एक नज़र में
- तिथि के अनुसार गिनती: हर अधिसूचना से संख्याएँ बदलती हैं; RAS 2024 में संरक्षण आरक्षित 'मई 2023 के अनुसार' पूछा गया।
- बारां, बूँदी नहीं: शेरगढ़ अभयारण्य और तीनों सोरसन संरक्षण आरक्षित बारां में हैं; RAS 2023 और RAS 2024 दोनों में इन्हें बूँदी के साथ दिया गया।
- टाइगर रिज़र्व करंट अफेयर्स में आते हैं: RAS 2023 में राजस्थान का पाँचवाँ रिज़र्व पूछा गया।
- प्रतीक सीधे पूछे जाते हैं: CET स्नातक 2024 में राज्य पक्षी और REET 2025 में राज्य पुष्प पूछा गया।
संरक्षित क्षेत्र एक नज़र में
संख्याएँ राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्रों की सूची (20 अक्टूबर 2026 की स्थिति) से और रामसर स्थलों की संख्या पर्यावरण मंत्रालय की सूची (21 अप्रैल 2026 की स्थिति) से हैं (उसके बाद 20 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान में कोई नया स्थल नहीं जुड़ा)। हर नई अधिसूचना से ये बदलती हैं: प्रश्न में 'की स्थिति' की तिथि दी हो तो उसी तिथि के अनुसार उत्तर दें।
| प्रकार | संख्या | सूचीबद्ध क्षेत्रफल में सबसे बड़ा और सबसे छोटा | सबसे नया अधिसूचित |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय उद्यान | 3 | सबसे बड़ा रणथम्भौर (282.03 वर्ग किमी); सबसे छोटा केवलादेव (28.73 वर्ग किमी) | मुकुंदरा हिल्स, 9 जनवरी 2012 |
| टाइगर रिज़र्व (बाघ परियोजना क्षेत्र) | 5 | धौलपुर–करौली, 2023 | |
| वन्यजीव अभयारण्य | 26 | सबसे बड़ा डेजर्ट नेशनल पार्क अभयारण्य (3,162 वर्ग किमी); सबसे छोटा सज्जनगढ़ (5.19 वर्ग किमी) | |
| संरक्षण आरक्षित (कंजर्वेशन रिज़र्व) | 40 | सबसे बड़ा बालेश्वर (221.69 वर्ग किमी); सबसे छोटा बीड़ मुहाना-B (0.1039 वर्ग किमी) | खेजड़ली कला, 17 दिसंबर 2025 |
| रामसर स्थल | 5 | सबसे बड़ा सांभर (24,000 हेक्टेयर); सबसे छोटा खीचन (54.187 हेक्टेयर) | सिलीसेढ़ झील, पदनाम 7 जुलाई 2025 |
टाइगर रिज़र्व (बाघ परियोजना क्षेत्र)
राजस्थान में पाँच टाइगर रिज़र्व हैं; राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की सूची में 20 अक्टूबर 2026 की स्थिति में भारत में 58 हैं। बाघ परियोजना (प्रोजेक्ट टाइगर) 1973 में नौ राज्यों के नौ रिज़र्वों से शुरू हुई, जिनमें राजस्थान भी था; NTCA की तालिका में राजस्थान का रणथम्भौर रिज़र्व 1973–74 से दर्ज है।
| टाइगर रिज़र्व | जिले | टाइगर रिज़र्व वर्ष (NTCA) | कोर + बफर (NTCA, वर्ग किमी) | वन विभाग की सूची में क्षेत्रफल (वर्ग किमी) |
|---|---|---|---|---|
| रणथम्भौर | सवाई माधोपुर, करौली, बूँदी, टोंक | 2007 (1973–74) | 1,113.36 + 297.92 | 1,530.23 |
| सरिस्का | अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर | 2007 (1978–79) | 881.11 + 332.23 | 1,213.34 |
| मुकुंदरा हिल्स | कोटा, बूँदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ | 2013 | 417.17 + 342.82 | 1,135.787 |
| रामगढ़ विषधारी | कोटा, बूँदी | 2022 | 481.9073 + 1,019.9848 | 1,501.89 |
| धौलपुर–करौली | धौलपुर, करौली | 2023 | 599.6406 + 458.24 | 599.6406 |
वर्ष NTCA की तालिका का 'TR अधिसूचना वर्ष' है; कोष्ठक में वह पहले का 'PA अधिसूचना वर्ष' है जो NTCA की तालिका रणथम्भौर और सरिस्का के लिए देती है। दोनों स्रोतों के क्षेत्रफल रणथम्भौर और मुकुंदरा हिल्स में अलग हैं, जहाँ विभाग का आँकड़ा NTCA के कोर + बफर से बड़ा है, और धौलपुर–करौली में, जहाँ यह केवल NTCA के कोर क्षेत्र के बराबर है।
राष्ट्रीय उद्यान
| राष्ट्रीय उद्यान | जिला | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | अधिसूचना | मुख्य वन्यजीव |
|---|---|---|---|---|
| रणथम्भौर | सवाई माधोपुर | 282.03 | 1 नवंबर 1980 | बाघ, पैंथर, भालू, सांभर, चीतल |
| केवलादेव (घना) | भरतपुर | 28.73 | 27 अगस्त 1981 | स्थानीय और प्रवासी पक्षी, चीतल, अजगर, नीलगाय, सांभर |
| मुकुंदरा हिल्स | कोटा, चित्तौड़गढ़ | 199.55 | 9 जनवरी 2012 | पैंथर, चिंकारा, भालू, चीतल, लकड़बग्घा, जंगली सूअर |
- केवलादेव 1985 में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में सूचीबद्ध हुआ।
वन्यजीव अभयारण्य
वन विभाग 26 अभयारण्य गिनता है; वर्ष पहली अधिसूचना का है। इनमें से सात (जयसमंद, सवाई माधोपुर, सरिस्का, दर्रा, और धौलपुर के रामसागर, वन विहार व केसरबाग) 7 नवंबर 1955 को एक साथ पहली बार 'आरक्षित क्षेत्र' (Reserved Areas) के रूप में घोषित हुए थे। माउंट आबू पहली बार 1960 में घोषित हुआ और 2008 में सीमाओं सहित फिर अधिसूचित हुआ। मुख्य वन्यजीव राज्य जैव विविधता बोर्ड की सूची के अनुसार हैं। आठ प्रस्ताव, जिनमें डेजर्ट, सरिस्का और कुंभलगढ़ के राष्ट्रीय उद्यान हैं, 'प्रक्रियाधीन' हैं और गिने नहीं गए।
| अभयारण्य | जिला | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | अधिसूचना वर्ष | मुख्य वन्यजीव |
|---|---|---|---|---|
| सरिस्का | अलवर | 544.22 | 1955 | बाघ, पैंथर, चीतल, सांभर, साही |
| दर्रा | कोटा, झालावाड़ | 227.63 | 1955 | पैंथर, भेड़िया, सियार, चीतल, लोमड़ी, सांभर, भालू, साही |
| वन विहार | धौलपुर | 25.60 | 1955 | भालू, भेड़िया, चीतल, लकड़बग्घा, लोमड़ी, जंगली बिल्ली |
| जयसमंद | सलूंबर (तब उदयपुर जिला; विभाग की सूची में अब भी उदयपुर) | 52.34 | 1955 | स्थानीय पक्षी, लकड़बग्घा, सियार, चिंकारा |
| माउंट आबू | सिरोही | 103.967 | 1960 | पैंथर, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िया, साही |
| कुंभलगढ़ | राजसमंद, उदयपुर, पाली | 610.53 | 1971 | पैंथर, भालू, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, चौसिंगा, सांभर |
| तालछापर | चूरू | 7.19 | 1962 | काला हिरण, स्थानीय पक्षी |
| सीतामाता | प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, सलूंबर | 422.94 | 1979 | उड़न गिलहरी, पैंथर, जंगली बिल्ली, सांभर, लकड़बग्घा, कस्तूरी बिलाव (सिवेट) |
| राष्ट्रीय चम्बल (घड़ियाल) | कोटा, बूँदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर | 564.03 | 1979 | घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुआ, डॉल्फिन, भालू, चिंकारा, ऊदबिलाव |
| नाहरगढ़ | जयपुर | 52.40 | 1980 | लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, खरगोश |
| जमवा रामगढ़ | जयपुर | 300.00 | 1982 | पैंथर, चीतल, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार |
| जवाहर सागर | कोटा, बूँदी, चित्तौड़गढ़ | 194.6 | 1975 | पैंथर, भालू, भेड़िया, घड़ियाल, मगरमच्छ, चीतल, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सियार |
| डेजर्ट नेशनल पार्क अभयारण्य | जैसलमेर, बाड़मेर | 3,162.00 | 1980 | चिंकारा, मरुस्थलीय बिल्ली, लोमड़ी, गोडावण |
| रामगढ़ विषधारी | बूँदी | 303.05 | 1982 | पैंथर, लकड़बग्घा, भालू, सियार, लोमड़ी, चीतल |
| भैंसरोड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ | 201.40 | 1983 | पैंथर, भालू, चौसिंगा, चिंकारा, लकड़बग्घा, लोमड़ी |
| कैलादेवी | करौली, सवाई माधोपुर | 676.82 | 1983 | पैंथर, चीतल, चिंकारा, सांभर, भालू, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, भेड़िया |
| शेरगढ़ | बारां | 81.67 | 1983 | पैंथर, चीतल, चिंकारा, जंगली सूअर |
| टॉडगढ़-रावली | राजसमंद, ब्यावर, पाली | 495.27 | 1983 | पैंथर, लकड़बग्घा, भेड़िया, हरियल कबूतर, जंगली मुर्गा |
| फुलवारी की नाल | उदयपुर | 511.41 | 1983 | पैंथर, लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, सियार, लोमड़ी |
| सवाई माधोपुर | सवाई माधोपुर | 131.30 | 1955 | |
| सवाई मानसिंह | सवाई माधोपुर | 113.07 | 1984 | बाघ, पैंथर, लकड़बग्घा, लोमड़ी, भालू, चीतल, सांभर |
| बंध बारेठा | भरतपुर | 170.65 | 1985 | स्थानीय और प्रवासी पक्षी |
| सज्जनगढ़ | उदयपुर | 5.19 | 1987 | पैंथर, लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, सियार, लोमड़ी |
| बस्सी | चित्तौड़गढ़ | 138.69 | 1988 | चीतल, चिंकारा, पैंथर, लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली |
| रामसागर | धौलपुर | 34.40 | 1955 | भेड़िया, लकड़बग्घा, लोमड़ी, चीतल |
| केसरबाग | धौलपुर | 14.76 | 1955 | भेड़िया, लकड़बग्घा, लोमड़ी, चीतल |
संरक्षण आरक्षित (कंजर्वेशन रिज़र्व)
सूची में चालीस संरक्षण आरक्षित हैं, हर एक की अधिसूचना तिथि के साथ। जिले आज के हैं, जो हर रिज़र्व की अधिसूचना में दी गई तहसीलों से लिए गए हैं: विभाग की तालिका में अब भी दिसंबर 2024 में निरस्त जिलों के नाम हैं (बीसलपुर और खरमोर के लिए केकड़ी, खेतड़ी, मनसा माता, शाकम्भरी और बालेश्वर रिज़र्वों के लिए नीम का थाना, रणखार के लिए सांचौर, बीड़ घास फूलिया खुर्द के लिए शाहपुरा)।
| संरक्षण आरक्षित | जिला | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | अधिसूचना |
|---|---|---|---|
| बीसलपुर | टोंक | 48.31 | 13 अक्टूबर 2008 |
| जोड़बीड़ गढ़वाला | बीकानेर | 56.4662 | 25 नवंबर 2008 |
| सुंधामाता | जालौर, सिरोही | 117.4892 | 25 नवंबर 2008 |
| गुड़ा विश्नोइयान | जोधपुर | 2.3187 | 15 दिसंबर 2011 |
| शाकम्भरी | सीकर, झुंझुनूं | 131.0 | 9 फरवरी 2012 |
| गोगेलाव | नागौर | 3.58 | 9 मार्च 2012 |
| बीड़ झुंझुनूं | झुंझुनूं | 10.4748 | 9 मार्च 2012 |
| रोटू | नागौर | 0.7286 | 29 मई 2012 |
| उम्मेदगंज पक्षी विहार | कोटा | 2.7247 | 5 नवंबर 2012 |
| जवाई बांध | पाली | 19.79 | 27 फरवरी 2013 |
| बांसियाल-खेतड़ी | झुंझुनूं | 70.1834 | 1 मार्च 2017 |
| बांसियाल-खेतड़ी-बागोर | झुंझुनूं | 39.66 | 10 अप्रैल 2018 |
| जवाई बांध लेपर्ड II | पाली | 61.98 | 15 जून 2018 |
| मनसा माता | झुंझुनूं | 102.31 | 18 नवंबर 2019 |
| रणखार | जालौर | 72.89 | 23 मई 2022 |
| शाहबाद | बारां | 189.3961 | 24 जनवरी 2022 |
| शाहबाद तलहटी | बारां | 178.84 | 1 सितंबर 2022 |
| बीड़ घास फूलिया खुर्द | भीलवाड़ा | 0.8579 | 27 सितंबर 2022 |
| बाघदर्रा क्रोकोडाइल | उदयपुर | 3.6871 | 30 नवंबर 2022 |
| वाडाखेड़ा | सिरोही | 43.31 | 27 दिसंबर 2022 |
| झालाना-आमागढ़ | जयपुर | 35.07169 | 27 फरवरी 2023 |
| बांझआमली | बारां | 146.21 | 19 मई 2023 |
| हमीरगढ़ | भीलवाड़ा | 5.66 | 26 अप्रैल 2023 |
| खरमोर | अजमेर | 9.31 | 10 अप्रैल 2023 |
| कुरजां | फलौदी (तब जोधपुर जिला) | 2.92 | 26 अप्रैल 2023 |
| रामगढ़ | बारां | 38.0864 | 3 मार्च 2023 |
| सोरसन I | बारां | 16.1073 | 26 अप्रैल 2023 |
| सोरसन II | बारां | 4.27 | 26 अप्रैल 2023 |
| सोरसन III | बारां | 0.7563 | 26 अप्रैल 2023 |
| महासीर | उदयपुर | 2.06035 | 7 अक्टूबर 2023 |
| बीड़ फतेहपुर | सीकर | 30.34387 | 7 अक्टूबर 2023 |
| गंगा भैरूव घाटी | अजमेर | 39.51081 | 6 अक्टूबर 2023 |
| बीड़ मुहाना-A | जयपुर | 2.0689 | 6 अक्टूबर 2023 |
| बीड़ मुहाना-B | जयपुर | 0.1039 | 6 अक्टूबर 2023 |
| बालेश्वर | सीकर | 221.69 | 8 सितंबर 2023 |
| अमरख महादेव लेपर्ड | उदयपुर | 71.468527 | 7 अक्टूबर 2023 |
| आसोप | भीलवाड़ा | 1.184513 | 27 अगस्त 2024 |
| मोकला | जैसलमेर | 43.122358 | 18 जुलाई 2025 |
| बुचारा मेन | कोटपूतली-बहरोड़ | 44.37921 | 4 अगस्त 2025 |
| खेजड़ली कला | जोधपुर | 1.508503 | 17 दिसंबर 2025 |
रामसर आर्द्रभूमि स्थल
21 अप्रैल 2026 की स्थिति में राजस्थान में पाँच रामसर स्थल हैं, जिनमें से तीन को 2025 में पदनाम मिला। नीचे की तिथियाँ रामसर पदनाम की हैं; पर्यावरण मंत्रालय की सूची भारत में घोषणा की बाद की तिथि देती है: केवलादेव 1982, सांभर 1990, मेनार और खीचन 4 जून 2025 तथा सिलीसेढ़ 12 दिसंबर 2025। सांभर झील और उसका जिला झीलों वाले पृष्ठ पर है।
| रामसर स्थल | जिला | क्षेत्रफल (हेक्टेयर) | पदनाम |
|---|---|---|---|
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | भरतपुर | 2,873 | 1 अक्टूबर 1981 |
| सांभर झील | 24,000 | 23 मार्च 1990 | |
| मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स | उदयपुर | 463.413 | 19 फरवरी 2025 |
| खीचन आर्द्रभूमि | फलौदी | 54.187 | 19 फरवरी 2025 |
| सिलीसेढ़ झील | अलवर | 315.97 | 7 जुलाई 2025 |
राज्य के प्रतीक
गोडावण, चिंकारा, रोहिड़ा और खेजड़ी राजस्थान सरकार के राजस्व (ग्रुप-8) विभाग की अधिसूचनाओं से घोषित हुए; गोडावण की अधिसूचना में यह भी है कि यह पक्षी वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अधीन पूर्णतः संरक्षित है। ऊँट को 2014 में राज्य पशु घोषित किया गया; उसके वध पर रोक राजस्थान ऊँट अधिनियम (2016 का अधिनियम 2, पशुपालन के नोट्स देखें) से है।
| प्रतीक | नाम | वैज्ञानिक नाम | अधिसूचना |
|---|---|---|---|
| राज्य पक्षी | गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) | Choriotis nigriceps (वर्तमान में Ardeotis nigriceps) | 21 मई 1982 |
| राज्य पशु | चिंकारा | Gazella bennetti | 12 दिसंबर 1983 |
| राज्य पशु | ऊँट | Camelus dromedarius | 2014 |
| राज्य पुष्प | रोहिड़ा | Tecomella undulata | 31 अक्टूबर 1983 |
| राज्य वृक्ष | खेजड़ी | Prosopis cineraria | 31 अक्टूबर 1983 |
- खेजड़ी: बिश्नोई समुदाय इस वृक्ष का सम्मान और पूजा करता है। 1730 में जोधपुर से लगभग 26 किमी दक्षिण-पूर्व में खेजड़ली गाँव में अमृता देवी और उनकी तीन बेटियों ने खेजड़ी के पेड़ों को कटने से बचाने के लिए प्राण दिए; खेजड़ली कला संरक्षण आरक्षित (जोधपुर) 2025 में अधिसूचित हुआ।
गोडावण और अन्य प्रजातियाँ
- गोडावण परियोजना (प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) मुख्यमंत्री ने 5 जून 2013 को शुरू की, जिसका आरंभ जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क अभयारण्य से हुआ; ऐसी परियोजना शुरू करने वाला राजस्थान पहला राज्य था।
- संख्या: परियोजना से कुछ दशक पहले 1,000 से अधिक, 1978 में 745, 2001 में 600, 2008 में 300 और 2013 में 125 से अधिक नहीं; 2018 के एक सर्वेक्षण में राजस्थान में 128 ± 19 का अनुमान। विश्व के आधे से अधिक गोडावण राजस्थान में हैं।
- संरक्षण प्रजनन: पर्यावरण मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान के 2018 के समझौते के अंतर्गत सम (जैसलमेर) का केंद्र जून 2019 से जंगल से एकत्र अंडों से चूज़े निकालता है, और रामदेवरा का दीर्घकालिक केंद्र अगस्त 2022 से काम कर रहा है। कैद में पले पक्षियों से विश्व का पहला गोडावण चूज़ा मार्च 2023 में सम में निकला। खरमोर (लेसर फ्लोरिकन) का प्रजनन 2020 में बिजयनगर (तब अजमेर जिला, अब ब्यावर) के एक अस्थायी केंद्र में शुरू हुआ।
- डेजर्ट नेशनल पार्क अभयारण्य: गोडावण इसकी प्रमुख (फ्लैगशिप) प्रजाति है; हूबारा बस्टर्ड (स्थानीय नाम तिलोर) यहाँ सर्दियाँ बिताता है।
- किसी प्रजाति के नाम वाले रिज़र्व: बाघदर्रा क्रोकोडाइल, महासीर, अमरख महादेव लेपर्ड, जवाई बांध लेपर्ड II और खरमोर। राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य विभाग की सूची में राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य के नाम से है।
कानून और संरक्षण कार्यक्रम
- वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2002 (2003 का अधिनियम 16, 17 जनवरी 2003) ने दो नए प्रकार के क्षेत्र जोड़े: संरक्षण आरक्षित (राज्य सरकार द्वारा सरकारी भूमि पर, विशेषकर राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से लगे या उन्हें जोड़ने वाले क्षेत्रों में घोषित) और सामुदायिक आरक्षित (निजी या सामुदायिक भूमि पर)।
- राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना (चरण-2), JICA की सहायता से: वनों वाले नोट्स देखें।
- अधिसूचित क्षेत्रों के बाहर: राज्य की लगभग आधी वन्यजीव प्रजातियाँ संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क के बाहर पाई जाती हैं; ऐसे कई स्थलों की देखभाल स्थानीय लोग और ग्राम पंचायतें करती हैं, और इसमें बिश्नोई समुदाय का योगदान विशेष है।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्यडेजर्ट, सरिस्का और कुंभलगढ़ के राष्ट्रीय उद्यान अभी केवल 'प्रक्रियाधीन' हैं (सरिस्का के पृष्ठ पर 27 अगस्त 1982 की एक अधिसूचना है); गिने गए तीन राष्ट्रीय उद्यान रणथम्भौर, केवलादेव और मुकुंदरा हिल्स हैं।
- रणथम्भौरराष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिज़र्व से बहुत छोटा है, जो चार जिलों में फैला है।
- सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्ववन विभाग के क्षेत्रफल और NTCA के कोर क्षेत्र में रणथम्भौर; NTCA के कोर + बफर में रामगढ़ विषधारी।
- रामगढ़रामगढ़ विषधारी अभयारण्य बूँदी में, उसका टाइगर रिज़र्व कोटा और बूँदी में, जमवा रामगढ़ अभयारण्य जयपुर में और रामगढ़ संरक्षण आरक्षित बारां में है।
- धौलपुरवन विहार, रामसागर और केसरबाग धौलपुर के अभयारण्य हैं; धौलपुर–करौली अलग टाइगर रिज़र्व है।
- मुकुंदरा और दर्रामुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा, चित्तौड़गढ़) और दर्रा अभयारण्य (कोटा, झालावाड़) अलग-अलग क्षेत्र हैं; पुरानी सूचियाँ उद्यान को 'मुकुंदरा हिल्स (दर्रा)' लिखती हैं।
- जंगली मुर्गाटॉडगढ़-रावली के मुख्य वन्यजीवों में गिना गया है; माउंट आबू भी ग्रे जंगली मुर्गे के लिए जाना जाता है, और REET 2025 की कुंजी में उत्तर माउंट आबू है।
- खीचनरामसर आर्द्रभूमि और कुरजां संरक्षण आरक्षित दोनों फलौदी के खीचन गाँव में हैं।
- चिंकारा या काला हिरणराज्य के दो राज्य पशु हैं, चिंकारा और ऊँट (2014); काला हिरण तालछापर का मुख्य पशु है।
- प्रतीकों के वर्षप्रायः 1981 छपा मिलता है; अधिसूचनाएँ 1982 (गोडावण) और 1983 (चिंकारा, खेजड़ी, रोहिड़ा) की हैं।
- केवलादेव या सांभरदोनों रामसर स्थल हैं; केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और विश्व धरोहर स्थल भी है, सांभर खारी झील।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 12
कौन सा सुमेलित नहीं है ? वन्यजीव अभयारण्य — जिला
- (1)शेरगढ़ – बूंदी
- (2)बस्सी – चित्तौड़गढ़
- (3)रामसागर वन विहार – धौलपुर
- (4)सीतामाता – प्रतापगढ़
उत्तर देखें
✓ (1) शेरगढ़ – बूंदी
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 101
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने राजस्थान में पाँचवें बाघ अभयारण्य का दर्जा, निम्न में से किस अभयारण्य को प्रदान किया है ?
- (1)सोरसन-बैनार्न अभयारण्य
- (2)हमीरगढ़-भीलवाड़ा अभयारण्य
- (3)धौलपुर-करौली अभयारण्य
- (4)नागपहाड़-अजमेर अभयारण्य
उत्तर देखें
✓ (3) धौलपुर-करौली अभयारण्य
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 12
कौन सा सुमेलित नहीं है ? संरक्षित क्षेत्र (मई 2023 के अनुसार) — जिला
- (1)रनखार – जालौर
- (2)मनसामाता – झुन्झुनूं
- (3)सोरसन – बूँदी
- (4)हमीरगढ़ – भीलवाड़ा
उत्तर देखें
✓ (3) सोरसन – बूँदी
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 53
शेरगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में स्थित है?
- (1)बूंदी
- (2)बारां
- (3)सवाई माधोपुर
- (4)करौली
उत्तर देखें
✓ (2) बारां
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 4
राजस्थान का राज्य पक्षी कौन सा है?
- (1)भारतीय रोलर
- (2)मोर
- (3)गोदावान ( ग्रेट इंडियन बस्टर्ड )
- (4)नीलकंठ
उत्तर देखें
✓ (3) गोदावान ( ग्रेट इंडियन बस्टर्ड )
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 39
'पक्षी गाँव' के नाम से प्रसिद्ध मेनार गाँव राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
- (1)उदयपुर
- (2)जोधपुर
- (3)भरतपुर
- (4)झालावाड़
उत्तर देखें
✓ (1) उदयपुर
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