रीट (राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा)
रीट पाठ्यक्रम: लेवल 1 और लेवल 2
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के रीट-2024 पाठ्यक्रम (विज्ञप्ति 01/2024, 12 दिसंबर 2024) के अनुसार · परीक्षा तिथि: अगली रीट अभी घोषित नहीं
रीट, यानी राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (अजमेर) आयोजित करता है। लेवल 1 कक्षा 1–5 के शिक्षकों के लिए और लेवल 2 कक्षा 6–8 के लिए है; आप एक या दोनों दे सकते हैं। नीचे दोनों लेवल का पूरा पाठ्यक्रम खंडवार दिया गया है, जैसा बोर्ड ने रीट 2024 के लिए दिया था।
इकाई पर जाएँ (10)
रीट परीक्षा पैटर्न
- हर लेवल में प्रश्न, प्रत्येक 1 अंक
- 150
- हर लेवल का समय
- ढाई घंटे
- गलत उत्तर पर अंक कटौती
- नहीं
- बिना विकल्प वाले प्रश्न पर कटौती
- 1/3
लेवल 1 में 30-30 प्रश्नों के पाँच खंड हैं: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा I, भाषा II, गणित और पर्यावरण अध्ययन। लेवल 2 में बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा I और भाषा II (प्रत्येक 30), और गणित एवं विज्ञान (60: 30 + 30) या सामाजिक अध्ययन (60) होता है; अन्य विषयों के शिक्षक इन दोनों में से कोई एक चुनते हैं। भाषा I और भाषा II आवेदन में हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, सिंधी, पंजाबी और गुजराती में से चुनी जाती हैं और दोनों अलग होनी चाहिए। गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते, लेकिन ओएमआर शीट पर छोड़े गए प्रश्न के लिए पाँचवाँ विकल्प E होता है: जिस प्रश्न में कोई विकल्प न भरा हो उस पर 1/3 अंक कटता है, और 10% से अधिक प्रश्न बिना विकल्प के हों तो अभ्यर्थी अयोग्य हो जाता है। प्रश्न कक्षा 1–5 (लेवल 1) या 6–8 (लेवल 2) के राज्य पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं, कठिनाई स्तर क्रमशः कक्षा 10 और कक्षा 12 तक, और भाषा खंडों को छोड़कर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में होते हैं।
लेवल 1: कक्षा 1–5
इकाई 1
बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30 प्रश्न)
- बाल विकास: वृद्धि एवं विकास की संकल्पना, विकास के विभिन्न आयाम एवं सिद्धांत, विकास को प्रभावित करने वाले कारक (विशेष रूप से परिवार एवं विद्यालय के संदर्भ में) एवं अधिगम से उनका संबंध
- वंशानुक्रम एवं वातावरण की भूमिका
- व्यक्तिगत विभिन्नताएँ: अर्थ, प्रकार एवं व्यक्तिगत विभिन्नताओं को प्रभावित करने वाले कारक; व्यक्तिगत विभिन्नताओं की समझ
- व्यक्तित्व: संकल्पना, प्रकार, व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक, व्यक्तित्व का मापन
- बुद्धि: संकल्पना, सिद्धांत एवं इसका मापन; बहुबुद्धि सिद्धांत एवं इसके निहितार्थ
- विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: पिछड़े, विमंदित, प्रतिभाशाली, सृजनशील, अलाभान्वित-वंचित, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे एवं अधिगम अक्षमता युक्त बच्चे
- अधिगम में आने वाली कठिनाइयाँ
- समायोजन की संकल्पना एवं तरीके; समायोजन में अध्यापक की भूमिका
- अधिगम का अर्थ एवं संकल्पना; अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
- अधिगम के सिद्धांत एवं इनके निहितार्थ
- बच्चे सीखते कैसे हैं: अधिगम की प्रक्रियाएँ; चिंतन, कल्पना एवं तर्क
- अभिप्रेरणा एवं इसके अधिगम के लिए निहितार्थ
- शिक्षण अधिगम की प्रक्रियाएँ; राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम की व्यूह रचना एवं विधियाँ
- आकलन, मापन एवं मूल्यांकन का अर्थ एवं उद्देश्य; समग्र एवं सतत मूल्यांकन; उपलब्धि परीक्षण का निर्माण; सीखने के प्रतिफल
- क्रियात्मक अनुसंधान
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009: अध्यापकों की भूमिका एवं दायित्व
- राजस्थान की समसामयिक बाल कल्याणकारी शैक्षिक योजनाएँ
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा
- बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान
- स्कूलों में पाठ्यक्रम एवं शिक्षण शास्त्र
- शिक्षक
- समतामूलक एवं समावेशी शिक्षा
- स्कूल शिक्षा के लिए मानक निर्धारण एवं प्रत्यायन
इकाई 2
भाषा I (30 प्रश्न)
हिंदी
- अपठित गद्यांश से व्याकरण: पर्यायवाची, विलोम, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, शब्दार्थ, शब्द शुद्धि; उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास; संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, अव्यय
- अपठित गद्यांश पर प्रश्न: रेखांकित शब्दों का अर्थ; वचन, काल, लिंग ज्ञात करना; दिए गए शब्दों का वचन, काल और लिंग बदलना
- वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के प्रकार, पदबंध, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, विराम चिह्न
- भाषा की शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषा दक्षता का विकास
- भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना); हिंदी भाषा शिक्षण में चुनौतियाँ; शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्य पुस्तक, बहु-माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन
- भाषा शिक्षण में मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, समग्र एवं सतत मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण
- राजस्थानी भाषा एवं बोलियों का सामान्य परिचय
अंग्रेज़ी (English)
- Unseen prose passage: synonyms, antonyms, spellings, word formation, one-word substitution
- Unseen prose passage: parts of speech, tenses, determiners, degrees of comparison
- Framing questions including Wh-questions; active and passive voice; narration; knowledge of English sounds and phonetic symbols
- Principles of teaching English; methods and approaches to English language teaching
- Development of language skills; teaching-learning materials (textbooks, multimedia materials and other resources)
- Comprehensive and continuous evaluation; evaluation in English language
इकाई 3
भाषा II (30 प्रश्न)
हिंदी
- अपठित गद्यांश पर आधारित व्याकरण: युग्म शब्द, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, लिंग, वचन, काल, शब्द शुद्धि
- अपठित पद्यांश पर प्रश्न: भाव सौंदर्य, विचार सौंदर्य, नाद सौंदर्य, शिल्प सौंदर्य, जीवन दृष्टि
- वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के भेद, पदबंध, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, कारक चिह्न, अव्यय, विराम चिह्न
- भाषा शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषायी दक्षता का विकास
- भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना); शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्य-पुस्तक, बहु-माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन
- भाषा शिक्षण में मूल्यांकन (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, समग्र एवं सतत मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण
- राजस्थानी भाषा की सामान्य जानकारी
अंग्रेज़ी (English)
- Unseen prose passage: linking devices, subject-verb concord, inferences
- Unseen poem: alliteration, simile, metaphor, personification, assonance, rhyme
- Modal auxiliaries; common idioms and phrases; literary terms: elegy, sonnet, short story, drama
- Basic knowledge of English sounds and symbols
- Principles of teaching English; communicative approach to English language teaching; challenges of teaching English: difficulties in learning English (role of home language, multilingualism)
- Methods of evaluation; remedial teaching
इकाई 4
गणित (30 प्रश्न)
- एक करोड़ तक की पूर्ण संख्याएँ, स्थानीय मान, तुलना; गणितीय मूल संक्रियाएँ: जोड़, बाकी, गुणा, भाग; भारतीय मुद्रा; वैदिक गणित
- भिन्न की अवधारणा: उचित भिन्न, समान और असमान हर वाली उचित भिन्नों की तुलना, मिश्र भिन्न, भिन्नों का जोड़-बाकी; अभाज्य एवं संयुक्त संख्याएँ, अभाज्य गुणनखंड, लघुत्तम समापवर्त्य, महत्तम समापवर्तक
- ऐकिक नियम, औसत, लाभ-हानि, सरल ब्याज
- समतल व वक्रतल; समतल व ठोस ज्यामितीय आकृतियाँ और समतल आकृतियों की विशेषताएँ; बिंदु, रेखा, किरण, रेखाखंड; कोण एवं उनके प्रकार
- लंबाई, भार, धारिता, समय, क्षेत्रमापन एवं इनकी मानक इकाइयाँ और उनमें संबंध; वर्गाकार तथा आयताकार वस्तुओं के पृष्ठ तल का क्षेत्रफल एवं परिमाप
- गणित की प्रकृति एवं तर्क शक्ति; पाठ्यक्रम में गणित की महत्ता; गणित की भाषा; सामुदायिक गणित; आँकड़ों का प्रबंधन
- औपचारिक एवं अनौपचारिक विधियों द्वारा मूल्यांकन; शिक्षण की समस्याएँ; त्रुटि विश्लेषण एवं शिक्षण-अधिगम से संबंधित पक्ष; निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण
इकाई 5
पर्यावरण अध्ययन (30 प्रश्न)
- परिवार: आपसी संबंध, एकल एवं संयुक्त परिवार; सामाजिक बुराइयाँ (बाल विवाह, दहेज प्रथा, बालश्रम, चोरी); दुर्व्यसन (नशाखोरी, धूम्रपान) और इनके व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणाम
- वस्त्र एवं आवास: विभिन्न ऋतुओं में पहने जाने वाले वस्त्र, घर पर वस्त्रों का रख-रखाव, हथकरघा तथा पावरलूम; जीव-जंतुओं के आवास, विभिन्न प्रकार के मानव-आवास, आवास और निकटवर्ती स्थानों की स्वच्छता, आवास निर्माण हेतु विभिन्न प्रकार की सामग्री
- व्यवसाय: अपने परिवेश के व्यवसाय (कपड़े सिलना, बागवानी, कृषि कार्य, पशुपालन, सब्ज़ीवाला आदि), लघु एवं कुटीर उद्योग, राजस्थान राज्य के प्रमुख उद्योग एवं हस्तकलाएँ, उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता, सहकारी समितियाँ
- हमारी सभ्यता, संस्कृति: राष्ट्रीय प्रतीक, राष्ट्रीय पर्व; राजस्थान के मेले एवं त्योहार, वेशभूषा एवं आभूषण, खान-पान, वास्तुकला, पर्यटन स्थल, प्रमुख विभूतियाँ एवं गौरव, विरासत (प्रमुख दुर्ग, महल, स्मारक), चित्रकला, लोकोक्तियाँ और लोकदेवता
- राजस्थान का सामान्य ज्ञान
- परिवहन और संचार: यातायात और संचार के साधन, सड़क पर चलने और यातायात के नियम, यातायात के संकेत, संचार साधनों का जीवन शैली पर प्रभाव
- अपने शरीर की देखभाल: शरीर के बाहरी अंग और उनकी साफ़-सफ़ाई, आंतरिक अंगों की सामान्य जानकारी, संतुलित भोजन और इसका महत्व, सामान्य रोग (आंत्रशोथ, अमीबायोसिस, एनीमिया, फ्लुओरोसिस, मलेरिया, डेंगू), उनके कारण और बचाव के उपाय, पल्स पोलियो अभियान
- सजीव जगत: पादपों और जंतुओं के संगठन के स्तर, सजीवों में विविधता; राज्य पुष्प, राज्य वृक्ष, राज्य पक्षी, राज्य पशु; संरक्षित वन क्षेत्र एवं वन्य जीव (राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य, बाघ संरक्षित क्षेत्र, विश्व धरोहर); पादपों तथा जंतुओं की जातियों का संरक्षण; कृषि पद्धतियाँ
- जल: जल, वन, नमभूमि और मरुस्थल की मूलभूत जानकारी; विभिन्न प्रकार के प्रदूषण एवं इनका नियंत्रण; जल के गुण, स्रोत और जल-प्रबंधन; राजस्थान में कलात्मक जल स्रोत, पेयजल व सिंचाई स्रोत
- हमारी पृथ्वी व अंतरिक्ष: सौर परिवार, भारत के अंतरिक्ष यात्री
- पर्वतारोहण: पर्वतारोहण में कठिनाइयाँ एवं काम आने वाले औज़ार, भारत की प्रमुख महिला पर्वतारोही
- पर्यावरण अध्ययन के क्षेत्र एवं संकल्पना: पर्यावरण अध्ययन का महत्व, समाकलित पर्यावरण अध्ययन, पर्यावरण शिक्षा के अधिगम सिद्धांत, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के साथ अंतर्संबंध एवं क्षेत्र
- पर्यावरणीय शिक्षाशास्त्र: संकल्पना प्रस्तुतीकरण के उपागम; क्रियाकलाप, प्रयोग/प्रायोगिक कार्य, चर्चा; समग्र एवं सतत मूल्यांकन; शिक्षण सामग्री/सहायक सामग्री; शिक्षण की समस्याएँ; सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
लेवल 2: कक्षा 6–8
इकाई 1
बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30 प्रश्न)
- बाल विकास: वृद्धि एवं विकास की संकल्पना, विकास के विभिन्न आयाम एवं सिद्धांत, विकास को प्रभावित करने वाले कारक (विशेष रूप से परिवार एवं विद्यालय के संदर्भ में) एवं अधिगम से उनका संबंध
- वंशानुक्रम एवं वातावरण की भूमिका
- व्यक्तिगत विभिन्नताएँ: अर्थ, प्रकार एवं व्यक्तिगत विभिन्नताओं को प्रभावित करने वाले कारक
- व्यक्तित्व: संकल्पना, प्रकार, व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक, व्यक्तित्व का मापन
- बुद्धि: संकल्पना, सिद्धांत एवं इसका मापन; बहुबुद्धि सिद्धांत एवं इसके निहितार्थ
- विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: पिछड़े, विमंदित, प्रतिभाशाली, सृजनशील, अलाभान्वित-वंचित, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे एवं अधिगम अक्षमता युक्त बच्चे
- अधिगम में आने वाली कठिनाइयाँ
- समायोजन की संकल्पना एवं तरीके; समायोजन में अध्यापक की भूमिका
- अधिगम का अर्थ एवं संकल्पना; अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
- अधिगम के सिद्धांत (व्यवहारवाद, गेस्टाल्टवाद, संज्ञानवाद, निर्मितिवाद) एवं इनके निहितार्थ
- बच्चे सीखते कैसे हैं: अधिगम की प्रक्रियाएँ; चिंतन, कल्पना एवं तर्क (निर्मितिवादी उपागम, आनुभविक अधिगम, संकल्पना-मानचित्रण, अन्वेषण एवं समस्या समाधान)
- अभिप्रेरणा एवं इसके अधिगम के लिए निहितार्थ
- शिक्षण अधिगम की प्रक्रियाएँ; राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम की व्यूह रचना एवं विधियाँ
- आकलन, मापन एवं मूल्यांकन का अर्थ एवं उद्देश्य; समग्र एवं सतत मूल्यांकन; उपलब्धि परीक्षण का निर्माण; सीखने के प्रतिफल
- क्रियात्मक अनुसंधान
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009: अध्यापकों की भूमिका एवं दायित्व
- राजस्थान की समसामयिक बाल कल्याणकारी शैक्षिक योजनाएँ
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा
- बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान
- स्कूलों में पाठ्यक्रम एवं शिक्षण शास्त्र
- शिक्षक
- समतामूलक एवं समावेशी शिक्षा
- स्कूल शिक्षा के लिए मानक निर्धारण एवं प्रत्यायन
इकाई 2
भाषा I (30 प्रश्न)
हिंदी
- अपठित गद्यांश से व्याकरण: शब्द ज्ञान (तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द); पर्यायवाची, विलोम, एकार्थी एवं अनेकार्थी शब्द; उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास; संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, विशेष्य, अव्यय; वाक्यांश के लिए एक शब्द, शब्द शुद्धि
- अपठित गद्यांश पर प्रश्न: रेखांकित शब्दों का अर्थ; वचन, काल, लिंग ज्ञात करना; दिए गए शब्दों का वचन, काल और लिंग बदलना; राजस्थानी शब्दों के हिंदी रूप
- वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के प्रकार, पदबंध, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, विराम चिह्न
- भाषा की शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषा दक्षता का विकास
- भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना); हिंदी भाषा शिक्षण में चुनौतियाँ; शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्य पुस्तक, बहु-माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन
- भाषा शिक्षण में मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, समग्र एवं सतत मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण
- राजस्थानी भाषा एवं साहित्य की सामान्य जानकारी
अंग्रेज़ी (English)
- Unseen prose passage: synonyms, antonyms, spellings, word formation, one-word substitution
- Unseen prose passage: parts of speech, tenses, determiners, degrees of comparison
- Framing questions including Wh-questions; active and passive voice; narration; knowledge of English sounds and phonetic symbols
- Principles of teaching English; methods and approaches to English language teaching
- Development of language skills; teaching-learning materials (textbooks, multimedia materials and other resources)
- Continuous and comprehensive evaluation; assessment and evaluation in language
इकाई 3
भाषा II (30 प्रश्न)
हिंदी
- अपठित गद्यांश पर आधारित व्याकरण: वर्ण विचार, वर्ण विश्लेषण; शब्द ज्ञान (तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द, युग्म शब्द); उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास; शब्दों को शब्द-कोश क्रम में लिखना, शब्दों के मानक रूप; संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, क्रिया, लिंग, वचन, काल
- अपठित पद्यांश पर प्रश्न: भाव सौंदर्य, विचार सौंदर्य, नाद सौंदर्य, शिल्प सौंदर्य, जीवन दृष्टि
- वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के भेद, पदबंध, मुहावरे, लोकोक्तियाँ; कारक चिह्न, अव्यय, विराम चिह्न; राजस्थानी मुहावरों का अर्थ व प्रयोग
- भाषा शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषायी दक्षता का विकास
- भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना); शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्य पुस्तक, बहु-माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन
- भाषा शिक्षण में मूल्यांकन (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, समग्र एवं सतत मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण
- राजस्थानी साहित्य एवं साहित्यकार
अंग्रेज़ी (English)
- Unseen prose passage: linking devices, subject-verb concord, inferences
- Unseen poem: alliteration, simile, metaphor, personification, assonance, rhyme
- Modal auxiliaries; common idioms and phrases; literary terms: elegy, sonnet, short story, drama
- Basic knowledge of English sounds and their phonetic symbols
- Principles of teaching English; communicative approach to English language teaching; challenges of teaching English: difficulties in learning English (role of home language, multilingualism)
- Methods of evaluation; remedial teaching
इकाई 4
गणित एवं विज्ञान (60 प्रश्न, गणित और विज्ञान के शिक्षकों के लिए)
गणित (30 प्रश्न)
- घातांक और घात: समान आधार की घातीय संख्याओं का गुणा तथा भाग, घातांक के नियम
- बीजीय व्यंजक: बीजीय व्यंजकों का योग, व्यवकलन, गुणा एवं भाग; सर्वसमिकाएँ
- गुणनखंड: सरल बीजीय व्यंजकों के गुणनखंड
- समीकरण: एक चर वाले रैखिक समीकरण
- वर्ग और वर्गमूल
- घन और घनमूल
- दशमलव
- परिमेय संख्याएँ
- ब्याज: सरल ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज; लाभ-हानि
- अनुपात एवं समानुपात: समानुपाती भागों में विभाजन; भिन्न
- प्रतिशतता, दर, वृद्धि एवं ह्रास
- रेखा, किरण तथा कोण: रेखाखंड, सरल एवं वक्र रेखाएँ, कोणों के प्रकार
- समतलीय आकृतियाँ: त्रिभुज, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, चतुर्भुज तथा वृत्त, बहुभुज
- समतलीय आकृतियों का क्षेत्रफल एवं परिमाप: त्रिभुज, आयत, समांतर चतुर्भुज एवं समलंब चतुर्भुज
- पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन: घन, घनाभ एवं लंबवृत्तीय बेलन
- सममिति
- सांख्यिकी: आँकड़ों का संग्रह एवं वर्गीकरण, बारंबारता बंटन सारणी, मिलान चिह्न, स्तंभ (बार) लेखाचित्र एवं आयत लेखाचित्र, वृत्तीय ग्राफ (पाई चित्र)
- लेखाचित्र (ग्राफ): विभिन्न प्रकार के लेखाचित्र
- प्रायिकता
- गणित की प्रकृति एवं तर्क शक्ति; पाठ्यक्रम में गणित की महत्ता; गणित की भाषा; सामुदायिक गणित
- मूल्यांकन; उपचारात्मक शिक्षण; शिक्षण की समस्याएँ
विज्ञान (30 प्रश्न)
- सजीव एवं निर्जीव: परिचय, अंतर एवं लक्षण
- सूक्ष्म जीव: जीवाणु, वायरस, कवक (लाभकारी एवं अलाभकारी)
- सजीव: पौधों के प्रकार एवं विभिन्न भाग, पादपों में पोषण, श्वसन एवं उत्सर्जन, पादप और जंतु कोशिकाओं की संरचना और कार्य, पादपों में जनन, प्राणियों में पोषण, शरीर में गति
- मानव शरीर एवं स्वास्थ्य: सूक्ष्म जीवों से फैलने वाले रोग (क्षय रोग, खसरा, डिफ्थीरिया, हैजा, टाइफाइड) और उनसे बचाव; मानव शरीर के विभिन्न तंत्र; संक्रामक रोग (फैलने के कारण और बचाव); भोजन के स्रोत, भोजन के प्रमुख अवयव और उनकी कमी से होने वाले रोग; संतुलित भोजन
- जंतु प्रजनन एवं किशोरावस्था: जनन की विधियाँ (लैंगिक एवं अलैंगिक); किशोरावस्था एवं यौवनारंभ: शारीरिक परिवर्तन, जनन में हार्मोन्स की भूमिका, जननात्मक स्वास्थ्य
- यांत्रिकी: बल एवं गति; बलों के प्रकार (पेशीय, घर्षण, गुरुत्व, चुंबकीय, स्थिर वैद्युत बल); गति के प्रकार (रेखीय, वृत्ताकार, कंपन, आवर्त एवं घूर्णन गति); दाब, वायुमंडलीय दाब
- ऊर्जा: ऊर्जा के परंपरागत तथा वैकल्पिक स्रोत, ऊर्जा संरक्षण
- ताप एवं ऊष्मा: ताप एवं ऊष्मा का अभिप्राय, तापमापी, ऊष्मा संचरण (चालन, संवहन, विकिरण)
- प्रकाश एवं ध्वनि: प्रकाश के स्रोत, परावर्तन, गोलीय दर्पण, समतल व गोलीय दर्पण से प्रतिबिंब बनना, प्रकाश का अपवर्तन, लेंस एवं लेंस से प्रतिबिंब का निर्माण; ध्वनि, ध्वनि के अभिलक्षण, ध्वनि संचरण, ध्वनि प्रदूषण
- विद्युत एवं चुंबकत्व: विद्युत धारा, विद्युत परिपथ, विद्युत धारा के ऊष्मीय, चुंबकीय एवं रासायनिक प्रभाव, चुंबक एवं चुंबकत्व
- प्राकृतिक परिघटनाएँ: तड़ित, भूकंप
- पदार्थ की संरचना: परमाणु एवं अणु, परमाणु की संरचना; तत्व, यौगिक और मिश्रण; पदार्थों के गुण, पदार्थों का पृथक्करण; तत्वों के प्रतीक, यौगिकों के रासायनिक सूत्र तथा रासायनिक समीकरण; भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन
- रासायनिक पदार्थ: ऑक्साइड्स, अम्ल, क्षार और लवण; ऑक्सीजन गैस, नाइट्रोजन गैस, नाइट्रोजन चक्र; हाइड्रोकार्बन (सामान्य जानकारी); कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस; दहन एवं ज्वाला
- पौधों एवं जंतुओं का संरक्षण: वनोन्मूलन, हरितगृह प्रभाव और वैश्विक तापन, संकटापन्न प्रजातियाँ, वन्य प्राणी अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान
- कृषि प्रबंधन: कृषि पद्धतियाँ, फसलों के प्रकार व उदाहरण
- विज्ञान की संरचना एवं प्रकृति; प्राकृतिक विज्ञान: लक्ष्य एवं उद्देश्य, प्राकृतिक संसाधन, पर्यावरण, प्रदूषण व नियंत्रण, जैव विविधता, अनुकूलन, कचरा प्रबंधन
- विज्ञान को समझना; विज्ञान की शिक्षण विधियाँ; नवाचार; पाठ्य सामग्री/सहायक सामग्री
- मूल्यांकन; शिक्षण की समस्याएँ; उपचारात्मक शिक्षण
इकाई 5
सामाजिक अध्ययन (60 प्रश्न, सामाजिक अध्ययन के शिक्षकों के लिए)
- भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं समाज: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक संस्कृति, जैन व बौद्ध धर्म, महाजनपद काल
- मौर्य तथा गुप्त साम्राज्य एवं गुप्तोत्तर काल: राजनीतिक इतिहास और प्रशासन, अर्थव्यवस्था, साहित्य एवं स्थापत्य, भारतीय संस्कृति के प्रति योगदान; भारत 600–1000 ईस्वी; वृहत्तर भारत
- मध्यकाल एवं आधुनिक काल: चोल साम्राज्य, भक्ति और सूफ़ी आंदोलन, मुगल-राजपूत संबंध, मुगल प्रशासन, मध्यकालीन अर्थव्यवस्था एवं स्थापत्य कला; भारतीय राज्यों के प्रति ब्रिटिश नीति, 1857 का विद्रोह, भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश प्रभाव, पुनर्जागरण एवं सामाजिक सुधार, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (1885–1947)
- भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र: भारतीय संविधान का निर्माण व विशेषताएँ, उद्देशिका, मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य, कानून एवं सामाजिक न्याय, लिंग बोध (जेंडर परसेप्शन), बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण, लोकतंत्र में निर्वाचन व मतदाता जागरूकता
- सरकार, गठन एवं कार्य: संसद, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद; राज्य सरकार; पंचायती राज एवं नगरीय स्वशासन (राजस्थान के विशेष संदर्भ में); जिला प्रशासन; न्यायपालिका
- पृथ्वी एवं हमारा पर्यावरण: सौरमंडल, अक्षांश, देशांतर, पृथ्वी की गतियाँ, वायुदाब एवं पवनें, चक्रवात एवं प्रतिचक्रवात, महासागरीय परिसंचरण, ज्वालामुखी, भूकंप, पृथ्वी के मुख्य जलवायु कटिबंध एवं प्रमुख परिमंडल, पर्यावरणीय समस्याएँ एवं समाधान
- भारत का भूगोल एवं संसाधन: भू-आकृति, प्रदेश, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन्य जीवन, मृदा, कृषि फसलें, उद्योग, खनिज, जनसंख्या, मानव संसाधन; विकास के आर्थिक एवं सामाजिक कार्यक्रम
- राजस्थान का भूगोल एवं संसाधन: भौतिक प्रदेश, जलवायु एवं अपवाह प्रणाली, झीलें, जल-संरक्षण एवं संग्रहण, कृषि, मृदा, फसलें, खनिज एवं ऊर्जा संसाधन, प्रमुख नहरें एवं नदी घाटी परियोजनाएँ, परिवहन, उद्योग, जनसंख्या, पर्यटन स्थल, वन एवं वन्य जीवन
- राजस्थान का इतिहास: प्राचीन सभ्यताएँ एवं जनपद, प्रमुख राजवंशों का इतिहास, 1857 की क्रांति में राजस्थान का योगदान, प्रजामंडल, जनजातीय व किसान आंदोलन, राजस्थान का एकीकरण, प्रमुख व्यक्तित्व
- राजस्थान की कला व संस्कृति: विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक), मेले, त्योहार, लोक कलाएँ, चित्रकला, लोक नृत्य एवं लोक नाट्य, लोक देवता, लोक संत, लोक संगीत एवं वाद्य यंत्र, हस्तकला एवं स्थापत्य कला, वेशभूषा एवं आभूषण, भाषा एवं साहित्य
- शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे I: सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन की संकल्पना एवं प्रकृति; कक्षा-कक्ष की प्रक्रियाएँ, क्रियाकलाप एवं विमर्श; सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ; समालोचनात्मक चिंतन का विकास
- शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे II: पृच्छा/आनुभविक साक्ष्य; शिक्षण अधिगम सामग्री एवं सहायक सामग्री; सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी; प्रायोजना कार्य; सीखने के प्रतिफल; मूल्यांकन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अगली रीट कब होगी?
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अभी घोषणा नहीं की है। पिछली परीक्षा, रीट 2024, 27 और 28 फरवरी 2025 को हुई थी; अगली विज्ञप्ति rajeduboard.rajasthan.gov.in पर आते ही हम उसकी तिथि यहाँ जोड़ देंगे।
रीट का परीक्षा पैटर्न क्या है?
हर लेवल में 1-1 अंक के 150 प्रश्न, ढाई घंटे में। लेवल 1 में 30-30 प्रश्नों के पाँच खंड हैं: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा I, भाषा II, गणित और पर्यावरण अध्ययन। लेवल 2 में बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा I और भाषा II (प्रत्येक 30) और गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन (60) होता है।
क्या रीट में नकारात्मक अंकन है?
गलत उत्तर पर नहीं। लेकिन ओएमआर शीट पर छोड़े गए प्रश्न के लिए पाँचवाँ विकल्प E होता है; जिस प्रश्न में कोई भी विकल्प न भरा हो उस पर 1/3 अंक कटता है, और 10% से अधिक प्रश्न बिना विकल्प के छोड़ने पर अभ्यर्थी अयोग्य हो जाता है।
कौन-सी भाषाएँ चुन सकते हैं?
भाषा I और भाषा II आवेदन में हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, सिंधी, पंजाबी और गुजराती में से चुनी जाती हैं और दोनों अलग होनी चाहिए। भाषा I आपकी शिक्षण माध्यम की भाषा होनी चाहिए। इस पेज पर हिंदी और अंग्रेज़ी का पाठ्यक्रम है।
लेवल 2 में कौन-सा खंड चुनें?
गणित और विज्ञान के शिक्षक गणित एवं विज्ञान, और सामाजिक अध्ययन के शिक्षक सामाजिक अध्ययन चुनते हैं। अन्य विषयों के शिक्षक इन दोनों में से कोई एक चुन सकते हैं।
आधिकारिक पाठ्यक्रम कहाँ मिलेगा?
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड हर रीट विज्ञप्ति के साथ इसे rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी करता है (रीट 2024 का reet2024.co.in पर)। यह पेज रीट 2024 के पाठ्यक्रम पर आधारित है; अगली रीट की विज्ञप्ति आने पर नया पाठ्यक्रम ज़रूर देखें।