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वेशभूषा, आभूषण एवं खान-पान — प्रश्न उत्तर सहित

20 प्रश्नव्याख्या सहितआरएएस, पटवारी, वीडीओ एवं राजस्थान की अन्य परीक्षाओं के लिए

प्रश्न

प्रश्न 1

राजस्थान की 'लहरिया' बँधाई-रँगाई शैली की पहचान क्या है?

  1. (1)तिरछी लहरदार धारियाँ
  2. (2)बारीक बिंदुओं के समूह
  3. (3)बड़े कमल के अलंकरण
  4. (4)काँच-जड़ाई वाले किनारे

उत्तर: (1) तिरछी लहरदार धारियाँ

व्याख्या

लहरिया ('लहर' से) कपड़े को तिरछा लपेटकर बाँधने से बनता है, जिससे लहरदार धारियाँ उभरती हैं।

प्रश्न 2

जब लहरिया की धारियाँ एक-दूसरे को काटकर चौखाने जैसा अलंकरण बनाती हैं, तो उसे क्या कहते हैं?

  1. (1)पोमचा
  2. (2)मोठड़ा
  3. (3)चूनड़ी
  4. (4)अजरख

उत्तर: (2) मोठड़ा

व्याख्या

मोठड़ा में लहरिया की रेखाएँ एक-दूसरे को काटकर छोटे चौखाने बनाती हैं; यह ओढ़नी और पगड़ी दोनों में प्रचलित है।

प्रश्न 3

राजस्थान की पारंपरिक 'चूनड़ी' ओढ़नी की विशेषता क्या है?

  1. (1)गहरी पृष्ठभूमि पर जड़ा सुनहरा तार
  2. (2)देवताओं के हाथ से बने चित्र
  3. (3)प्रायः लाल पृष्ठभूमि पर बारीक बँधेज बिंदु
  4. (4)सूत और रेशम के बुने चौखाने

उत्तर: (3) प्रायः लाल पृष्ठभूमि पर बारीक बँधेज बिंदु

व्याख्या

चूनड़ी बँधेज की ओढ़नी है जिस पर बारीक बिंदु होते हैं, प्रायः लाल रंग की, जिसे विवाहित स्त्रियाँ ओढ़ती हैं।

प्रश्न 4

राजस्थान में स्त्रियों द्वारा पहनी जाने वाली पारंपरिक 'राजपूती पोशाक' में क्या शामिल है?

  1. (1)अंगरखी, धोती और साफा
  2. (2)जामा, पटका और पगड़ी
  3. (3)साड़ी, ब्लाउज और शॉल
  4. (4)कुर्ती-कांचली, घाघरा और ओढ़नी

उत्तर: (4) कुर्ती-कांचली, घाघरा और ओढ़नी

व्याख्या

राजपूती पोशाक में कुर्ती-कांचली (ऊपरी वस्त्र), घाघरा और ओढ़नी शामिल होते हैं।

प्रश्न 5

पारंपरिक राजस्थानी दरबारी वेशभूषा में पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला घुटनों से नीचे तक का घेरदार, फ्रॉकनुमा लंबा वस्त्र कहलाता था:

  1. (1)पटका
  2. (2)कांचली
  3. (3)घाघरा
  4. (4)जामा

उत्तर: (4) जामा

व्याख्या

जामा घुटनों से नीचे तक का घेरदार लंबा वस्त्र है जिसे राजपूत पुरुष दरबार और उत्सवों में पहनते थे; पटका कमर पर बाँधने का वस्त्र है।

प्रश्न 6

पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में 'आतमसुख' क्या है?

  1. (1)गर्मियों में पहना जाने वाला हल्का मलमल का साफा
  2. (2)सर्दियों में पहना जाने वाला भारी रुईदार चोगा
  3. (3)पुरुषों की चाँदी की कमर-जंजीर
  4. (4)विवाह में दिया जाने वाला रेशमी दुशाला

उत्तर: (2) सर्दियों में पहना जाने वाला भारी रुईदार चोगा

व्याख्या

आतमसुख राजघरानों और सामंतों द्वारा सर्दियों में पहना जाने वाला भारी रुईदार चोगा है।

प्रश्न 7

राजस्थान में श्रावण मास, विशेषकर तीज पर, परंपरागत रूप से किस शैली की पगड़ी पहनी जाती है?

  1. (1)मदील
  2. (2)केसरिया
  3. (3)लहरिया
  4. (4)फूल-पत्ती

उत्तर: (3) लहरिया

व्याख्या

श्रावण और तीज पर लहरिया पगड़ी पहनने की परंपरा है।

प्रश्न 8

राजस्थानी पगड़ियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'साफा' सामान्यतः 'पगड़ी' की तुलना में छोटा और अधिक चौड़ा होता है। 2. साके के समय राजपूत योद्धा परंपरागत रूप से केसरिया वस्त्र और पगड़ी धारण करते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (1)केवल 1
  2. (2)केवल 2
  3. (3)1 और 2 दोनों
  4. (4)न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (3) 1 और 2 दोनों

व्याख्या

साफा लंबी-पतली पगड़ी की तुलना में छोटा और चौड़ा होता है, और साके से पहले योद्धा केसरिया धारण करते थे।

प्रश्न 9

पारंपरिक आभूषणों का शरीर के उस अंग से मिलान कीजिए जहाँ वे पहने जाते हैं: A. तिमणियाँ B. नेवरी C. तगड़ी D. कर्णफूल 1. कान 2. कमर 3. गला 4. पैर

  1. (1)A-3, B-4, C-1, D-2
  2. (2)A-4, B-3, C-2, D-1
  3. (3)A-3, B-2, C-4, D-1
  4. (4)A-3, B-4, C-2, D-1

उत्तर: (4) A-3, B-4, C-2, D-1

व्याख्या

तिमणियाँ गले का, नेवरी पैरों का, तगड़ी (कंदोरा) कमर का और कर्णफूल कान का आभूषण है।

प्रश्न 10

निम्नलिखित में से कौन-सा आभूषण नाक में पहना जाता है?

  1. (1)नथ
  2. (2)हथफूल
  3. (3)पायजेब
  4. (4)आड़

उत्तर: (1) नथ

व्याख्या

नथ नाक का आभूषण है; हथफूल हाथ का, पायजेब पैरों का और आड़ गले का आभूषण है।

प्रश्न 11

राजस्थान की विवाहित स्त्रियों द्वारा ललाट पर पहना जाने वाला 'बोरला' किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. (1)बुलाक
  2. (2)रखड़ी
  3. (3)पूँछी
  4. (4)तगड़ी

उत्तर: (2) रखड़ी

व्याख्या

ललाट पर पहना जाने वाला गोल आभूषण बोरला रखड़ी (या टीका) भी कहलाता है और सुहाग का प्रतीक है।

प्रश्न 12

राजस्थान के पारंपरिक आभूषणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टड्डा' भुजा पर पहना जाता है। 2. 'आड़' गले में पहना जाता है। 3. 'पूँछी' पैर की अंगुलियों में पहनी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. (1)केवल 1 और 2
  2. (2)केवल 2 और 3
  3. (3)केवल 1 और 3
  4. (4)1, 2 और 3

उत्तर: (1) केवल 1 और 2

व्याख्या

टड्डा भुजा का और आड़ गले का आभूषण है; पूँछी कलाई में पहनी जाती है, पैर की अंगुलियों में नहीं।

प्रश्न 13

निम्नलिखित आभूषणों को शरीर पर पहने जाने के स्थान के अनुसार सिर से पैर के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. पायजेब 2. हथफूल 3. शीशफूल 4. हँसली

  1. (1)4, 3, 2, 1
  2. (2)3, 2, 4, 1
  3. (3)3, 4, 2, 1
  4. (4)3, 4, 1, 2

उत्तर: (3) 3, 4, 2, 1

व्याख्या

शीशफूल सिर पर, हँसली गले में, हथफूल हाथ पर और पायजेब पैरों में पहनी जाती है।

प्रश्न 14

मैदे के घोल को तलकर बनाई गई मधुमक्खी के छत्ते जैसी, चाशनी में डूबी कौन-सी मिठाई राजस्थान में विशेषकर तीज से जुड़ी है?

  1. (1)बालूशाही
  2. (2)फीणी
  3. (3)इमरती
  4. (4)घेवर

उत्तर: (4) घेवर

व्याख्या

घेवर छिद्रदार गोल मिठाई है, जिस पर प्रायः रबड़ी डाली जाती है; यह तीज की विशेष मिठाई है, विशेषकर जयपुर की।

प्रश्न 15

राजस्थान का जीआई-टैग प्राप्त नमकीन बीकानेरी भुजिया मुख्यतः किसके आटे से बनाया जाता है?

  1. (1)मोठ
  2. (2)बाजरा
  3. (3)मक्का
  4. (4)जौ

उत्तर: (1) मोठ

व्याख्या

बीकानेरी भुजिया मुख्यतः मोठ के आटे में कुछ बेसन और मसाले मिलाकर बनता है; मोठ शुष्क राजस्थान में खूब उगता है।

प्रश्न 16

दाल-बाटी के साथ परोसा जाने वाला 'चूरमा' परंपरागत रूप से कैसे बनाया जाता है?

  1. (1)बेसन के गट्टों को उबालकर दही की तरी में पकाकर
  2. (2)गेहूँ की बाटियों को चूरकर घी तथा शक्कर या गुड़ मिलाकर
  3. (3)तले हुए छेने के गोलों को पतली चाशनी में भिगोकर
  4. (4)कसी हुई गाजर को सूखे मेवों के साथ दूध में पकाकर

उत्तर: (2) गेहूँ की बाटियों को चूरकर घी तथा शक्कर या गुड़ मिलाकर

व्याख्या

चूरमा सिकी या तली गेहूँ की बाटियों को चूरकर उसमें घी और शक्कर या गुड़ मिलाकर बनाया जाता है।

प्रश्न 17

ग्रामीण राजस्थान का पारंपरिक व्यंजन 'राब' मुख्यतः किसे पकाकर बनाया जाता है?

  1. (1)मीठे दूध में चावल
  2. (2)छाछ में बाजरे का आटा
  3. (3)दही की तरी में बेसन
  4. (4)चाशनी में सूजी

उत्तर: (2) छाछ में बाजरे का आटा

व्याख्या

राब छाछ में बाजरे (या मक्का) का आटा पकाकर बनाया गया पतला, ठंडक देने वाला व्यंजन है, जो गर्मियों में प्रचलित है।

प्रश्न 18

निम्नलिखित में से कौन राजस्थानी व्यंजन 'पंचकूटा' की सूखी मरुस्थलीय सामग्रियों में शामिल नहीं है?

  1. (1)कुमटिया के बीज
  2. (2)गूंदा (लसोड़ा)
  3. (3)केर
  4. (4)कमल ककड़ी

उत्तर: (4) कमल ककड़ी

व्याख्या

पंचकूटा में केर, सांगरी, कुमटिया, गूंदा और काचरी या अमचूर जैसी मरुस्थलीय सामग्री होती है; कमल ककड़ी इसमें शामिल नहीं है।

प्रश्न 19

खाद्य पदार्थ का उस स्थान से मिलान कीजिए जिसके लिए वह प्रसिद्ध है: A. सोहन हलवा B. मावा कचौरी C. कलाकंद (मिल्क केक) D. मालपुआ 1. पुष्कर 2. अलवर 3. जोधपुर 4. अजमेर

  1. (1)A-4, B-3, C-2, D-1
  2. (2)A-3, B-4, C-2, D-1
  3. (3)A-4, B-3, C-1, D-2
  4. (4)A-4, B-2, C-3, D-1

उत्तर: (1) A-4, B-3, C-2, D-1

व्याख्या

सोहन हलवा अजमेर का, मावा कचौरी जोधपुर की, कलाकंद (मिल्क केक) अलवर का और मालपुआ पुष्कर का प्रसिद्ध है।

प्रश्न 20

केर-सांगरी व्यंजन में प्रयुक्त 'केर' किस पौधे का फल है?

  1. (1)प्रोसोपिस सिनेरेरिया
  2. (2)कैपेरिस डेसिडुआ
  3. (3)साल्वाडोरा ओलिओइड्स
  4. (4)जिजिफस न्यूमुलेरिया

उत्तर: (2) कैपेरिस डेसिडुआ

व्याख्या

केर पत्ती-रहित मरुस्थलीय झाड़ी कैपेरिस डेसिडुआ का फल है; सांगरी खेजड़ी (प्रोसोपिस सिनेरेरिया) की फली है।