एक नज़र में
- करौली के जादौन (यादव) शासकों की कुलदेवी।
- मान्यता: वे योगमाया हैं, वही कन्या जिसे कंस मारना चाहता था।
- लांगुरिया: उनकी भक्ति में लांगुरिया गीत गाए जाते हैं और लांगुरिया का मंदिर देवी की प्रतिमा के सामने है।
तथ्य
| स्थान | कैला देवी (केला देवी) गाँव, करौली से लगभग 25 किमी दक्षिण, जिला करौली |
|---|---|
| परंपरा | शाक्त, पर रीति-रिवाज वैष्णव परंपरा के, इसलिए मांस और मदिरा वर्जित |
| प्रतिमाएँ | स्थानीय पत्थर की दो प्राचीन प्रतिमाएँ; कैला देवी की प्रतिमा का सिर कुछ झुका हुआ है |
| निर्माण | देवस्थान विभाग के अनुसार करौली के राजा भोमपाल ने 1600 ई. में; अन्य विवरणों के अनुसार महाराजा गोपाल सिंह ने (1723 से 1730) |
| मेले | लक्खी मेला: चैत्र में लगभग दो सप्ताह, चैत्र नवरात्र सहित; दूसरा मेला आश्विन नवरात्र में |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- चैत्र के दो लक्खी मेलेकैला देवी, करौली · शीतला माता, चाकसू।
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