एक नज़र में
- 2024 में राजस्थान घरेलू तथा विदेशी, दोनों पर्यटक यात्राओं में देश में पाँचवें स्थान पर रहा।
- घरेलू यात्राओं में सीकर और विदेशी यात्राओं में जयपुर अग्रणी है, उदयपुर उसके बाद (2025)।
- 2024 और 2025 दोनों वर्षों में खाटू श्याम सर्वाधिक देखा गया धार्मिक स्थल और जैसलमेर दुर्ग सर्वाधिक देखा गया विरासत स्थल रहा।
- 7 दिसंबर 2025 से लागू राजस्थान पर्यटन नीति 2025 ने राजस्थान पर्यटन नीति 2020 का स्थान लिया।
- राजस्थान 1989 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने वाले देश के पहले राज्यों में से एक था।
लागू पर्यटन नीति
| परिकल्पना | राजस्थान को पर्यटन, कला एवं संस्कृति के अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करना, सतत विकास के साथ और राज्य की विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजते हुए |
|---|---|
| अवधि | नई नीति जारी होने तक लागू; दो वर्ष बाद पूर्ण समीक्षा |
| पूर्व के कदम | 1993 से पर्यटन के लिए पूँजी निवेश योजना; 2001 में पर्यटन नीति, ऐसी नीति जारी करने वाले पहले राज्यों में |
| विमोचन | 10 दिसंबर 2025 को जयपुर में विमोचन |
| फिल्म नीति | राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025, 20 दिसंबर 2025 से लागू: शूटिंग व्यय पर 30% तक अनुदान |
| पर्यटन विकास बोर्ड | 20 नवंबर 2025 को गठित |
नीति 2025 में आठ प्रमुख हस्तक्षेप तय किए गए हैं:
- पर्यटन में निजी निवेश को सुगम बनाना
- पर्यटन क्षेत्र के लिए कौशल तंत्र को मजबूत करना
- पर्यटन अवसंरचना और पर्यटन स्थलों के रखरखाव को बेहतर बनाना
- प्रमुख पर्यटन स्थलों तक संपर्क सुधारना
- स्वच्छता, सुरक्षा और सुगम्यता सुनिश्चित करना
- पर्यटकों के लिए सूचना और बंडल्ड (पैकेज) अनुभव उपलब्ध कराना
- ब्रांडिंग, विपणन और आउटरीच
- विभागों एवं निगमों को पर्यटन तंत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप करना
पर्यटक यात्राएँ, 2024 और 2025
आँकड़े कैलेण्डर वर्ष की पर्यटक यात्राओं के हैं, जो विभाग के पर्यटक स्वागत एवं सूचना केंद्रों तथा पुलिस से प्राप्त कर संकलित किए जाते हैं।
| कैलेण्डर वर्ष | घरेलू यात्राएँ | विदेशी यात्राएँ | कुल यात्राएँ | 2024 की तुलना में |
|---|---|---|---|---|
| 2024 | 23,00,84,198 | 20,72,407 | 23,21,56,605 | |
| 2025 | 25,25,03,432 | 19,45,068 | 25,44,48,500 | घरेलू +9.74%, विदेशी −6.14%, कुल +9.60% |
विदेशी यात्राएँ सर्दियों में केंद्रित हैं: 2025 में 41% जनवरी से मार्च में और 34% अक्टूबर से दिसंबर में आईं, जबकि अप्रैल से जून में 11% और जुलाई से सितंबर में 14%। घरेलू यात्राएँ अधिक समान रहीं: जुलाई से सितंबर तथा अक्टूबर से दिसंबर में 31%-31%, जनवरी से मार्च में 20% और अप्रैल से जून में 18%।
| देशवार विदेशी यात्राएँ | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 1,57,817 | 1,69,868 |
| यूनाइटेड किंगडम | 1,28,994 | 1,33,978 |
| फ्रांस | 1,25,469 | 1,31,270 |
| जर्मनी | 77,797 | 82,703 |
| इटली | 77,868 | 71,636 |
| ऑस्ट्रेलिया | 68,283 | 65,252 |
अग्रणी जिले
| जिला | घरेलू यात्राएँ, 2025 |
|---|---|
| सीकर | 3,08,75,927 |
| अजमेर | 2,65,11,241 |
| चित्तौड़गढ़ | 2,53,01,885 |
| जैसलमेर | 2,18,32,035 |
| जयपुर | 1,73,49,658 |
| विदेशी यात्राएँ | 2023 | 2024 | 2025 |
|---|---|---|---|
| जयपुर | 8,72,887 | 6,23,534 | 5,60,249 |
| उदयपुर | 2,13,271 | 4,83,109 | 4,70,971 |
| जोधपुर | 1,32,059 | 2,07,490 | 1,89,454 |
| जैसलमेर | 1,61,884 | 1,53,716 | |
| अजमेर | 1,05,780 | 1,03,393 | 81,618 |
| दौसा | 78,985 | 86,583 | 83,505 |
विदेशी यात्राओं में जयपुर तीनों वर्ष पहले स्थान पर रहा, यद्यपि 2024 में उसकी 2,49,353 यात्राएँ घटीं। उदयपुर दूसरे स्थान पर रहा और 2024 में 2,69,838 की वृद्धि के साथ उसकी यात्राएँ दोगुनी से अधिक हो गईं। 2023 में जैसलमेर पहले पाँच जिलों में नहीं था, और 2025 में पाँचवें स्थान पर अजमेर की जगह दौसा आ गया।
सर्वाधिक देखे गए धार्मिक स्थल (घरेलू, लाख यात्राएँ)
| स्थल | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| खाटू श्याम, सीकर | 236.00 | 258.00 |
| पूंछरी का लौठा, डीग | 95.51 | 147.12 |
| पुष्कर, अजमेर | 124.76 | 132.46 |
| सांवलियाजी सेठ, चित्तौड़गढ़ | 106.90 | 119.40 |
| दरगाह शरीफ़, अजमेर | 73.91 | 84.61 |
2025 में सबसे अधिक वृद्धि पूंछरी का लौठा में हुई: 51.61 लाख यात्राएँ।
सर्वाधिक देखे गए ऐतिहासिक एवं विरासत स्थल (घरेलू, लाख यात्राएँ)
| स्थल | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| जैसलमेर दुर्ग, जैसलमेर | 44.17 | 41.92 |
| हवा महल, जयपुर | 14.67 | 18.24 |
| आमेर दुर्ग, जयपुर | 16.04 | 18.15 |
| सिटी पैलेस, उदयपुर | 12.84 | 15.23 |
| चित्तौड़गढ़ दुर्ग, चित्तौड़गढ़ | 8.90 | 13.44 |
2025 में चित्तौड़गढ़ दुर्ग में 4.54 लाख और हवा महल में 3.57 लाख यात्राएँ बढ़ीं, जबकि जैसलमेर दुर्ग में 2.25 लाख घटीं।
विश्व धरोहर स्थल
| स्थल | सूचीबद्ध वर्ष | स्थान |
|---|---|---|
| केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | 1985 | भरतपुर |
| जंतर मंतर | 2010 | जयपुर |
| राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग | 2013 | चित्तौड़गढ़; कुंभलगढ़ (राजसमंद); जैसलमेर; रणथम्भौर (सवाई माधोपुर); आमेर (जयपुर); गागरोन (झालावाड़) |
| जयपुर शहर | 2019 | जयपुर का परकोटा (चारदीवारी शहर) |
2025 और 2026 के सत्रों में राजस्थान का कोई नया स्थल नहीं जुड़ा; जुलाई 2026 में सारनाथ के जुड़ने के बाद भारत के कुल 45 विश्व धरोहर स्थल हैं। दुर्गों का विवरण दुर्ग वाले पृष्ठ पर और केवलादेव का वन्यजीव वाले पृष्ठ पर है।
पर्यटन के प्रकार और प्रमुख स्थल
| प्रकार | प्रमुख स्थल | नीति 2025 में |
|---|---|---|
| विरासत | जैसलमेर दुर्ग, शेरगढ़ दुर्ग (बारां), खंडार दुर्ग (सवाई माधोपुर), नाहरगढ़ और आमेर (जयपुर), आभानेरी (दौसा), किशोरी महल (भरतपुर); शेखावाटी की हवेलियाँ | ये स्थल दस आइकोनिक पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित होंगे; शेखावाटी हवेलियों के लिए संरक्षण योजना और हेरिटेज वॉक; रात्रि पर्यटन; राजस्थान हेरिटेज संरक्षण एवं विकास प्राधिकरण |
| शौर्य विरासत | तनोट माता और लोंगेवाला (जैसलमेर) | युद्ध स्मारकों और सीमावर्ती स्थलों पर आधारित पर्यटन अनुभव, राज्य की शौर्य विरासत के लिए |
| आध्यात्मिक | नाथद्वारा (राजसमंद), खाटू श्याम (सीकर), सालासर बालाजी (चूरू), मेहंदीपुर बालाजी (दौसा), देवनारायण मंदिर (टोंक), रामदेवरा (जैसलमेर), पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर (अजमेर), देशनोक की करणी माता (बीकानेर), गोविंद देव जी और गलता जी (जयपुर), रणकपुर (पाली), महावीर जी (करौली) | कृष्ण गमन पथ और ब्रज–द्वारका तीर्थ मार्ग; बेणेश्वर (डूंगरपुर), रामेश्वर घाट (सवाई माधोपुर) और बिगोद (भीलवाड़ा) के त्रिवेणी संगम स्थल |
| वन्यजीव एवं पारिस्थितिकी | रणथम्भौर (सवाई माधोपुर), सरिस्का (अलवर), जवाई लेपर्ड रिज़र्व (पाली), केवलादेव (भरतपुर) | सांभर झील, खीचन संरक्षण रिज़र्व, शेरगढ़ अभयारण्य, मनसा माता संरक्षण रिज़र्व और बस्सी अभयारण्य में इको-पर्यटन स्थल |
| मरुस्थल | जैसलमेर, पुष्कर, फलौदी, सांभर, नागौर, चूरू, बीकानेर और बाड़मेर के रेतीले टीले | |
| साहसिक | जयपुर और पुष्कर में हॉट एयर बैलून; जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और पुष्कर में रेगिस्तानी कैंप, साइक्लिंग और ऊँट सफारी; उदयपुर, घाणेराव और कुंभलगढ़ में ट्रेकिंग | पहले से अधिसूचित सुरक्षा क्षेत्रों और त्वरित स्वीकृतियों वाले साहसिक पर्यटन क्षेत्र |
| सांस्कृतिक | तीज, पुष्कर ऊँट मेला और जयपुर साहित्य महोत्सव; घूमर और कालबेलिया नृत्य | |
| माइस (MICE) | सम्मेलन, विवाह और बड़े आयोजनों के लिए जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और नीमराणा; स्टोन मार्ट, वस्त्र, इंटरनेशनल जेम्स एंड ज्वैलरी शो और राजस्थान इंटरनेशनल एक्सपो (जोधपुर); विद्याधर नगर, जयपुर में राजस्थान मंडपम प्रस्तावित | |
| जनजातीय | मानगढ़ धाम (बांसवाड़ा), बेणेश्वर धाम (डूंगरपुर), त्रिपुरा सुंदरी, सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृकुंडिया | इन स्थलों को जोड़ने वाला एक सर्किट; मानगढ़ धाम और बेणेश्वर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार |
| ग्रामीण | पिपलांत्री (राजसमंद), देवमाली (तब अजमेर जिला, अब ब्यावर), महनसर (झुंझुनूं), आभानेरी (दौसा) | चुने हुए गाँवों का ग्रामीण पर्यटन स्थलों के रूप में विकास |
पर्यटक परिपथ: माउंट आबू (सिरोही) और रणकपुर (पाली) गोडवाड़ परिपथ में आते हैं।
स्थलों का विवरण अन्य पृष्ठों पर है: दुर्ग, मंदिर एवं महल, मेले एवं त्योहार, वन्यजीव एवं अभयारण्य, हस्तशिल्प और जनजातियाँ।
कोष, परियोजनाएँ और ट्रैवल मार्ट
| कोष या परियोजना | विवरण |
|---|---|
| राजस्थान पर्यटन अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण कोष (RTICF) | 11 मार्च 2025 के आदेश से गठित, 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के पर्यटन कार्यों के लिए: विरासत, धार्मिक, ग्रामीण, इको और साहसिक पर्यटन, राज्य की ब्रांडिंग तथा पर्यटक सुविधाएँ |
| पर्यटन स्थल गोद लें (Adopt a Tourism Site) | भागीदार राज्य के अधीन देवस्थान मंदिरों और इको-पर्यटन स्थलों सहित पर्यटन स्थलों को पाँच वर्ष या अधिक के लिए गोद लेकर उनकी सुविधाएँ चलाते हैं |
| विशेष पर्यटन क्षेत्र (Special Tourism Zones) | चयनित जिलों में नई दिल्ली के एयरोसिटी की तर्ज पर प्लग-एंड-प्ले क्षेत्र: साझा अवसंरचना राज्य बनाता है और पर्यटन एवं आतिथ्य सुविधाएँ निजी क्षेत्र |
| स्वदेश दर्शन 2.0 (पर्यटन मंत्रालय) | 2025 में चार परियोजनाएँ स्वीकृत: खाटू श्याम जी मंदिर, सीकर (87.87 करोड़ रुपये, 29 मार्च); करणी माता मंदिर, बीकानेर (22.57 करोड़, 14 जुलाई); मालासेरी डूंगरी, भीलवाड़ा (48.73 करोड़, 14 जुलाई); आध्यात्मिक अनुभव, केशोरायपाटन, बूँदी (21.65 करोड़, 27 जून) |
| पूँजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (वित्त मंत्रालय) | 26 नवंबर 2024 को दो आइकोनिक गंतव्य परियोजनाएँ स्वीकृत, कुल 145.92 करोड़ रुपये: आमेर–नाहरगढ़ क्षेत्र (49.31 करोड़) और जलमहल (96.61 करोड़) |
| ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार | 4 से 6 मई 2025, जयपुर: विदेशी पर्यटन के लिए, 53 देशों के 272 विदेशी टूर ऑपरेटरों के साथ |
| राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट | 12 से 14 सितंबर 2025, जयपुर: घरेलू पर्यटन के लिए, देशभर के 295 टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ |
| कोटा–हाड़ौती ट्रैवल मार्ट | 2 से 4 जनवरी 2026, कोटा: हाड़ौती क्षेत्र में घरेलू पर्यटन के लिए, लगभग 183 टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ |
होटल और होमस्टे की योजनाएँ
| योजना | किसके लिए | मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| राजस्थान पर्यटन इकाई नीति (RTUP) 2024 | होटल, रिसॉर्ट आदि 24 प्रकार की पर्यटन इकाइयाँ; 4 दिसंबर 2024 से लागू | उद्योग का दर्जा (बिजली दर, नगरीय विकास कर और भवन मानचित्र शुल्क औद्योगिक दरों पर); होटल में न्यूनतम कमरे 20 से घटाकर 10; होटल व्यापार लाइसेंस एक बार में 10 वर्ष के लिए |
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 | पर्यटन इकाई नीति में परिभाषित पर्यटन इकाइयाँ | पूँजी, SGST-आधारित या टर्नओवर-आधारित अनुदान (इनमें से एक); MSME के लिए ब्याज अनुदान; विद्युत शुल्क में 100% छूट; स्टाम्प ड्यूटी में 75% छूट और 25% प्रतिपूर्ति |
| राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना 2021 | शहरी और ग्रामीण आवासीय मकानों में 1 से 5 कमरे | पर्यटकों के लिए 5 कमरे और 15 बिस्तर तक; न्यूनतम भूखंड आकार या सड़क चौड़ाई की शर्त नहीं |
| राजस्थान पर्यटन गेस्ट हाउस योजना 2020 | नगरीय क्षेत्रों के आवासीय मकानों में 6 से 20 कमरे | 30 फुट सड़क पर न्यूनतम 167 वर्ग मीटर भूखंड |
| राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2022 | नगरीय सीमा के बाहर ग्रामीण पर्यटन इकाइयाँ | स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट; 10 वर्ष तक SGST की 100% प्रतिपूर्ति |
| हेरिटेज प्रमाण-पत्र दिशानिर्देश 2021 | हेरिटेज होटल और हेरिटेज संपत्तियाँ | 1 जनवरी 1950 से पहले बनी संपत्तियाँ पात्र; रियायती आबकारी शुल्क पर समग्र बार लाइसेंस |
विभाग, संस्थाएँ और पैलेस ऑन व्हील्स
| संस्था | कार्य |
|---|---|
| पर्यटन विभाग | 1956 से स्वतंत्र विभाग के रूप में कार्यरत |
| राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) | 24 नवंबर 1978 को गठित; होटल, मोटल और पर्यटक परिवहन चलाता है (दिसंबर 2025 में स्वयं संचालित 25 होटल और 2 मोटल) |
| राजस्थान राज्य होटल्स निगम लिमिटेड | 7 जून 1965 को स्थापित; विभाग के दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में से एक (दूसरा RTDC) |
| राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण | विभाग के अधीन; राज्य के 102 मेले चिह्नित किए हैं, जिनमें 42 पंजीकृत हैं (2025-26, दिसंबर तक) |
| रिटमैन (RITTMAN) | राजस्थान पर्यटन और यात्रा प्रबन्ध संस्थान, जयपुर: विभाग का स्वायत्त संस्थान |
| पैलेस ऑन व्हील्स | भारतीय रेलवे और RTDC द्वारा 1982 से संयुक्त रूप से संचालित वातानुकूलित लग्जरी पर्यटक रेलगाड़ी |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- विश्व धरोहर की गिनतीयूनेस्को सूची में चार स्थल; पर्यटन नीति 2025 और आर्थिक समीक्षा में नौ, क्योंकि वे छह पहाड़ी दुर्गों को अलग-अलग गिनती हैं।
- कौन-सी नीतिपर्यटन नीति 2025 समग्र नीति है; पर्यटन इकाइयों को लाभ पर्यटन इकाई नीति 2024 और RIPS 2024 से मिलते हैं; फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 फिल्म शूटिंग के लिए है।
- केंद्रीय योजनाएँस्वदेश दर्शन 2.0 (पर्यटन मंत्रालय) से खाटू श्याम, करणी माता, मालासेरी डूंगरी और केशोरायपाटन · SASCI (वित्त मंत्रालय) से आमेर–नाहरगढ़ और जलमहल।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
संरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 79
वर्ष 2023 और 2024 में राजस्थान में आने वाले जिलेवार अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों के संदर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिए – (i) वर्ष 2023 से 2024 में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 249353 की उल्लेखनीय गिरावट के कारण सर्वाधिक पर्यटकों के आने वाले जिलों में जयपुर दूसरे स्थान पर आ गया। (ii) उदयपुर में 269838 अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटक विजिटर्स की संख्या में असाधारण वृद्धि देखी गई जो 2023 के आंकड़ों से दो गुना से भी अधिक है। उपरोक्त में से कौनसा/से सही है/हैं?
- (1)केवल (ii) सही है।
- (2)(i) और (ii) दोनों सही हैं।
- (3)केवल (i) सही है।
- (4)न तो (i) ना ही (ii) सही है।
उत्तर देखें
✓ (1) केवल (ii) सही है।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 13
माउण्ट आबू और रणकपुर किस पर्यटक परिपथ में सम्मिलित हैं ?
- (1)ढूँढाड़
- (2)शेखावाटी
- (3)गोडवार
- (4)मेवाड़
उत्तर देखें
✓ (3) गोडवार
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