EN
Log in

Add TopKaro to your iPhone

  1. Tap the Share button at the bottom of Safari
  2. Scroll and tap Add to Home Screen
  3. Tap Add — TopKaro appears on your home screen

iPhones don’t allow a one-tap install button, so we show these steps instead.

जीण माता

जीण माता का मंदिर सीकर जिले की पहाड़ियों में है और शेखावाटी के सबसे अधिक पूजे जाने वाले स्थानों में से एक है। उनके भाई हर्ष की पूजा पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर में हर्ष भैरव के रूप में होती है।

⏱ 1 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 14 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. भँवरों की देवी: लोककथा के अनुसार औरंगजेब के सैनिकों ने मंदिर तोड़ना चाहा तो भँवरों (मधुमक्खियों) के झुंड ने उन्हें भगा दिया; कहा जाता है कि इसके बाद औरंगजेब ने अखंड ज्योति के लिए तेल भिजवाया।
  2. हर महीने: शुक्ल अष्टमी को श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और यहाँ बच्चों का मुंडन (जडूला) होता है।
  3. शेखावाटी के अनेक कुलों की कुलदेवी।

तथ्य

स्थानजीणमाता गाँव, तहसील दांतारामगढ़, जिला सीकर; रैवासा से लगभग 10 किमी और सीकर से लगभग 30 किमी
निर्माणएक चौहान शासक द्वारा; 8वीं शताब्दी ई. का माना जाता है
मेलेचैत्र और आश्विन के नवरात्र; साथ ही शरद पूर्णिमा और फाल्गुन में हर्ष भैरव का मेला

लोककथा

  • कथा के अनुसार चूरू के घांघू गाँव के राजा घंघ ने एक अप्सरा से इस शर्त पर विवाह किया कि वे बिना सूचना दिए उसके महल में कभी नहीं आएँगे। राजा ने वचन तोड़ा तो अप्सरा चली गई और उनकी संतान हर्ष और जीण उसी पहाड़ी पर छूट गए जहाँ आज मंदिर है।
  • कहा जाता है कि हर्ष और जीण ने वहीं तपस्या की।
  • एक अन्य मान्यता है कि वनवास के समय पांडव वेश बदलकर इन वनों में रहे।

पढ़ लिया? अब अभ्यास करें

निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।

अभ्यास प्रश्न →
अगला टॉपिक:राजस्थान के मेले एवं त्योहार →