20 प्रश्न·व्याख्या सहित·आरएएस, पटवारी, वीडीओ एवं राजस्थान की अन्य परीक्षाओं के लिए
प्रश्न
प्रश्न 1
1031 ई. में देलवाड़ा का विमल वसही मंदिर बनवाने वाले विमलशाह किस शासक के मंत्री थे?
(1)वस्तुपाल (बघेल)
(2)भीमदेव प्रथम (चालुक्य)✓ सही उत्तर
(3)धारावर्ष (परमार)
(4)कुमारपाल (चालुक्य)
उत्तर: (2) भीमदेव प्रथम (चालुक्य)
व्याख्या
विमलशाह गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) शासक भीमदेव प्रथम के मंत्री (दंडनायक) थे।
प्रश्न 2
रणकपुर के जैन मंदिर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका प्रमुख शिल्पी (सूत्रधार) देपा था।
2. यह अपने 1444 नक्काशीदार स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है।
3. इसके मूलनायक नेमिनाथ हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(1)केवल 1 और 2✓ सही उत्तर
(2)केवल 2 और 3
(3)केवल 1 और 3
(4)1, 2 और 3
उत्तर: (1) केवल 1 और 2
व्याख्या
देपा द्वारा निर्मित रणकपुर का चौमुखा मंदिर 1444 स्तंभों वाला है और आदिनाथ को समर्पित है, नेमिनाथ को नहीं।
प्रश्न 3
किराडू मंदिर समूह का सबसे सुरक्षित मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, किस देवता को समर्पित है?
(1)सूर्य
(2)विष्णु
(3)ब्रह्मा
(4)शिव✓ सही उत्तर
उत्तर: (4) शिव
व्याख्या
किराडू का सोमेश्वर मंदिर सोलंकी (मारु-गुर्जर) शैली में बना शिव मंदिर है और समूह में सबसे सुरक्षित है।
प्रश्न 4
प्रतिहार नरेश वत्सराज के काल में निर्मित ओसियाँ का जैन मंदिर किसे समर्पित है?
(1)महावीर✓ सही उत्तर
(2)पार्श्वनाथ
(3)शांतिनाथ
(4)ऋषभदेव
उत्तर: (1) महावीर
व्याख्या
ओसियाँ का महावीर मंदिर, पश्चिम भारत के प्राचीनतम जैन मंदिरों में से एक, वत्सराज के काल (8वीं सदी के उत्तरार्ध) का है।
प्रश्न 5
आभानेरी की चाँद बावड़ी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका निर्माण निकुंभ वंश के राजा चाँद से जोड़ा जाता है।
2. इसमें सीढ़ियों की 13 मंजिलें हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(1)केवल 1
(2)केवल 2
(3)1 और 2 दोनों✓ सही उत्तर
(4)न तो 1 न ही 2
उत्तर: (3) 1 और 2 दोनों
व्याख्या
निकुंभ शासक राजा चाँद द्वारा निर्मित (8वीं–9वीं सदी) चाँद बावड़ी में 13 मंजिलें और लगभग 3500 सीढ़ियाँ हैं।
प्रश्न 6
आभानेरी का हर्षत माता मंदिर जिस देवी को समर्पित है, उन्हें किसकी देवी माना जाता है?
(1)वर्षा और फसल
(2)हर्ष और आनंद✓ सही उत्तर
(3)युद्ध और विजय
(4)विद्या और संगीत
उत्तर: (2) हर्ष और आनंद
व्याख्या
हर्षत माता, जैसा नाम से स्पष्ट है, हर्ष और आनंद की देवी के रूप में पूजी जाती हैं।
प्रश्न 7
बूंदी की रानीजी की बावड़ी का निर्माण 1699 में किसने करवाया?
(1)रानी हाड़ी
(2)रानी कर्णावती
(3)रानी नाथावती✓ सही उत्तर
(4)रानी चंपावती
उत्तर: (3) रानी नाथावती
व्याख्या
बूंदी के राव राजा अनिरुद्धसिंह की रानी नाथावती ने 1699 में रानीजी की बावड़ी बनवाई।
प्रश्न 8
जयपुर के हवामहल के वास्तुकार कौन थे?
(1)मंडन
(2)सैमुअल स्विंटन जैकब
(3)विद्याधर भट्टाचार्य
(4)लालचंद उस्ताद✓ सही उत्तर
उत्तर: (4) लालचंद उस्ताद
व्याख्या
हवामहल का डिज़ाइन सवाई प्रतापसिंह के लिए लालचंद उस्ताद ने तैयार किया था।
प्रश्न 9
जयपुर के हवामहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका निर्माण 1799 में हुआ।
2. इसमें सात मंजिलें हैं।
3. इसमें 953 छोटे झरोखे हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(1)केवल 1 और 2
(2)केवल 2 और 3
(3)केवल 1 और 3✓ सही उत्तर
(4)1, 2 और 3
उत्तर: (3) केवल 1 और 3
व्याख्या
हवामहल (1799) में 953 झरोखे हैं, किंतु मंजिलें पाँच हैं, सात नहीं।
प्रश्न 10
जयपुर का जलमहल किस झील के मध्य स्थित है?
(1)मानसागर✓ सही उत्तर
(2)पिछोला
(3)फतहसागर
(4)गैब सागर
उत्तर: (1) मानसागर
व्याख्या
जलमहल जयपुर–आमेर मार्ग पर मानसागर झील में स्थित है।
प्रश्न 11
जयपुर के सिटी पैलेस में अतिथियों के स्वागत हेतु बना 'मुबारक महल' किसने बनवाया?
(1)सवाई जयसिंह द्वितीय
(2)सवाई माधोसिंह द्वितीय✓ सही उत्तर
(3)सवाई जगतसिंह
(4)मिर्ज़ा राजा जयसिंह
उत्तर: (2) सवाई माधोसिंह द्वितीय
व्याख्या
मुबारक महल 19वीं सदी के अंत में सवाई माधोसिंह द्वितीय ने बनवाया।
प्रश्न 12
जैसलमेर की कौन-सी हवेली, जिसे राज्य के एक दीवान ने बनवाया, ऊपरी मंजिल के जहाज़ जैसे आकार के कारण 'जहाज़ महल' कहलाती है?
(1)नथमल की हवेली
(2)पोद्दार हवेली
(3)बागोर की हवेली
(4)सालिमसिंह की हवेली✓ सही उत्तर
उत्तर: (4) सालिमसिंह की हवेली
व्याख्या
दीवान सालिमसिंह द्वारा निर्मित हवेली की ऊपरी मंजिल जहाज़ जैसी है, इसलिए इसे जहाज़ महल कहते हैं।
प्रश्न 13
शेखावाटी की चित्रित हवेलियों में गीले चूने के पलस्तर पर रंग लगाने की भित्ति-चित्रण तकनीक स्थानीय रूप से क्या कहलाती है?
(1)आला-गीला✓ सही उत्तर
(2)कावड़
(3)थेवा
(4)मांडणा
उत्तर: (1) आला-गीला
व्याख्या
शेखावाटी के भित्ति-चित्र 'आला-गीला' (आरायश) पद्धति से, गीले चूने के पलस्तर पर बनाए गए।
प्रश्न 14
पाँचवें तीर्थंकर सुमतिनाथ को समर्पित और 1468 में व्यापारी भांडाशाह ओसवाल द्वारा आरंभ करवाया गया भांडासर जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
(1)जालोर
(2)बीकानेर✓ सही उत्तर
(3)नागौर
(4)पाली
उत्तर: (2) बीकानेर
व्याख्या
बीकानेर का भांडासर जैन मंदिर 1468 में आरंभ होकर 1514 में पूरा हुआ; मान्यता है कि इसके गारे में घी मिलाया गया था।
प्रश्न 15
जयपुर के जंतर-मंतर का कौन-सा यंत्र विश्व की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य घड़ी माना जाता है?
(1)जयप्रकाश यंत्र
(2)राम यंत्र
(3)सम्राट यंत्र✓ सही उत्तर
(4)राशिवलय यंत्र
उत्तर: (3) सम्राट यंत्र
व्याख्या
लगभग 27 मीटर ऊँचा सम्राट यंत्र विश्व की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य घड़ी है।
प्रश्न 16
निम्नलिखित को निर्माण के कालक्रम में व्यवस्थित कीजिए (सबसे पहले वाला पहले):
1. रणकपुर जैन मंदिर
2. हवामहल, जयपुर
3. विमल वसही, देलवाड़ा
4. लूण वसही, देलवाड़ा
(1)3, 4, 1, 2✓ सही उत्तर
(2)4, 3, 1, 2
(3)3, 1, 4, 2
(4)1, 3, 4, 2
उत्तर: (1) 3, 4, 1, 2
व्याख्या
विमल वसही (1031), लूण वसही (1230), रणकपुर (1439 में आरंभ) और हवामहल (1799)।
प्रश्न 17
'मेवाड़ का खजुराहो' कहलाने वाला अंबिका माता मंदिर कहाँ स्थित है?
(1)नागदा (उदयपुर)
(2)जगत (उदयपुर)✓ सही उत्तर
(3)बिजौलिया (भीलवाड़ा)
(4)मेनाल (भीलवाड़ा)
उत्तर: (2) जगत (उदयपुर)
व्याख्या
उदयपुर के निकट जगत का 10वीं सदी का अंबिका माता मंदिर 'मेवाड़ का खजुराहो' कहलाता है।
प्रश्न 18
घाटेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रारंभिक मध्यकालीन मंदिरों का समूह कहाँ स्थित है?
(1)किराडू (बाड़मेर)
(2)आभानेरी (दौसा)
(3)ओसियाँ (जोधपुर)
(4)बाड़ोली (चित्तौड़गढ़)✓ सही उत्तर
उत्तर: (4) बाड़ोली (चित्तौड़गढ़)
व्याख्या
रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) के निकट बाड़ोली मंदिर समूह का सर्वश्रेष्ठ मंदिर घाटेश्वर महादेव है (लगभग 10वीं सदी)।
प्रश्न 19
हेनरी वॉन लैंचेस्टर द्वारा डिज़ाइन किया गया जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस किस पहाड़ी पर बना है?
(1)त्रिकूट पहाड़ी
(2)बंदरपूंछ पहाड़ी
(3)छीतर पहाड़ी✓ सही उत्तर
(4)माचिया पहाड़ी
उत्तर: (3) छीतर पहाड़ी
व्याख्या
महाराजा उम्मेदसिंह के लिए 1929–1943 में बना उम्मेद भवन छीतर पहाड़ी पर है और छीतर पैलेस भी कहलाता है।
प्रश्न 20
दर्पण-कार्य से सज्जित आमेर दुर्ग का शीश महल किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
(1)सुख निवास
(2)जय मंदिर✓ सही उत्तर
(3)दीवान-ए-आम
(4)बादल महल
उत्तर: (2) जय मंदिर
व्याख्या
मिर्ज़ा राजा जयसिंह द्वारा निर्मित आमेर का शीश महल जय मंदिर भी कहलाता है।