एक नज़र में
- प्रकार: गिरि, एरण, पारिख और पारिध दुर्ग माना जाता है, और सैन्य दुर्गों में भी गिना जाता है।
- कहावत: 'गढ़ तो चित्तौड़गढ़ बाकी सब गढ़ैया'।
- पद्मिनी: RBSE पुस्तक उनके जौहर को चित्तौड़ की घटनाओं में गिनाती है; अधिकांश आधुनिक इतिहासकार इसे बाद की किंवदंती मानते हैं, क्योंकि 1303 के आरंभिक विवरणों में उनका उल्लेख नहीं है।
- वापसी: 1615 की संधि के बाद जहाँगीर ने दुर्ग मेवाड़ को लौटाया (राजस्थान पर्यटन: 1616)।
तथ्य
| स्थान | चित्तौड़गढ़ शहर, मेसा पठार पर |
|---|---|
| पहाड़ी | लगभग 180 मीटर ऊँची; लगभग 700 एकड़ |
| स्थापना | किंवदंती: पांडव भीम ने शुरू किया। परंपरा: चित्रांग (चित्रांगद) मौर्य ने बनवाकर चित्रकोट नाम रखा। 8वीं सदी में बप्पा रावल ने अधिकार किया |
| द्वार | सात, एक किलोमीटर से लंबे घुमावदार मार्ग पर; अंतिम राम पोल |
| परकोटा | लगभग 13 किमी का घेरा |
| अन्य नाम | खिज्राबाद, अलाउद्दीन खिलजी ने अपने पुत्र खिज्र खाँ के नाम पर रखा |
तीन साके
| वर्ष | आक्रमणकारी | क्या हुआ |
|---|---|---|
| 1303 | अलाउद्दीन खिलजी | लगभग आठ महीने के घेरे के बाद दुर्ग गिरा; शासक रतनसिंह थे। |
| 1534 (कई इतिहास-ग्रंथों में 1535) | गुजरात का बहादुरशाह | दुर्ग लूटा गया; परंपरा के अनुसार रानी कर्णावती ने जौहर किया। |
| 1567–68 | अकबर | जयमल राठौड़ और पत्ता सिसोदिया ने रक्षा की और लड़ते हुए वीरगति पाई। |
दुर्ग के भीतर
- विजय स्तंभ: मालवा के महमूद खिलजी पर विजय की स्मृति में राणा कुंभा ने बनवाया; काल 1440–48; शिल्पी जैता और उसके पुत्र; 15 अगस्त 1949 के ₹1 के भारतीय डाक टिकट पर अंकित।
- कीर्ति स्तंभ: पहले जैन तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित जैन स्तंभ, जिसे 12वीं सदी में जैन व्यापारी जीजा ने बनवाया।
- गौमुख कुंड: झरने से भरने वाला कुंड, जिसमें पानी गाय के मुख जैसी चट्टान से गिरता है।
- महल: खंडहर बना राणा कुंभा महल और महाराणा फतहसिंह का फतह प्रकाश महल, जो अब संग्रहालय है।
- कालिका माता मंदिर: 8वीं सदी का सूर्य मंदिर, जिसे बाद में काली मंदिर के रूप में फिर बनाया गया।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- मंज़िलेंविजय स्तंभ नौ · कीर्ति स्तंभ सात।
- पद्मिनी या कर्णावतीपद्मिनी 1303 की किंवदंती से जुड़ी हैं · कर्णावती का जौहर बहादुरशाह के आक्रमण से।
- जयमल और पत्ता1567–68 के रक्षक · हाथी पर सवार उनकी मूर्तियाँ बीकानेर के जूनागढ़ के सूरजपोल पर हैं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 15
चित्तौड़गढ़ स्थित ‘विजय स्तम्भ’ पर पहला स्मारक डाक टिकट कब जारी किया गया?
- (1)1974
- (2)1949
- (3)1986
- (4)1956
उत्तर देखें
✓ (2) 1949
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