EN
Log in

Add TopKaro to your iPhone

  1. Tap the Share button at the bottom of Safari
  2. Scroll and tap Add to Home Screen
  3. Tap Add — TopKaro appears on your home screen

iPhones don’t allow a one-tap install button, so we show these steps instead.

राजस्थान के खनिज

राज्य के धात्विक और अधात्विक खनिज, प्रमुख खदानें और जिले, तथा भारत के संसाधनों और उत्पादन में राज्य का हिस्सा।

⏱ 9 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 20 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. खनिजों की उपलब्धता और विविधता में राजस्थान सबसे समृद्ध राज्य है; 2023-24 में यहाँ 22 प्रमुख खनिजों का उत्पादन हुआ, संगमरमर जैसे गौण खनिजों को छोड़कर।
  2. एकमात्र उत्पादक: सीसा-जस्ता अयस्क, सेलेनाइट और वोलेस्टोनाइट (2023-24)। भारत की लगभग पूरी चाँदी राजस्थान से आती है।
  3. संसाधनों का बड़ा हिस्सा उत्पादन का बड़ा हिस्सा नहीं होता: पोटाश और ऐस्बेस्टॉस के संसाधन-हिस्से बड़े हैं पर इनका खनन नहीं होता, जबकि रॉक फॉस्फेट के संसाधन देश के एक-तिहाई से कम हैं पर उत्पादन का अधिकांश यहीं से है।
  4. ताँबा: ताँबा अयस्क के सबसे अधिक संसाधन राजस्थान में हैं, पर 2023-24 में ताँबा सांद्र का अधिक उत्पादन मध्य प्रदेश ने किया।
  5. हिंदुस्तान जिंक भारत में सीसा और जस्ता धातु का एकमात्र एकीकृत उत्पादक है; इसकी सभी खदानें राजस्थान में हैं और सभी भूमिगत हैं।
  6. चूना पत्थर: 2023-24 में राजस्थान देश का अग्रणी उत्पादक राज्य रहा।

राजस्थान के खनिज: एक नज़र

उत्पादित प्रमुख खनिज, 2023-2422
उत्पादन का मूल्य, 2023-24 (अनंतिम)21,670 करोड़ रुपये; परमाणु, ईंधन और गौण खनिज शामिल नहीं
रिपोर्ट करने वाली खदानें, 2023-2494 (भारतीय खान ब्यूरो को रिपोर्ट होने वाले खनिज; ईंधन और गौण खनिज शामिल नहीं)

नीचे दिए हिस्से 1 अप्रैल 2020 की स्थिति में भारत के कुल संसाधनों के हैं, यानी वह राष्ट्रीय खनिज सूची जिसे इंडियन मिनरल्स ईयरबुक 2024 लेती है; उत्पादन इसी ईयरबुक से 2023-24 (अनंतिम) का है।

जिलों की सूचियाँ ईयरबुक की हैं, जिसमें केवल 2023 से पहले के जिले हैं। इनमें से कई जिलों के भाग 7 अगस्त 2023 को बने और दिसंबर 2024 में यथावत रखे गए जिलों में चले गए: बाड़मेर से बालोतरा; अजमेर, पाली और भीलवाड़ा से ब्यावर; भरतपुर से डीग; नागौर से डीडवाना-कुचामन; जयपुर और अलवर से कोटपूतली-बहरोड़; अलवर से खैरथल-तिजारा; जोधपुर से फलौदी; उदयपुर से सलूंबर। नीचे हर खदान का आज का जिला दिया है।

लिग्नाइट, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस ईंधन खनिज हैं और ऊर्जा संसाधनों में आते हैं। गणेश्वर की ताम्र संस्कृति प्राचीन सभ्यताओं वाले नोट्स में है; खारी झीलें झीलों वाले नोट्स में हैं।

धात्विक खनिज

खनिजकहाँ (जिला)भारत के संसाधनों में हिस्साउत्पादन, 2023-24 (अनंतिम)
सीसा और जस्तारामपुरा अगूचा (भीलवाड़ा); राजपुरा दरीबा और सिंदेसर खुर्द (राजसमंद); जावर समूह (उदयपुर); कायड़ (अजमेर)अयस्क का 89.32% (766.49 मिलियन टन में से 684.66), सबसे अधिकसीसा सांद्र 380,800 टन और जस्ता सांद्र 1,710,144 टन
चाँदीसीसा-जस्ता का उप-उत्पाद, चंदेरिया प्रगलन संयंत्र (चित्तौड़गढ़) में प्राप्तअयस्क का 86.29%; धातु का 97.93%745,830 किग्रा, भारत के 745,980 किग्रा में से (आयातित ताँबा सांद्र से मिली चाँदी शामिल नहीं)
ताँबाखेतड़ी पट्टी, झुंझुनूं: हिंदुस्तान कॉपर के खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स (खेतड़ीनगर) की खेतड़ी और कोलिहान खदानेंअयस्क का 52.25%, सबसे अधिक, मध्य प्रदेश (23.28%) से आगे; धातु का 38.01%अयस्क 1,231,500 टन; सांद्र 55,357 टन, देश का 44% (मध्य प्रदेश 56%)
लौह अयस्कहेमेटाइट: अलवर, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर और उदयपुर। मैग्नेटाइट: भीलवाड़ा, झुंझुनूं और सीकरमैग्नेटाइट: 7.10% (11,227 मिलियन टन में से 794), कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बाद तीसरा10 खदानों से 1,527 हज़ार टन
मैंगनीज़राज्य की एकमात्र रिपोर्टिंग खदान बांसवाड़ा में है; कुशलगढ़ तहसील की काला खूंटा मैंगनीज़ की खुली खदान है4,968 टन, भारत के 3,380,889 टन में से
सोनासंसाधन बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, दौसा, सिरोही और उदयपुर में; भूकिया स्वर्ण ब्लॉक (24 वर्ग किमी) बांसवाड़ा में हैप्राथमिक स्वर्ण अयस्क का 24.92%, बिहार (43%) के बाद दूसराराजस्थान से कोई नहीं; देश का 97% सोना कर्नाटक से, शेष आंध्र प्रदेश और झारखंड से
टंगस्टनडेगाना (नागौर जिला) और सिरोही जिला27%, कर्नाटक (41%) के बाद दूसराकोई नहीं: 31 मार्च 2024 को देश में टंगस्टन का कोई खनन पट्टा नहीं था; डेगाना से पहले उत्पादन होता था

सीसा-जस्ता की खदानें और प्रगलन संयंत्र

स्थलजिलातथ्य
रामपुरा अगूचा खदानभीलवाड़ा1991 में चालू, उदयपुर से 230 किमी उत्तर में; देश का सबसे समृद्ध जस्ता-सीसा निक्षेप; 2017-18 तक सतही खनन, अब पूरी तरह भूमिगत। 2023-24 में इसके अयस्क में धातु की मात्रा देश में सर्वाधिक (12.41%) रही
सिंदेसर खुर्द खदानराजसमंदभूमिगत, 2006 में चालू, राजपुरा दरीबा से 6 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व में; चाँदी-समृद्ध सीसा-जस्ता निक्षेप; क्षमता 6.5 मिलियन टन अयस्क प्रति वर्ष
राजपुरा दरीबा खदानराजसमंदभूमिगत; खनन 1983 में शुरू; उदयपुर से 75 किमी उत्तर-पूर्व में
जावर खदान समूहउदयपुरचार भूमिगत खदानें और एक परिष्करण संयंत्र, 1966 में चालू; उदयपुर से लगभग 40 किमी दक्षिण में
कायड़ खदानअजमेरभूमिगत; काम 2011 में और अयस्क उत्पादन 2012-13 में शुरू; इसका अयस्क रामपुरा अगूचा के संयंत्र में संसाधित होता है
चंदेरिया प्रगलन संयंत्रचित्तौड़गढ़1991 में चालू सीसा-जस्ता प्रगलन परिसर, उदयपुर से 110 किमी उत्तर में; राजस्थान की चाँदी यहीं प्राप्त होती है
देबारी जस्ता प्रगलन संयंत्रउदयपुर1968 में चालू, उदयपुर से लगभग 13 किमी उत्तर में
दरीबा प्रगलन परिसरराजसमंदजस्ता संयंत्र मार्च 2010 और सीसा संयंत्र जुलाई 2011 में चालू, राजपुरा दरीबा खदान के पास

अधात्विक खनिज

खनिजकहाँ (जिला)भारत के संसाधनों में हिस्साउत्पादन, 2023-24 (अनंतिम)
रॉक फॉस्फेटराजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (RSMML) की झामर कोटड़ा खदान (उदयपुर); अलवर, बांसवाड़ा, जयपुर और जैसलमेर में भी मिलता है30%, झारखंड (34%) के बाद दूसरा1,320,819 टन, देश का 84.79%; शेष मध्य प्रदेश से
वोलेस्टोनाइटनिक्षेप अजमेर, डूंगरपुर, पाली, सिरोही और उदयपुर में; उत्पादन करने वाली खदानें अजमेर और उदयपुर में92% (25.11 मिलियन टन में से 23.11); शेष लगभग पूरा गुजरात में3 खदानों से 110,596 टन
चूना पत्थरईयरबुक के 20 जिलों में सीमेंट-ग्रेड, इनमें चित्तौड़गढ़, बूँदी, नागौर, पाली, सिरोही और जैसलमेर; जोधपुर और नागौर में फ्लक्स-ग्रेड12%, कर्नाटक (24%) और आंध्र प्रदेश (13%) के बाद44 खदानों से 103,644 हज़ार टन; देश का 22.9%
पोटाशनागौर–गंगानगर वाष्पजनित (इवैपोराइट) बेसिन89% (23,091 मिलियन टन में से 20,572)खनन नहीं; भारत अपने म्यूरिएट ऑफ पोटाश का 95% से अधिक आयात करता है। बेसिन के पोटाश ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है
ऐस्बेस्टॉसअजमेर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, राजसमंद और उदयपुर; ट्रेमोलाइट जैसी एम्फिबोल किस्में59% (22.90 मिलियन टन में से 13.61); कर्नाटक 36%2022-23 और 2023-24 में देश में कहीं उत्पादन नहीं; भारत ऐस्बेस्टॉस का आयात करता है
तामड़ा (गार्नेट)रत्न-गार्नेट: अजमेर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर और टोंक। अपघर्षक गार्नेट की खदानें: अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद और टोंक8 खदानों से अपघर्षक गार्नेट 23,838 टन, समुद्र-तटीय रेत खनिजों को छोड़कर देश का पूरा अपघर्षक गार्नेट; 2018-19 से रत्न-गार्नेट नहीं (2004-05 तक राजस्थान इसका एकमात्र उत्पादक था)
सेलेनाइटथार मरुस्थल के क्षेत्र; RSMML प्रमुख उत्पादक है3 खदानों से 14,136 टन
पन्नापेग्माटाइट में, 221 किमी लंबी अजमेर–राजसमंद पट्टी; कालागुमान (राजसमंद) इसका एक स्थल है। जयपुर देश का पन्ना तराशने का प्रमुख केंद्र है2022-23 और 2023-24 में कोई नहीं
डायटोमाइट और सिलिसियस अर्थडायटोमाइट: बाड़मेर और जैसलमेर। सिलिसियस अर्थ की खदानें: बाड़मेरडायटोमाइट 72%; शेष गुजरात में1991-92 से देश में डायटोमाइट नहीं; सिलिसियस अर्थ 10 खदानों से 58,047 टन
सामान्य नमकखारी झीलें और लवणीय जल (हर झील झीलों वाले नोट्स में)2021-22, ईयरबुक की सारणी का अंतिम वर्ष: भारत के 270.24 लाख टन में से 16.9 लाख टन, गुजरात और तमिलनाडु के बाद तीसरा

गौण खनिज: संगमरमर, ग्रेनाइट, जिप्सम

खनिजकहाँ (जिला)तथ्य
संगमरमरपाँच क्षेत्र: उदयपुर–राजसमंद–चित्तौड़गढ़, मकराना (तब नागौर जिला, अब डीडवाना-कुचामन)–किशनगढ़, बांसवाड़ा–डूंगरपुर, आंधी (जयपुर)–झीरी (अलवर) और जैसलमेर2021-22 में उत्पादन 10,638,060 टन, राज्य के अनुसार। किशनगढ़ (अजमेर) में मार्बल स्लरी (संगमरमर प्रसंस्करण का अपशिष्ट) का डम्पिंग यार्ड है
ग्रेनाइटईयरबुक के 18 जिलों में, इनमें जालौर, जोधपुर, पाली, सिरोही, बाड़मेर और राजसमंद2021-22 में काले और रंगीन ग्रेनाइट का उत्पादन 8,805,139 घन मीटर, राज्य के अनुसार
जिप्समबाड़मेर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, नागौर और पाली2021-22 में उत्पादन 3,547,220 टन, राज्य के अनुसार; सीमेंट में और पिसा हुआ जिप्सम क्षारीय मृदा सुधारने में काम आता है
  • गौण खनिज राज्यों के नियंत्रण में हैं: इनका उत्पादन राज्य सरकारों को रिपोर्ट होता है, भारतीय खान ब्यूरो को नहीं, और 2020 की राष्ट्रीय खनिज सूची में ये शामिल नहीं हैं।
  • संगमरमर, ग्रेनाइट और बलुआ पत्थर जैसे भवन-निर्माण पत्थर तथा मुल्तानी मिट्टी (फुलर्स अर्थ) और बेंटोनाइट खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत पहले से गौण खनिज थे। 10 फरवरी 2015 की अधिसूचना (S.O. 423(E)) ने 31 और जोड़े, इनमें जिप्सम, कैल्साइट, गेरू, डोलोमाइट, बॉल क्ले, स्टीटाइट या टैल्क या सोपस्टोन और क्वार्टजाइट हैं।
  • 20 फरवरी 2025 की अधिसूचना ने बैराइट्स, फेल्सपार, अभ्रक और क्वार्ट्ज को फिर से प्रमुख खनिजों में रखा।
  • भारत के संसाधनों में पुराने हिस्से, जो ईयरबुक के राजस्थान अध्याय में उसके 2023 संस्करण तक छपे: जिप्सम 82%, गेरू 81%, बेंटोनाइट 75%, मुल्तानी मिट्टी 74%, फेल्सपार 66% (फेल्सपार 2025 से फिर प्रमुख खनिज है), संगमरमर 63%, कैल्साइट 50%, टैल्क/स्टीटाइट/सोपस्टोन 49%, बॉल क्ले 38%।

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • कालागुमानराजसमंद जिले का पन्ना-स्थल है, तामड़ा (गार्नेट) का नहीं।
  • दो दरीबाराजपुरा दरीबा (राजसमंद) में सीसा-जस्ता की खदान और हिंदुस्तान जिंक का प्रगलन परिसर है · अलवर जिले का दरीबा ताँबे का स्थल है।
  • जिप्सम और सेलेनाइटसेलेनाइट जिप्सम की रवेदार किस्म है; जिप्सम गौण और सेलेनाइट प्रमुख खनिज है, इसलिए ईयरबुक की 2023-24 की सारणियों में केवल सेलेनाइट का उत्पादन है।
  • मकराना और किशनगढ़मकराना संगमरमर खनन का प्रसिद्ध केंद्र है · किशनगढ़ (अजमेर) में मार्बल स्लरी का डम्पिंग यार्ड है।
  • पुराने और नए हिस्सेईयरबुक का राजस्थान अध्याय अपने 2023 संस्करण तक पोटाश 94%, वोलेस्टोनाइट 88%, चाँदी अयस्क 88%, ऐस्बेस्टॉस 61%, ताँबा अयस्क 54% और रॉक फॉस्फेट 31% छापता रहा, वही आँकड़े जो उसके 2017 संस्करण में थे, जिसकी सारणियाँ 1 अप्रैल 2015 की हैं। 1 अप्रैल 2020 की सूची पर आधारित खनिज-समीक्षाएँ क्रमशः 89%, 92%, 86.29%, 59%, 52.25% और 30% देती हैं।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 52

कौनसा (खनिज – खनन क्षेत्र) सही सुमेलित नहीं है?

  1. (1)रॉक फॉस्फेट – झामर–कोटड़ा
  2. (2)मैंगनीज़ – काला–खूंटा
  3. (3)तामड़ा – कालागुमान
  4. (4)लौह अयस्क – मोरीजा–डाबला
उत्तर देखें

✓ (3) तामड़ा – कालागुमान

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 83

राजस्थान के किस जिले में, जियो लॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया 2021 के नवीनतम सर्वेक्षण में, सीमेंट ग्रेड लाइमस्टोन के विशाल भण्डार मिले हैं?

  1. (1)झालावाड़
  2. (2)जैसलमेर
  3. (3)चित्तौड़गढ़
  4. (4)पाली
उत्तर देखें

समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 59

राजस्थान में मार्बल डम्पिंग यार्ड कहाँ है?

  1. (1)किशनगढ़
  2. (2)बूंदी
  3. (3)कुम्भलगढ़
  4. (4)बीकानेर
उत्तर देखें

संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 41

निम्नलिखित में से कौन सी रॉक फॉस्फेट की प्रसिद्ध खान है ?

  1. (1)झामर-कोटरा
  2. (2)नट की नेरी
  3. (3)सुलुम्बर
  4. (4)बीदासर
उत्तर देखें

संरक्षण अधिकारी 2024 · प्रश्न 57

निम्नलिखित (खनिज – खनन क्षेत्र) में से कौनसा एक सुमेलित नहीं है?

  1. (1)अभ्रक - शंकरवाड़ा
  2. (2)रॉक फॉस्फेट - नात की नेरी
  3. (3)फेल्सपार - गुजरवाड़ा
  4. (4)जिप्सम – कवास, कुर्ला
उत्तर देखें

✓ (2) रॉक फॉस्फेट - नात की नेरी

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 10

राजस्थान में कालाखुटा, लीलवानी, नारदिया, तिम्मामोरी किस खनिज के उत्पादक क्षेत्र हैं ?

  1. (1)मैंगनीज़
  2. (2)टंगस्टन
  3. (3)ताँबा
  4. (4)लौह-अयस्क
उत्तर देखें

आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 10

राजस्थान में निम्नलिखित स्थलों पर ऐस्बेस्टॉस खदानें कहाँ अवस्थित हैं ?

  1. (1)अर्जुनपुरा और पीपरदा
  2. (2)खुरा और मंगोल
  3. (3)करपुरा और फतेहगढ़
  4. (4)देपुरा और डिंगरी
उत्तर देखें

✓ (1) अर्जुनपुरा और पीपरदा

पूरा प्रश्न-पत्र देखें

पढ़ लिया? अब अभ्यास करें

निःशुल्क अभ्यास प्रश्नों से इस विषय पर अपनी तैयारी जाँचें।

अभ्यास प्रश्न →