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ढूंढाड़ चित्रकला शैली

ढूंढाड़ शैली आमेर से जयपुर में विकसित हुई, फिर अलवर अलग हुई। जयपुर कारखाने के शासक और चित्रकार प्रायः पूछे जाते हैं।

⏱ 3 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 15 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. क्रम: आमेर, फिर जयपुर; बाद में अलवर जयपुर से अलग हुई।
  2. मुहम्मद शाह (RAS 2023): RPSC के उत्तर के अनुसार सवाई जयसिंह के दरबारी चित्रकार; उन्हें और साहिबराम को जयपुर शैली के प्रमुख चित्रकार माना जाता है।
  3. अलवर का स्वर्णकाल: विनयसिंह, अलवर की चित्रकला में उनका वही स्थान है जो मुगल चित्रकला में अकबर का।
  4. जयपुर की पहचान: आदमकद व्यक्ति-चित्र और भित्ति चित्रण; कलाकारों ने मुगल प्रभाव ग्रहण करते हुए राजपूती संस्कृति को बनाए रखा।

तथ्य

उपशैलियाँआमेर, जयपुर, शेखावाटी, अलवर; उणियारा उपशैली; झिलाय, ईसरदा, शाहपुरा, सामोद ठिकाणा
स्वर्णकालजयपुर: सवाई प्रतापसिंह
कारखानाजयपुर का सूरतखाना, सवाई जयसिंह के 36 कारखानों में एक
भित्ति पद्धतिआलागीला, जिसे आराइश या मोराकसी भी कहते हैं
विद्यालयमहाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स, 1857 ई., अब राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स

आमेर और जयपुर

शासक या कालविशेष
आमेर, प्रारंभिक कालयशोधरा चरित्र (1591 ई.); अकबर के लिए रज्मनामा (1588 ई.) की प्रति सूरतखाने में, 169 बड़े चित्रों सहित; बैराठ (मुगल गार्डन) और मौजमाबाद के भित्ति-चित्रों में मुगल प्रभाव
मिर्जा राजा जयसिंह (1621–67 ई.)रानी चन्द्रावती के लिए 1639 ई. में 'रसिकप्रिया' व 'कृष्ण रुक्मिणी री वेलि' बनवाए; 1639 ई. में निर्मित गणेश पोल भित्तिचित्रों से सुसज्जित
सवाई जयसिंहरसिकप्रिया, कविप्रिया, गीतगोविन्द, बारहमासा, नवरस और रागमाला चित्र
सवाई ईश्वरीसिंहसूरतखाना आमेर से जयपुर आया; साहिबराम के आदमकद व्यक्ति-चित्रों ने नई परंपरा डाली; लालचन्द ने जानवरों की लड़ाइयों के अनेक चित्र बनाए
सवाई माधोसिंह प्रथममणिकुट्टिम: रंगों के स्थान पर मोती, लाख व लकड़ी की मणियाँ; गलता के मंदिरों, सिसोदिया रानी के महल, चन्द्रमहल, पुण्डरीक की हवेली में भित्तिचित्र; लाल चितेरा इनके और ईश्वरीसिंह के समय के प्रमुख चित्रकार
सवाई प्रतापसिंहसूरतखाने में पचास से अधिक कलाकार, जिनमें रामसेवक, गोपाल, हुकमा, चिमना, सालिगराम, लक्ष्मण प्रमुख; राधाकृष्ण लीला, नायिका भेद, रागरागिनी, बारहमासा
  • आलागीला: तैयार चूने के पलस्तर को घोंटकर चिकना कर उस पर चित्र बनाते हैं; आरंभ आमेर में, कछवाहा-मुगल संबंधों का परिणाम।
  • ठिकाणा चित्रकला ईसरदा, सिवाड़, झिलाय, उणियारा, चौमू, सामोद, मालपुरा में विकसित हुई।

अलवर शैली

  • अलवर शैली 1775 ई. में जयपुर से अलग होकर राव राजा प्रतापसिंह के समय स्वतंत्र हुई; शिवकुमार और डालूराम चित्रकार जयपुर से आए; राजगढ़ किले के शीशमहल के भित्तिचित्र प्रारंभिक सर्वोत्कृष्ट चित्र।
  • बख्तावरसिंह: राजगढ़ के महलों में शीशमहल का चित्रण करवाया; बलदेव, डालूराम, सालगा, सालिगराम प्रमुख चितेरे; नाथों, जोगियों, फकीरों से धर्म-चर्चा करते महाराज के चित्र।
  • विनयसिंह: बलदेव से चित्रकारी सीखते थे; बलदेव व गुलामअली ने सुलेखित 'गुलिस्ताँ' चित्रित किया।
  • बलवन्तसिंह: सालिगराम, जमनादास, छोटेलाल, बकसाराम, नन्दराम ने पोथी, लघुचित्र व पटचित्र बनाए। शिवदानसिंह: कामकला पर आधारित चित्र। मंगलसिंह: मूलचंद व उदयराम ने हाथीदाँत पर चित्र। जयसिंह: रामगोपाल, जगमोहन, रामसहाय नेपालिया।
  • पहचान: ईरानी, मुगल और जयपुर का समन्वय; पुरुषों के मुख साधारण; ठिगनी स्त्रियाँ, उठी हुई वेणियाँ; वेश्याओं के चित्र; सुन्दर बेलबूटों वाली वसलियाँ।

उणियारा और शेखावाटी

शैलीविशेषताचित्रकार
उणियारानरूका ठिकाना; रावराजा सरदारसिंह का आश्रय; बूंदी और जयपुर का प्रभाव; मीरबक्स का 'राम-सीता, लक्ष्मण व हनुमान' प्रसिद्ध चित्रधीमा, मीरबक्स, काशी, रामलखन, भीम
शेखावाटीजयपुर शैली के भित्ति चित्रांकन का सर्वाधिक प्रभाव; उन्नीसवीं सदी के मध्य से बीसवीं सदी के प्रारंभ तक श्रेष्ठियों की हवेलियाँ नवलगढ़, रामगढ़, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, मुकुन्दगढ़, मंडावा, बिसाऊ में; 'ओपन आर्ट गैलरी'; हाथी, घोड़े, मल्लयुद्ध, कृष्ण लीला, रागरागिनी, लोककथाएँ; कत्थई, नीले व गुलाबी रंग

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • दो जयसिंहमिर्जा राजा जयसिंह, आमेर, चन्द्रावती के लिए रसिकप्रिया (1639 ई.) · सवाई जयसिंह, जयपुर, सूरतखाना सहित 36 कारखाने।
  • अलवर के चित्रकारजमनादास, छोटेलाल, बकसाराम, नन्दराम, सालिगराम (बलवन्तसिंह) · झालावाड़, बीकानेर या मारवाड़ के नहीं।
  • नाथद्वारा और अलवरनाथद्वारा मेवाड़ में · अलवर और उणियारा ढूंढाड़ में।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 127

प्रसिद्ध चित्रकार मुहम्मद शाह जयपुर के किस महाराजा का दरबारी चित्रकार था ?

  1. (1)सवाई राम सिंह द्वितीय
  2. (2)सवाई जगत सिंह
  3. (3)सवाई प्रताप सिंह
  4. (4)सवाई जय सिंह
उत्तर देखें

✓ (4) सवाई जय सिंह

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