एक नज़र में
- गोविंद गुरु स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों से प्रेरित थे।
- एकी आंदोलन से पहले तेजावत मेवाड़ के झाड़ोल (झाड़ौल) ठिकाने में कामदार थे।
- एकी आंदोलन फैलने के डर से डूंगरपुर के महारावल ने अपने राज्य में सभी प्रकार की बेगार समाप्त कर दी।
गोविंद गुरु
| जन्म | 1858, डूंगरपुर राज्य के बांसिया में; उनका मूल गांव बेडसा; बंजारा |
|---|---|
| गुरु | साधु राजगिरि |
| सम्प सभा | भीलों के सामाजिक और नैतिक उत्थान के लिए स्थापित; सामान्य मान्यता 1883, सिरोही गजेटियर के अनुसार लगभग 1905 |
| भगत पंथ | भीलों को हिंदू धर्म के दायरे में बनाए रखने के लिए चलाया |
| मृत्यु | 30 अक्टूबर 1931, कंबोई (गुजरात) |
मानगढ़, 1913
- अप्रैल 1913: डूंगरपुर राज्य ने उन्हें गिरफ्तार किया और फिर छोड़ दिया। अक्टूबर 1913 में उन्होंने भीलों को बांसवाड़ा–सूंथ सीमा पर मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्र होने का संदेश भेजा (मानगढ़ अब बांसवाड़ा जिले में है)।
- 17 नवंबर 1913: वार्ता विफल होने के बाद अंग्रेजी नेतृत्व वाली सेनाओं ने मेवाड़ भील कोर की कंपनियों के साथ पहाड़ी पर हमला किया। सामान्य गणना में लगभग 1,500 भील मारे गए, जिसे RBSE कक्षा 12 की पुस्तक सरकारी आँकड़ा बताती है; कक्षा 9 की पुस्तक में उद्धृत अंग्रेजी दस्तावेजों के अनुसार 100 भील मारे गए और 900 बंदी बने।
- गोविंद गुरु और उनके अनुयायी पुंजा पकड़े गए। उनका मृत्युदंड अपील पर आजीवन कारावास और फिर दस वर्ष में बदला; सात वर्ष बाद (एक विवरण में 1919 में) इस शर्त पर रिहा हुए कि वे सूंथ, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कुशलगढ़ और ईडर में प्रवेश नहीं करेंगे।
- अंग्रेजों को उनके आंदोलन में भील राज्य की योजना दिखी।
मोतीलाल तेजावत और एकी आंदोलन
| जन्म | मेवाड़ के झाड़ोल ठिकाने का कोलियारी गांव; जाति से ओसवाल |
|---|---|
| एकी | एकी का अर्थ एकता है; इसे भोमट भील आंदोलन भी कहते हैं |
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 1921 | मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़) से कर-बंदी आंदोलन शुरू किया; मेवाड़ की पुकार की 21 माँगें महाराणा तक पहुँचीं, जिन्होंने 18 मानीं, पर वन अधिकार, बेगार और जंगली सूअर मारने की माँगें नहीं मानीं |
| 1921–22 | भोमट के भीलों ने लगान, लागें और बेगार देने से इनकार किया; आंदोलन सिरोही और ईडर तक फैला |
| 7 मार्च 1922 | मेजर एच. जी. सटन के नेतृत्व में मेवाड़ भील कोर ने तत्कालीन ईडर राज्य के पाल-चितरिया और दाधवाव गांवों (साबरकांठा, गुजरात) में भीलों की सभा पर गोली चलाई; RBSE कक्षा 12 की पुस्तक तिथि 7 अप्रैल देती है। अंग्रेजों ने 22 मृत बताए; भीलों की स्मृति में 1,000 से 1,500 |
| जून 1929 | ईडर पुलिस ने खेड़ब्रह्मा में गिरफ्तार कर मेवाड़ को सौंपा |
| अप्रैल 1936 | आंदोलन से दूर रहने की शर्त पर रिहा (कक्षा 12 की पुस्तक में 23 अप्रैल, कक्षा 9 की पुस्तक में 3 अप्रैल) |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- दो गोलीकांडमानगढ़, 17 नवंबर 1913, गोविंद गुरु · पाल-चितरिया, 7 मार्च 1922, तेजावत।
- भील सेवा मंडलठक्कर बापा (अमृतलाल विट्ठलदास ठक्कर), गोविंद गुरु या तेजावत नहीं · सम्प सभा: गोविंद गुरु · एकी: तेजावत।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 50
राजस्थान के भीलों और गोविंद गुरु के संदर्भ में असत्य कथन का चयन करें।
- (1)गोविंद गुरु ने राजस्थान के भीलों के सामाजिक और नैतिक उत्थान के लिए सम्पसभा की स्थापना की।
- (2)उन्हें हिंदू धर्म में बनाए रखने के लिए भगत आंदोलन शुरू किया।
- (3)अंग्रेजों को लगा की गोविंद गुरु द्वारा चलाए गए इस सामाजिक सुधार आंदोलन का उद्देश्य भील राज्य का निर्माण है।
- (4)उन्होंने सम्प सभा की मासिक बैठकें मानगढ़ पहाड़ी पर आयोजित की।
उत्तर देखें
✓ (4) उन्होंने सम्प सभा की मासिक बैठकें मानगढ़ पहाड़ी पर आयोजित की।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 5
निम्न में से किसके विचारों से प्रेरित होकर, गोविंद गुरु ने 'सम्प सभा' की स्थापना की?
- (1)नानक भील
- (2)केसरी सिंह बारहठ
- (3)महात्मा गांधी
- (4)दयानंद सरस्वती
उत्तर देखें
✓ (4) दयानंद सरस्वती
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 125
एकी आन्दोलन प्रारम्भ करने के पहले मोतीलाल तेजावत किस राजपूत ठिकाने में कामदार के पद पर कार्यरत थे ?
- (1)झाड़ोल
- (2)सलूम्बर
- (3)कोठारिया
- (4)देवगढ़
उत्तर देखें
✓ (1) झाड़ोल
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 5
भील सेवा मण्डल की स्थापना किसने की थी ?
- (1)गोविन्द गुरु
- (2)मोतीलाल तेजावत
- (3)डी.के. कर्वे
- (4)ए.वी. ठक्कर
उत्तर देखें
✓ (4) ए.वी. ठक्कर
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