एक नज़र में
- गैटोर: जयपुर–आमेर मार्ग के पास; सवाई जयसिंह द्वितीय से आगे के कछवाहा शासकों की छतरियाँ यहीं हैं।
- ईश्वरीसिंह: अधिकांश विवरणों के अनुसार उस वंश-क्रम के एकमात्र शासक जिनकी छतरी गैटोर में नहीं, क्योंकि उनका दाह-संस्कार सिटी पैलेस परिसर में हुआ; पर RBSE पुस्तक ईश्वरसिंह की छतरी गैटोर में बताती है।
- शैली: छतरियों में मुगल और राजपूत कला का सुंदर समन्वय दिखता है।
प्रमुख छतरियाँ
| छतरी | स्थान | निर्माता एवं काल | प्रसिद्धि |
|---|---|---|---|
| गैटोर | जयपुर | जयपुर के शासकों की सफेद संगमरमर की छतरियाँ | |
| जसवंत थड़ा | जोधपुर | महाराजा सरदारसिंह, 1899 ई. से, पिता जसवंतसिंह द्वितीय की स्मृति में | |
| बड़ा बाग | जैसलमेर से लगभग 6 किमी उत्तर | जैसलमेर के शासक | राजाओं की छतरियों वाला उद्यान; बाराबाग भी कहलाता है |
| चौरासी खंभों की छतरी | बूँदी | राव राजा अनिरुद्धसिंह | 84 स्तंभ; धाय के पुत्र देवा की स्मृति में (राजस्थान पर्यटन: स्वयं धाय की) |
| मूसी महारानी की छतरी | अलवर | महाराजा विनयसिंह, 1815 ई. | महाराजा बख्तावरसिंह और मूसी की स्मृति में; नीचे लाल बलुआ पत्थर, ऊपर सफेद संगमरमर |
| राजा गोपालसिंह की छतरी | करौली | ||
| सेठों की छतरी | रामगढ़ (शेखावाटी), सीकर |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- गैटोर या बड़ा बागगैटोर में जयपुर के कछवाहा शासकों की छतरियाँ · बड़ा बाग में जैसलमेर के शासकों की।
- मूसी रानी या मूसी महारानीअलवर की एक ही छतरी; प्रश्नपत्रों में दोनों नाम आते हैं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 134
सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए सूची-I (छतरी) a. सवाई जय सिंह की छतरी b. मूसी रानी की छतरी c. गोपाल सिंह की छतरी d. सेठों की छतरी सूची-II (स्थान) I. अलवर II. रामगढ़ III. गैटोर IV. करौली नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः
- (1)a - I, b - II, c - III, d - IV
- (2)a - II, b - I, c - IV, d - III
- (3)a - IV, b - III, c - I, d - II
- (4)a - III, b - I, c - IV, d - II
उत्तर देखें
✓ (4) a - III, b - I, c - IV, d - II
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