एक नज़र में
- तराइन हरियाणा में (तरावड़ी, जिला करनाल) है, राजस्थान में नहीं।
- मुहम्मद गोरी से संघर्ष तबरहिंद (भटिंडा) को लेकर शुरू हुआ।
- दिल्ली: उन्हें विरासत में मिली; उनके चाचा विग्रहराज चतुर्थ ने इसे तोमरों से लिया था।
तथ्य
| पिता | सोमेश्वर |
|---|---|
| माता | कर्पूरी देवी, कलचुरि राजकुमारी (पृथ्वीराज विजय); रासो परंपरा में उनकी माता अनंगपाल तोमर की पुत्री |
| भाई | हरिराज |
| गद्दी पर | 1177 ई., लगभग 11 वर्ष की आयु में |
| अन्य नाम | रायपिथौरा |
| दरबारी कवि | जयानक (पृथ्वीराज विजय); परंपरा से चंदबरदाई |
चंदेलों से युद्ध, 1182
- 1182 ई. में उन्होंने महोबा के चंदेल राजा परमर्दिदेव को हराया।
- वीर आल्हा और ऊदल इसी युद्ध में लड़ते हुए मारे गए बताए जाते हैं।
तराइन के दो युद्ध
| युद्ध | घटना और परिणाम |
|---|---|
| तराइन प्रथम, 1191 ई. | पृथ्वीराज की सेना ने गोरी की सेना को हराया; मुहम्मद गोरी घायल होकर लौट गया। उसका पीछा न करना पृथ्वीराज की भूल मानी जाती है |
| तराइन द्वितीय, 1192 ई. | गोरी अधिक संगठित घुड़सवार और घुड़सवार धनुर्धर सेना के साथ लौटा और पृथ्वीराज को हराया; अजमेर और बाद में दिल्ली तुर्कों के अधीन आ गए |
पृथ्वीराज भागे और सिरसा (सरस्वती) के पास पकड़े गए। सतीश चंद्र के अनुसार कुछ समय उन्हें गोरी के अधीन अजमेर पर शासन करने दिया गया और फिर षड्यंत्र के आरोप में मार दिया गया; अन्य वृत्तांतों में उनकी मृत्यु का वर्णन अलग है।
तराइन के बाद
- पृथ्वीराज के पुत्र गोविन्दराज को गोरी के अधीन अजमेर की गद्दी मिली; पृथ्वीराज के भाई हरिराज ने उन्हें हटा दिया, और फिर अजमेर तुर्कों के हाथ चला गया।
- गोविन्दराज रणथम्भौर चले गए और वहाँ चौहानों की रणथम्भौर शाखा शुरू की (1194 ई.)।
रासो की कथाएँ
- संयोगिता: पृथ्वीराज रासो के अनुसार कन्नौज के जयचंद ने राजसूय यज्ञ और स्वयंवर में पृथ्वीराज को नहीं बुलाया और पृथ्वीराज उनकी पुत्री संयोगिता को ले गए। ओझा ने इसे कपोल कल्पना माना और अनेक इतिहासकार इसे नहीं मानते; RBSE पुस्तक दशरथ शर्मा के साथ इसे स्वीकार करती है।
- गजनी: रासो की यह कथा कि पृथ्वीराज ने गजनी में गोरी को मारा, किंवदंती है; मुहम्मद गोरी 1206 ई. तक जीवित रहा।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- पृथ्वीराज द्वितीय · पृथ्वीराज तृतीयद्वितीय जगदेव के पुत्र · तृतीय सोमेश्वर के पुत्र।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 130
किस वर्ष में पृथ्वी राज III ने महोबा के शासक चन्देल को हराया था?
- (1)1181 ई.
- (2)1182 ई.
- (3)1191 ई.
- (4)1192 ई.
उत्तर देखें
✓ (2) 1182 ई.
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