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आहड़-बनास संस्कृति

आहड़-बनास संस्कृति मेवाड़ की ताम्रयुगीन संस्कृति है, जो बनास बेसिन में फैली थी; आहड़ इसका प्रमुख स्थल है और गिलूण्ड, बालाथल व ओझियाना अन्य उत्खनित स्थल।

⏱ 2 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 17 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. आभूषणों सहित शवाधान: आहड़ के लोग मृतकों को उनके आभूषणों के साथ दफनाते थे।
  2. चावल: आहड़ में मिली चावल की छापें बताती हैं कि यहाँ के लोग चावल उगाते थे।
  3. कुष्ठ रोग: बालाथल में लगभग 2500-2000 ई.पू. में दफनाए गए एक पुरुष का कंकाल भारत में कुष्ठ रोग का सबसे पुराना कंकाल-साक्ष्य है।

संस्कृति

क्षेत्रबनास और उसकी सहायक नदियों का बेसिन, मेवाड़ में
अन्य नामबनास संस्कृति
मृद्भाण्डसफेद रंग से चित्रित काले-लाल मृद्भाण्ड
स्थलों की संख्या90 से अधिक (एक गणना में 91, दूसरी में 111)
तिथिबालाथल की रेडियोकार्बन तिथियों की एक शृंखला से लगभग 3000-1500 ई.पू.; वी.एन. मिश्र (1977) ने आहड़ की तिथियों से 2000-1200 ई.पू. बताया

चार स्थल

स्थलस्थानउत्खननप्रसिद्ध
आहड़उदयपुर नगर के पास आहड़ (आयड़) नदी के तट पर; टीला धूलकोट कहलाता हैपहली परीक्षण खुदाई RBSE पुस्तक के अनुसार 1953 में अक्षयकीर्ति व्यास के निर्देशन में, ASI की 1954-55 की समीक्षा के अनुसार 1952 में; फिर 1950 के दशक के मध्य में आर.सी. अग्रवाल और 1961-62 में डेक्कन कॉलेज के एच.डी. साँकलियाप्राचीन नाम ताम्रवती; ताँबा गलाना
गिलूण्डराजसमंद जिला, बनास के पासबी.बी. लाल: RBSE पुस्तक के अनुसार 1957-58, ASI की समीक्षा के अनुसार 1959-60; 1990 के दशक के अन्त से फिर डेक्कन कॉलेज (वी.एस. शिंदे) और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय (ग्रेगरी पोसेल)दो टीले; कच्ची ईंटों की बड़ी इमारतें
बालाथलवल्लभनगर तहसील, उदयपुर जिलाडेक्कन कॉलेज के वी.एन. मिश्र, इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान स्टडीज़, उदयपुर के साथ, 1994-2000किलेबंद घेरा जिसके चारों ओर मकान थे; हड़प्पा से सम्पर्क
ओझियानाब्यावर से लगभग 30 किमी दक्षिण-पश्चिम में पहाड़ी ढाल पर (उत्खनन के समय भीलवाड़ा जिला)ASI के जयपुर मण्डल के बी.आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी, 1999-2000 सेलगभग 7.5 मीटर मोटे जमाव में एक ही संस्कृति; सफेद रंग से चित्रित मिट्टी के बैल, जिन्हें 'ओझियाना बैल' कहा गया

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • ईंटेंगिलूण्ड में पक्की ईंटें भी प्रयुक्त हुईं · आहड़ में पत्थर और धूप में सुखाई ईंटें।
  • आहड़ या गणेश्वरगणेश्वर (सीकर), कांतली के उद्गम पर, अलग गणेश्वर-जोधपुरा ताम्र संस्कृति का स्थल है।
  • गिलूण्ड या बागोरबागोर (भीलवाड़ा), कोठारी पर, मध्य पाषाण काल का लघु पाषाण उपकरणों का शिविर है।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 62

किस सभ्यता के लोग अपने मृतकों को आभूषणों के साथ दफनाते थे?

  1. (1)गिलून्ड
  2. (2)कालीबंगा
  3. (3)आहड़
  4. (4)बागोर
उत्तर देखें

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 129

“बालाथल सभ्यता” का पुरातत्व स्थल कहाँ स्थित है?

  1. (1)वल्लभनगर, उदयपुर
  2. (2)माऊन्ट आबू, सिरोही
  3. (3)हनुमानगढ़
  4. (4)अजमेर
उत्तर देखें

✓ (1) वल्लभनगर, उदयपुर

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 123

निम्नलिखित में से ओझियाना के उत्खनन में कौन शामिल था/थे ? A. आर.सी. अग्रवाल B. बी.आर. मीणा C. आलोक त्रिपाठी कूट :

  1. (1)केवल A
  2. (2)केवल C
  3. (3)A और B
  4. (4)B और C
उत्तर देखें

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