीस + नौ) दिए, जिनसे 'बिश्नोई' नाम की उत्पत्ति मानी जाती है; इनमें वृक्षों और जीवों की रक्षा शामिल है।

प्रश्न 6

जांभोजी ने 1485 में बिश्नोई संप्रदाय की स्थापना कहाँ की थी?

  1. (1)पीपासर (नागौर)
  2. (2)लालासर (बीकानेर)
  3. (3)समराथल धोरा (बीकानेर)
  4. (4)जांभोलाव (फलोदी)

उत्तर: (3) समराथल धोरा (बीकानेर)

व्याख्या

जांभोजी का जन्म 1451 में पीपासर (नागौर) में हुआ और उन्होंने 1485 में बीकानेर क्षेत्र के समराथल धोरा पर बिश्नोई संप्रदाय की स्थापना की।

प्रश्न 7

1730 का खेजड़ली बलिदान, जिसमें अमृता देवी सहित 363 बिश्नोइयों ने खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए प्राण दिए, जोधपुर के किस शासक के काल में हुआ?

  1. (1)अजीतसिंह
  2. (2)विजयसिंह
  3. (3)जसवंतसिंह
  4. (4)अभयसिंह

उत्तर: (4) अभयसिंह

व्याख्या

1730 में महाराजा अभयसिंह के लोग खेजड़ली में खेजड़ी काटने आए; अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 लोगों ने विरोध कर प्राण दिए।

प्रश्न 8

जसनाथी संप्रदाय के संस्थापक जसनाथ जी ने गोरखमालिया में किसके सान्निध्य में ज्ञान प्राप्त किया?

  1. (1)गुरु गोरखनाथ
  2. (2)रामानंद
  3. (3)वल्लभाचार्य
  4. (4)कबीर

उत्तर: (1) गुरु गोरखनाथ

व्याख्या

जसनाथ जी (जन्म 1482) को बीकानेर क्षेत्र के गोरखमालिया में गुरु गोरखनाथ से दीक्षा मिली मानी जाती है, इसलिए इस संप्रदाय पर नाथ प्रभाव है।

प्रश्न 9

डीडवाना के निकट गाढ़ा में प्रधान पीठ वाले निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक कौन थे?

  1. (1)लालदास जी
  2. (2)हरिदास जी
  3. (3)चरणदास जी
  4. (4)जसनाथ जी

उत्तर: (2) हरिदास जी

व्याख्या

डीडवाना क्षेत्र के हरिदास जी, जो भक्ति से पहले डाकू माने जाते हैं, निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक थे; इसकी पीठ डीडवाना के निकट गाढ़ा में है।

प्रश्न 10

मेवात क्षेत्र के संत लालदास जी, जो लालदासी संप्रदाय के संस्थापक थे, किस समुदाय में जन्मे थे?

  1. (1)जाट
  2. (2)गुर्जर
  3. (3)मेव
  4. (4)माली

उत्तर: (3) मेव

व्याख्या

लालदास जी (16वीं शताब्दी, अलवर क्षेत्र) मेव समुदाय में जन्मे थे; उनकी राम-नाम की निर्गुण शिक्षा को हिंदू और मेव मुसलमान दोनों मानते हैं।

प्रश्न 11

डेहरा (अलवर) में जन्मे चरणदास जी द्वारा स्थापित चरणदासी संप्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?

  1. (1)अलवर
  2. (2)वृंदावन
  3. (3)भरतपुर
  4. (4)दिल्ली

उत्तर: (4) दिल्ली

व्याख्या

चरणदास जी बचपन में ही दिल्ली चले गए और वहीं संप्रदाय की स्थापना की; इसकी प्रधान पीठ दिल्ली में है।

प्रश्न 12

मीराबाई के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परंपरा के अनुसार संत रैदास को उनका गुरु माना जाता है। 2. परंपरा के अनुसार उन्होंने अंतिम वर्ष वृंदावन में बिताए, जहाँ वे कृष्ण की मूर्ति में विलीन हो गईं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. (1)केवल 1
  2. (2)केवल 2
  3. (3)1 और 2 दोनों
  4. (4)न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (1) केवल 1

व्याख्या

परंपरा में रैदास को मीरा का गुरु माना जाता है। अपने अंतिम वर्ष उन्होंने वृंदावन में नहीं, बल्कि द्वारका में बिताए, जहाँ वे रणछोड़ (कृष्ण) की मूर्ति में विलीन हुई मानी जाती हैं।

प्रश्न 13

अजमेर में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का वार्षिक उर्स इस्लामी कैलेंडर के किस महीने में भरता है?

  1. (1)रजब
  2. (2)मुहर्रम
  3. (3)रमज़ान
  4. (4)शव्वाल

उत्तर: (1) रजब

व्याख्या

ख्वाजा गरीब नवाज़ का उर्स उनकी पुण्यतिथि पर रजब मास की 1 से 6 तारीख तक भरता है।

प्रश्न 14

'सुल्तान-उत-तारकीन' की उपाधि वाले नागौर के सूफी संत हमीदुद्दीन नागौरी किसके शिष्य थे?

  1. (1)निज़ामुद्दीन औलिया
  2. (2)ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
  3. (3)फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
  4. (4)बहाउद्दीन ज़करिया

उत्तर: (2) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती

व्याख्या

हमीदुद्दीन नागौरी ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे, जिन्होंने उन्हें 'सुल्तान-उत-तारकीन' की उपाधि दी; वे नागौर में सादा जीवन जीते थे, जहाँ उनकी दरगाह है।

प्रश्न 15

राजस्थान के निम्नलिखित संतों को उनके जन्म के कालक्रम में (सबसे पहले से) व्यवस्थित कीजिए: 1. चरणदास जी 2. जांभोजी 3. रामचरण जी 4. दादू दयाल

  1. (1)4, 2, 1, 3
  2. (2)2, 4, 3, 1
  3. (3)2, 4, 1, 3
  4. (4)2, 1, 4, 3

उत्तर: (3) 2, 4, 1, 3

व्याख्या

जांभोजी का जन्म 1451 में, दादू दयाल का 1544 में, चरणदास जी का 1703 में और रामचरण जी का 1720 (कुछ स्रोतों में 1719) में हुआ।