एक नज़र में
- ओझा का मत: गौरीशंकर हीराचंद ओझा जोधा को जोधपुर का प्रथम प्रतापी शासक मानते हैं।
- मेवाड़ का अधिकार: रणमल की हत्या के बाद चूण्डा के नेतृत्व में मेवाड़ी सेना ने मण्डोर पर अधिकार रखा, जब तक जोधा ने उसे वापस नहीं लिया।
- संबंध: उनके पुत्र बीका ने अलग राठौड़ राज्य बीकानेर (1488) बसाया।
तथ्य
| पिता | राव रणमल, 1438 में चित्तौड़ में हत्या |
|---|---|
| शासनकाल | RBSE पुस्तक के अनुसार 1438–1489; रेऊ मण्डोर की वापसी से, 1453–1489 गिनते हैं |
| मण्डोर की वापसी | 1453 (वि.सं. 1510) |
| जोधपुर की स्थापना | 1459; रेऊ के अनुसार वि.सं. 1516 ज्येष्ठ सुदि 11 (12 मई 1459) |
| दुर्ग | मेहरानगढ़, चिड़ियाटूँक पहाड़ी पर |
| पुत्र | सातल (उत्तराधिकारी), सूजा, बीका आदि |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- दो दुर्गमेहरानगढ़, जोधपुर, जोधा का · जूनागढ़, बीकानेर, रायसिंह का।
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