एक नज़र में
- भाखड़ा–नांगल: परियोजना की लागत और लाभ में राजस्थान का हिस्सा 15.22 प्रतिशत है (पंजाब 84.78 प्रतिशत)।
- नर्मदा नहर: नर्मदा जल विवाद अधिकरण (अंतिम आदेश, 12 दिसंबर 1979) ने राजस्थान को 0.5 मिलियन एकड़ फुट (MAF) अर्थात 616.74 मिलियन घन मीटर जल दिया; मुख्य नहर राजस्थान में 74 किमी है।
- ERCP को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है: जल शक्ति मंत्रालय का 1 दिसंबर 2025 का राज्य सभा उत्तर।
प्रमुख परियोजनाएँ एक नज़र में
- इंदिरा गांधी नहर (IGNP)थार की नहरजल स्रोतहरिके बैराज, पंजाबलाभान्वित जिलेश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर (तत्कालीन; इससे बाद में फलौदी जिला बना) और बाड़मेर (तत्कालीन; इससे बाद में बालोतरा जिला बना)उद्देश्यसिंचाई, पेयजल, वृक्षारोपण और विद्युतपूरे नोट्स पढ़ें →
- भाखड़ा–नांगलतीन राज्यों की परियोजनाजल स्रोतसतलज (हिमाचल प्रदेश में भाखड़ा बाँध)लाभान्वित जिलेश्रीगंगानगर; हनुमानगढ़ (संगरिया, टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, नोहर और भादरा तहसीलें); बीकानेर और रतनगढ़ को विद्युतउद्देश्यसिंचाई और विद्युतभागीदार राज्यपंजाब, हरियाणा
- गंग नहरबीकानेर रियासत की नहरजल स्रोतसतलज, फिरोजपुर (पंजाब) के निकट हुसैनीवाला सेलाभान्वित जिलेश्रीगंगानगर: शिवपुर, गंगानगर, पदमपुर और रायसिंहनगर होकर अनूपगढ़ तकउद्देश्यसिंचाई
- सिद्धमुखदिसंबर 1981 का समझौताजल स्रोतरावी और ब्यास का अतिरिक्त जललाभान्वित जिलेहनुमानगढ़ (नोहर और भादरा तहसीलें) तथा चूरू (तारानगर और सादुलपुर तहसीलें)उद्देश्यसिंचाई
- व्यास परियोजनाइंदिरा गांधी नहर को जलउद्देश्यरावी, ब्यास और सतलज के जल का उपयोग; इंदिरा गांधी नहर को स्थायी जल आपूर्तिभागीदार राज्यपंजाब, हरियाणा
- चम्बल परियोजनाराजस्थान का हिस्सा 50 प्रतिशतजल स्रोतचम्बललाभान्वित जिलेकोटा, बूँदी और बारां (बारां जिला 1991 में कोटा से बना)उद्देश्यसिंचाई और विद्युतभागीदार राज्यमध्य प्रदेश
- माही बजाज सागरबाँध, विद्युत गृह, नहरेंजल स्रोतमाहीलाभान्वित जिलेबांसवाड़ा और डूंगरपुर (जनजातीय क्षेत्र)उद्देश्यसिंचाई और विद्युतभागीदार राज्यगुजरात
- जाखमबायीं-दायीं नहरेंजल स्रोतजाखम, सोम की सहायक नदीलाभान्वित जिलेप्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर (तत्कालीन; इससे बाद में सलूंबर जिला बना)उद्देश्यसिंचाई; कृषि योग्य कमांड क्षेत्र 19,529 हेक्टेयर (बायीं मुख्य नहर) और 8,790 हेक्टेयर (दायीं मुख्य नहर)
- बीसलपुरटोंक जिले का बाँधजल स्रोतबनासलाभान्वित जिलेजयपुर, अजमेर और टोंक; साथ ही ब्यावर (तब अजमेर जिला, अब ब्यावर जिला) और किशनगढ़ (अजमेर जिला) कस्बेउद्देश्यपेयजल और सिंचाई
- नर्मदा नहरसांचौर के सीलू से प्रवेशजल स्रोतनर्मदा, गुजरात की सरदार सरोवर परियोजना सेलाभान्वित जिलेजालौर और बाड़मेर (तत्कालीन; इससे बाद में बालोतरा जिला बना)उद्देश्यसिंचाई; कृषि योग्य कमांड क्षेत्र 1.35 से बढ़ाकर 2.46 लाख हेक्टेयर, फव्वारा और बूँद-बूँद सिंचाई के साथभागीदार राज्यगुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (अधिकरण के अन्य राज्य)
- सोम–कमला–अम्बाजनजातीय दक्षिण की भाग्य रेखाजल स्रोतसोम (कमला अम्बा गाँव के निकट बाँध)लाभान्वित जिलेडूंगरपुर और उदयपुर (तत्कालीन; इससे बाद में सलूंबर जिला बना)उद्देश्यसिंचाई
- मेजामांडलगढ़ तहसील का बाँधजल स्रोतकोठारीलाभान्वित जिलेभीलवाड़ाउद्देश्यपेयजल (भीलवाड़ा का प्रमुख स्रोत) और सिंचाई
- मोरेलमिट्टी का बाँध, लालसोट (दौसा)जल स्रोतमोरेलउद्देश्यसिंचाई
जिले पाठ्यपुस्तकों के अनुसार हैं; जहाँ किसी जिले से बाद में नया जिला बना है, वहाँ पंक्ति में लिखा है। चम्बल और माही के बाँध नदियाँ एवं अपवाह तंत्र के नोट्स में हैं। साधनों (नलकूप, नहरें, कुएँ, तालाब) के अनुसार सिंचित क्षेत्र कृषि के नोट्स में है।
PKC-ERCP लिंक परियोजना
PKC-ERCP संशोधित पार्वती–कालीसिंध–चम्बल लिंक है: यह मध्य प्रदेश के कूनो, पार्वती और कालीसिंध उप-बेसिनों के घटकों को राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के घटकों के साथ जोड़ता है।
| तिथि | चरण |
|---|---|
| नवंबर 2017 | राजस्थान ने ERCP की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय जल आयोग (CWC) को भेजी; इसका मूल्यांकन आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि योजना 50 प्रतिशत निर्भरता वाली जल उपलब्धता पर बनी थी, जबकि मानक 75 प्रतिशत है। |
| 13 दिसंबर 2022 | नदी जोड़ो विशेष समिति ने अपनी 20वीं बैठक में संशोधित PKC-ERCP लिंक को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के भाग के रूप में स्वीकृति दी और इसे प्राथमिकता वाली लिंक परियोजना घोषित किया। |
| 28 जनवरी 2024 | मध्य प्रदेश, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने नई दिल्ली में लिंक की व्यापक योजना और उसकी DPR तैयार करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। यह नदी जोड़ो राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना की दूसरी परियोजना है: पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों तथा मध्य प्रदेश के मालवा और चम्बल क्षेत्रों के लिए पेयजल व औद्योगिक जल, और प्रत्येक राज्य में 2.8 लाख हेक्टेयर या अधिक की सिंचाई। |
| 5 दिसंबर 2024 | राजस्थान, मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार ने लिंक के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए। |
| 1 दिसंबर 2025 | राज्य सभा में उत्तर: राजस्थान के घटकों की विस्तृत परियोजना रिपोर्टें पूरी होकर तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन के लिए CWC को भेजी गई हैं। |
- जल शक्ति मंत्रालय के 24 जुलाई 2023 के उत्तर के अनुसार विचार: चम्बल बेसिन के भीतर कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकण उप-बेसिनों के अतिरिक्त मानसूनी जल को जल-कमी वाले बनास, गंभीरी, बाणगंगा और पार्बती उप-बेसिनों में पहुँचाना (यह पार्बती ऊपर वाली पार्वती से अलग नदी है, जल-कमी वाले पूर्वी भाग की); इसी उत्तर में ERCP की सिंचाई लगभग 2.82 लाख हेक्टेयर बताई गई है।
केंद्रीय सिंचाई योजना
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): सिंचाई की केंद्रीय समग्र (अम्ब्रेला) योजना, 1 जुलाई 2015 को शुरू; त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम, हर खेत को पानी और वाटरशेड विकास इसके घटकों में हैं; केंद्रीय बजट 2026-27 में इसे ₹6,587 करोड़ आवंटित हुए।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- गंग नहर या इंदिरा गांधी नहर: गंग नहर का उद्घाटन 26 अक्टूबर 1927 को वायसराय लॉर्ड इरविन ने किया और इसका नाम बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के नाम पर पड़ा · इंदिरा गांधी नहर की रूपरेखा 1948 में बनी और शिलान्यास 1958 में हुआ।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 40
सिद्धमुख परियोजना किस नदी से जल प्राप्त करती है ?
- (1)जाखम
- (2)नर्मदा
- (3)रावी तथा व्यास
- (4)पार्वती
उत्तर देखें
✓ (3) रावी तथा व्यास
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 8
माही बजाज सागर परियोजना एक संयुक्त उद्यम है
- (1)राजस्थान, पंजाब तथा गुजरात का
- (2)गुजरात तथा राजस्थान का
- (3)राजस्थान, गुजरात तथा मध्यप्रदेश का
- (4)मध्यप्रदेश तथा राजस्थान का
उत्तर देखें
✓ (2) गुजरात तथा राजस्थान का
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 105
“माही बजाज सागर परियोजना” निम्नलिखित में से भारत के किन राज्यों का संयुक्त उपक्रम है?
- (1)राजस्थान और मध्य प्रदेश
- (2)मध्य प्रदेश और गुजरात
- (3)राजस्थान और गुजरात
- (4)मध्य प्रदेश और पंजाब
उत्तर देखें
✓ (3) राजस्थान और गुजरात
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 120
राजस्थान में प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) _____________ वर्ष से लागू की गई थी।
- (1)2015-16
- (2)2017-18
- (3)2019-20
- (4)2020-21
उत्तर देखें
✓ (1) 2015-16
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