एक नज़र में
- कसूमल अर्थात् लाल: ‘मारू थारे देश में उपजै तीन रतन, इक ढोला, दूजी मारवण, तीजो कसूमल रंग’ दोहे में इसे तीसरा रत्न कहा गया है।
- आभूषण और अंग: बोरला, सिर · सुरलिया, कान · तिमणिया, गला · तगड़ी, कमर · रमझोल, पैर।
- विवाह की रस्में: सामेला, बान, मुगधना, बंदोला और बढ़ार विवाह की हैं · सातरवाड़ा मृत्यु की।
- भील वेशभूषा: खोयतु पुरुषों की लंगोटी · कछाबू स्त्रियों का घुटनों तक का घाघरा।
- सुधार के वर्ष: जयपुर का सती विधेयक 1844 · मेवाड़ में डाकन पर रोक 1853 · अलवर का बाल विवाह निषेध कानून 10 दिसम्बर 1903 · शारदा अधिनियम 1929।
- सुधार सभाएँ: देश हितेषिणी सभा, उदयपुर, 1877 · वाल्टरकृत राजपूत हितकारिणी सभा, प्रथम बैठक अजमेर में 1888।
विषय के भाग
- वेशभूषाकसूमल लाल, खोयतुविषय-वस्तुपुरुषों की पगड़ी, अंगरखी व जामा; स्त्रियों के घाघरा, कांचली व ओढ़नी के प्रकार; भील व अन्य जनजातीय पहनावापरीक्षा मेंकौन-सा वस्त्र कौन पहनता है; पगड़ी या ओढ़नी का अवसरपूरे नोट्स पढ़ें →
- आभूषणबोरला से बिछियाविषय-वस्तुस्त्रियों, पुरुषों और बच्चों के आभूषण, सिर से पैर तकपरीक्षा मेंआभूषण और उसका अंगपूरे नोट्स पढ़ें →
- जन्म, विवाह और मृत्यु की रस्मेंसामेला, बंदोला, मौसरविषय-वस्तुप्रत्येक चरण की रस्में, विवाह की रस्में क्रम सेपरीक्षा मेंरस्म का नाम और उसका संस्कारपूरे नोट्स पढ़ें →
- सामाजिक कुप्रथाएँ और सुधार कानूनजयपुर 1844, वाल्टर सभाविषय-वस्तुसती, डाकन, कन्या वध, त्याग, समाधि, बाल विवाह, इनके विरुद्ध कानून और सुधार सभाएँपरीक्षा मेंप्रत्येक रोक का राज्य, शासक और वर्षपूरे नोट्स पढ़ें →
सोलह संस्कार
प्रचलित गणना सोलह (षोडश संस्कार) की है; गृह्यसूत्रों में इनकी संख्या 12 से 18 तक और गौतम धर्मसूत्र में चालीस मिलती है, इसलिए सूचियों में कुछ अंतर है।
| चरण | संस्कार |
|---|---|
| जन्म से पहले | गर्भाधान, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन (मारवाड़ में आगरणी) |
| बाल्यावस्था | जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म (मुंडन; राजस्थान में जडूला), कर्णवेध |
| शिक्षा | विद्यारम्भ, उपनयन (जनेऊ), वेदारम्भ, केशान्त, समावर्तन |
| गृहस्थ और अंतिम संस्कार | विवाह, अन्त्येष्टि |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- अन्त्येष्टि या मौसरअन्त्येष्टि अंतिम संस्कार यानी दाह · मौसर बाद में होने वाला मृत्युभोज।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 4
भारत के किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल के दौरान, हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया गया था?
- (1)लॉर्ड एमहर्स्ट
- (2)लॉर्ड एलनबरो
- (3)लॉर्ड कैनिंग
- (4)लॉर्ड मेयो
उत्तर देखें
✓ (3) लॉर्ड कैनिंग
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 8
अधोलिखित कथनों को सावधानीपूर्वक पढ़िए – (i) 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, मेवाड़ में देश हितेषिणी सभा की स्थापना की गयी। (ii) सभा का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार था। सही कूट चुनिए –
- (1)केवल कथन (i) सत्य है
- (2)केवल कथन (ii) सत्य है
- (3)न तो (i) ना ही (ii) सत्य है
- (4)दोनों कथन सत्य हैं
उत्तर देखें
✓ (4) दोनों कथन सत्य हैं
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 22
निम्नलिखित में से कौनसा (आभूषण – मानव अंग) सुमेलित नहीं है?
- (1)सुरलिया – कान
- (2)तिमणिया – गला
- (3)रमझोल – कलाई
- (4)तगड़ी – कमर
उत्तर देखें
✓ (3) रमझोल – कलाई
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 29
‘बढ़ार’ क्या है?
- (1)विवाह पर आयोज्य भोज
- (2)राजस्थान की एक जनजाति
- (3)अंत्येष्टि की एक क्रिया
- (4)राजस्थान की एक झील
उत्तर देखें
✓ (1) विवाह पर आयोज्य भोज
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 32
भील जनजाति के पुरुष कमर पर जो वस्त्र लपेटा करते हैं, उसे क्या कहा जाता हैं?
- (1)जामा
- (2)कछाबू
- (3)पोल्या
- (4)खोयतु
उत्तर देखें
✓ (4) खोयतु
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 138
निम्नलिखित में से कौन सी प्रथा विवाह से संबंधित नहीं है ?
- (1)सामेला
- (2)सातरवाड़ा
- (3)बान
- (4)मुगधना
उत्तर देखें
✓ (2) सातरवाड़ा
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 11
'बंदोला' किस सामाजिक संस्कार से संबंधित एक रस्म है?
- (1)मृत्यु संस्कार
- (2)उपनयन संस्कार
- (3)जन्मोत्सव
- (4)विवाह संस्कार
उत्तर देखें
✓ (4) विवाह संस्कार
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 18
'समाधि' लेने की कुप्रथा रोकने का सर्वप्रथम प्रयास किस राज्य ने किया?
- (1)जोधपुर
- (2)उदयपुर
- (3)जयपुर
- (4)कोटा
उत्तर देखें
✓ (3) जयपुर
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 126
वाल्टरकृत राजपूत हितकारिणी सभा के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन असत्य है ?
- (1)इसकी स्थापना सन् 1888 में कर्नल सी.के.एम. वाल्टर के प्रयासों से हुई थी ।
- (2)इसका उद्देश्य राजस्थान के राजपूतों और दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य करना था ।
- (3)इसकी प्रथम बैठक का आयोजन अजमेर में हुआ था ।
- (4)सभा ने अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामाजिक नियम बनाए ।
उत्तर देखें
✓ (2) इसका उद्देश्य राजस्थान के राजपूतों और दलितों के लिए सुधारात्मक कार्य करना था ।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 132
राजस्थान की वेशभूषा में प्रयुक्त 'कसूमल' निम्न में से कौन सा रंग होता है ?
- (1)लाल
- (2)पीला
- (3)गुलाबी
- (4)केसरिया
उत्तर देखें
✓ (1) लाल
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