एक नज़र में
- बेमेल वाद्य: अलगोजा, मशक और शहनाई सुषिर हैं; खड़ताल घन है (CET स्नातक 2022)।
- नाम की वर्तनी: अलगोजा, अलगोज़ा और अलघोज़ा एक ही वाद्य हैं।
- धुन और आधार स्वर: एक बाँसुरी धुन बजाती है, दूसरी लगातार आधार स्वर।
तथ्य
| वर्ग | सुषिर (फूँक वाला) |
|---|---|
| बनावट | बाँसुरियों की जोड़ी |
| बजाना | दोनों एक साथ फूँकी जाती हैं |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- अलगोजा या सतारासतारा जैसलमेर-बाड़मेर के मेघवालों का वाद्य है, जो बिना गायक के अकेला बजता है; अलगोजा गीतों के साथ।
- अलगोजा या पूंगीअलगोजा, दो बाँसुरियाँ · पूंगी, कालबेलियों की सपेरा-बीन।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 20
निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र बाकी तीन से अलग है?
- (1)खड़ताल
- (2)मशक
- (3)शहनाई
- (4)अलगोज़ा
उत्तर देखें
✓ (1) खड़ताल
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