एक नज़र में
- पूछा गया: RAS प्रारंभिक 2024 में 'चार तार' और 'रामदेवजी के भजनों में प्रयोग' दो कथन दिए गए थे, और दोनों सही हैं।
- दो नाम, एक वाद्य: तंदूरा और चौतारा; चौतारा का अर्थ है 'चार तारों वाला'।
- स्वर और ताल: तानपुरे की तरह यह लगातार आधार स्वर देता है, पर भजन की ताल भी साथ रखता है।
तथ्य
| वर्ग | तत (तार वाला), छेड़कर बजता है |
|---|---|
| तार | चार (कुछ में पाँच) |
| बजाने वाले | कामड़ सहित अन्य |
| साथ में | रामदेवजी के भजन |
| बनावट | लकड़ी का ढाँचा, धातु के तार |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- चौतारा और तानपुरादो अलग वाद्य; मेलों और उत्सवों में कामड़ पुरुष मंजीरे के साथ दोनों बजाते हैं · कामड़ स्त्रियाँ तेरहताली नृत्य करती हैं।
- चौतारा या रावणहत्थाचौतारा, कामड़ और रामदेवजी के भजन · रावणहत्था, भोपे और पाबूजी की फड़।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 128
लोक वाद्ययंत्र 'चौतारा' के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए : A. यह चार तारों वाला वाद्ययंत्र है । B. यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है ।
- (1)केवल A सत्य है ।
- (2)केवल B सत्य है ।
- (3)A और B दोनों सत्य हैं ।
- (4)A और B दोनों असत्य हैं ।
उत्तर देखें
✓ (3) A और B दोनों सत्य हैं ।
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