एक नज़र में
- रागमाला चित्रावली, 1623 ई.: पाली के विट्ठलदास चाँपावत के लिए वीरजी ने शुद्ध राजस्थानी शैली में बनाई।
- नाथ सम्प्रदाय: मानसिंह इसके अनुयायी थे और नाथों के असंख्य चित्र बनवाए; दाना भाटी के चित्रों में चरमोत्कर्ष।
- उस्ता कला: ऊँट की खाल पर सोने का चित्रण, बीकानेर के उस्ता परिवार ने विकसित की।
तथ्य
| उपशैलियाँ | जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़, अजमेर, नागौर, सिरोही, जैसलमेर; घाणेराव, रियाँ, भिनाय, जूनियाँ ठिकाणा |
|---|---|
| प्रारंभिक अवशेष | प्रतिहारकालीन ओघ निर्युक्ति वृत्ति; लामा तारानाथ ने सातवीं सदी में मारू देश के चित्रकार शृंगधर का उल्लेख किया, जिसने यक्ष शैली को जन्म दिया |
| चरमोत्कर्ष | जोधपुर: महाराजा मानसिंह (1803–43) |
| जोधपुर के चित्रकार | अमरदास भाटी, दाना भाटी, शंकरदास, माधोदास, रामसिंह भाटी, शिवदास |
जोधपुर शैली
- मालदेव: मारवाड़ में कला एवं संस्कृति को नवीन परिवेश देने का श्रेय; उदाहरण चौखेलाव महल और चित्रित उत्तराध्ययन सूत्र।
- 1610 ई.: लिखित एवं चित्रित भागवत, जिसमें मेवाड़ एवं मारवाड़ की विशेषताएँ।
- जसवन्तसिंह: एक मोड़; कृष्ण चरित की विविधता और मुगल प्रभाव।
- अजीतसिंह: संभवतः मारवाड़ शैली के सबसे सुन्दर एवं प्राणवान चित्र, सामन्ती संस्कृति का चित्रण। अभयसिंह: डालचन्द को ख्याति; उनका 'महाराजा अभयसिंह नृत्य देखते हुए' (1725 ई.) मेहरानगढ़ संग्रहालय, जोधपुर में है।
- विषय: ढोला-मरवण, मूमल-महेन्द्रा, रूपमति-बाजबहादुर जैसे प्रेमाख्यान; कल्याण-रागिनी।
जोधपुर शैली की पहचान
- पुरुष: लम्बे-चौड़े, गठीले बदन, मूँछें, ऊँची पगड़ी, राजसी वस्त्राभूषण; स्त्रियाँ राजस्थानी लहँगा, ओढ़नी और लाल फुदनों में।
- बादाम-सी आँखें और ऊँची पाग इसकी अपनी देन; लाल-पीले रंग की बहुलता।
- प्रकृति मारवाड़ के परिवेश के अनुकूल; खंजन पक्षी का बखूबी चित्रण।
बीकानेर शैली
- उद्भव: 16वीं शती का अन्त; राव रायसिंह के समय चित्रित भागवत पुराण में इसके प्रारंभिक चित्र।
- अली रज़ा और रुकनुद्दीन: RBSE पुस्तक के अनुसार रायसिंह मुगल कलाकारों में से उस्ता अली रज़ा व उस्ता हामिद रुकनुद्दीन को साथ लाए; IGNCA के अनुसार अली रज़ा महाराजा कर्णसिंह (1631–69 ई.) के प्रिय चित्रकार थे और रुकनुद्दीन अनूपसिंह के दरबारी चित्रकार।
- दो परिवार: मथेरण परिवार जैन-मिश्रित राजस्थानी शैली में; उस्ता परिवार मुगल शैली में।
- अनूपसिंह: विशुद्ध रूप और चरमोत्कर्ष; रामलाल, अलीरज़ा, हसन तथा मथेरण परिवार के मुन्नालाल, मुकुन्द, चन्दुलाल; हिन्दी, संस्कृत, राजस्थानी काव्यों पर आधारित चित्र।
- पहचान: तन्वंगी कोमल ललनाएँ; नीले, हरे, लाल, बैंगनी, जामुनी, सलेटी रंग; शाहजहाँ और औरंगजेब शैली की पगड़ियाँ व ऊँची मारवाड़ी पगड़ियाँ; ऊँट, हरिन; बरसते बादलों में सारस-मिथुन; फव्वारों में दक्षिण शैली का प्रभाव।
अजमेर, नागौर, जैसलमेर, घाणेराव
| उपशैली | विशेषता | चित्रकार |
|---|---|---|
| अजमेर | भिनाय, सावर, मसूदा, जूनियाँ ठिकाने; जूनियाँ के चाँद का 'राजा पाबूजी' (1698 ई.) का व्यक्ति-चित्र सुन्दर उदाहरण; हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई धर्म को समान प्रश्रय | चाँद (जूनियाँ), तैयब (सावर), रामसिंह भाटी (नाँद), जालजी व नारायण भाटी (खरवा), माधोजी (मसूदा); महिलाएँ: उस्ना, साहिबा |
| नागौर | लकड़ी के कंवाड़ों और किले के भित्ति-चित्रण में मारवाड़ का प्रभाव; 'वृद्धावस्था' के चित्र; पारदर्शी वेशभूषा | |
| जैसलमेर | महारावल हरराज, अखैसिंह और मूलराज के संरक्षण में विकास; 'मूमल' प्रमुख चित्र; मुगल या जोधपुर का प्रभाव नहीं, पूर्णतः स्थानीय शैली | |
| घाणेराव | जोधपुर के दक्षिण में गोडवाड़ का ठिकाना; नवीन चित्र शैली का निर्माण | नारायण, छज्जू, कृपाराम |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- शैली और चित्रकारकिशनगढ़, निहालचंद · बीकानेर, अली रज़ा · मेवाड़, साहिबदीन · मारवाड़, शिवदास।
- बीकानेर या अलवर के चित्रकारमुन्नालाल, मुकुन्द, चन्दुलाल बीकानेर के · जमनादास, छोटेलाल, बकसाराम, नन्दराम अलवर के।
- समूहकिशनगढ़ और बीकानेर मारवाड़ वर्ग की शैलियाँ · अलवर और उणियारा ढूंढाड़ में आती हैं।
- जैसलमेर या जोधपुरजैसलमेर शैली पर जोधपुर का प्रभाव नहीं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 134
चन्दुलाल, मुकुन्द, मुन्नालाल किस चित्र-शैली के चित्रकार थे ?
- (1)मेवाड़ शैली
- (2)बीकानेर शैली
- (3)जयपुर शैली
- (4)अलवर शैली
उत्तर देखें
✓ (2) बीकानेर शैली
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 130
सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये : सूची-I — सूची-II A. किशनगढ़ — i. साहिबदीन B. बीकानेर — ii. निहालचंद C. मेवाड़ — iii. अली रज़ा D. मारवाड़ — iv. शिवदास कूट :
- (1)A-ii, B-iv, C-i, D-iii
- (2)A-ii, B-iii, C-i, D-iv
- (3)A-ii, B-iii, C-iv, D-i
- (4)A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें
✓ (2) A-ii, B-iii, C-i, D-iv
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंपढ़ लिया? अब अभ्यास करें
निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।
अभ्यास प्रश्न →