एक नज़र में
- किंवदंती: मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात देवता सरोवर को पवित्र करने पुष्कर उतरे थे।
- श्रद्धालु पहले पुष्कर सरोवर में स्नान करते हैं, फिर ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करते हैं।
- ब्रह्मा मंदिर: इसे विश्व में अनूठा कहा जाता है, क्योंकि ब्रह्मा के मंदिर बहुत कम हैं।
तथ्य
| स्थान | पुष्कर, अजमेर से लगभग 10 से 11 किमी |
|---|---|
| समय | कार्तिक शुक्ल एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा, पाँच दिन (अक्टूबर–नवंबर) |
| व्यापार | ऊँट, घोड़े, गायें, भेड़ और बकरियाँ |
मेले में
प्रतियोगिताएँ: मटका फोड़, सबसे लंबी मूँछ, दुल्हन प्रतियोगिता, ऊँट दौड़ और ऊँटों की परेड।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- कार्तिक पूर्णिमा के मेलेपुष्कर (अजमेर) में ब्रह्मा मंदिर · कोलायत (बीकानेर) कपिल मुनि का मेला · चंद्रभागा मेला झालरापाटन में।
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