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राजस्थान की भूगर्भिक संरचना एवं भौतिक प्रदेश

राजस्थान को सामान्यतः चार भौतिक प्रदेशों में पढ़ा जाता है: पश्चिमी मरुस्थल, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदान और दक्षिणी-पूर्वी (हाड़ौती) पठार।

⏱ 3 मिनट पढ़ें2 विस्तृत पृष्ठ✓ तथ्य जाँचे गए 17 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. क्षेत्रफल में चारों प्रदेशों में सबसे बड़ा: पश्चिमी मरुस्थल (थार)।
  2. अरावली दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक फैली है और राज्य को दो असमान भागों में बाँटती है: पश्चिम में शुष्क से अर्द्धशुष्क, पूर्व में अर्द्धशुष्क से उप-आर्द्र।
  3. महान सीमा भ्रंश (ग्रेट बाउंड्री फ़ॉल्ट) अरावली की चट्टानों को उनके पूर्व की विंध्यन चट्टानों से अलग करता है।

चार भौतिक प्रदेश

ऊँचाई के क्षेत्र

समुद्र तल से ऊँचाईराज्य का अनुपातकहाँ है
900 मीटर से अधिक1% से भी कमअरावली के ऊँचे शिखर, जिनमें गुरुशिखर भी है
600–900 मीटरलगभग 6%अरावली श्रेणियाँ; सिरोही, उदयपुर और राजसमंद से अजमेर तक सर्वाधिक विस्तार, जयपुर और अलवर की ओर ये टूटती जाती हैं
300–600 मीटरलगभग 31%अरावली के दोनों ओर उच्च भूमि और पठार; उत्तर-पूर्वी भाग प्रायः समतल है (औसत ऊँचाई 400 मीटर), दक्षिण-पश्चिमी भाग उबड़-खाबड़ उच्च भूमि है (औसत 500 मीटर); दक्षिण-पूर्व में हाड़ौती का पठार है
150–300 मीटरलगभग 51%पश्चिमी रेतीला मैदान और पूर्वी मैदान (बनास, चम्बल और छप्पन बेसिन)

चट्टानी संरचना

संरचनाक्या है
बैंडेड नाइसिक कॉम्प्लेक्स (BGC)सबसे प्राचीन (आर्कियन) चट्टानें; अरावली और दिल्ली चट्टानों का आधार
अरावली सुपरग्रुपप्रारंभिक प्रोटेरोज़ोइक कल्प की रूपांतरित अवसादी चट्टानें (क्वार्ट्ज़ाइट, फ़िलाइट आदि) और कुछ ज्वालामुखीय चट्टानें, जो BGC पर असंगत रूप से टिकी हैं
दिल्ली सुपरग्रुपवह वलित पट्टी जो अरावली पर्वतमाला की रीढ़ बनाती है
मालानी चट्टानेंज्वालामुखीय चट्टानें, मुख्यतः मालानी रायोलाइट
मारवाड़ सुपरग्रुपअरावली के पश्चिम का स्थिर बेसिन, मालानी चट्टानों के ऊपर; अरावली के पास की प्रीकैम्ब्रियन चट्टानों में सबसे नई
विंध्यन सुपरग्रुपअरावली के पूर्व का स्थिर बेसिन; संगुटिकाश्म, शेल, बलुआ पत्थर और चूना पत्थर
डेक्कन ट्रैपक्रिटेशियस से पैलियोसीन काल का बेसाल्ट लावा; हाड़ौती पठार का एक भाग दक्कन लावा का है

पुरानी पुस्तकें अरावली और दिल्ली की चट्टानों को 'क्रम' या 'तंत्र' कहती हैं (हेरोन की योजना, जिसमें दोनों के बीच रायलो श्रेणी है); बाद के शोध में इन्हें सुपरग्रुप कहा गया है। सभी दिल्ली बेसिनों के लिए अब भी कोई एक मान्य क्रम नहीं है।

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • बांगर, बागर, वागड़भल्ला पूरे अर्द्धशुष्क भाग को 'राजस्थान बांगर' कहते हैं (RPSC के हिंदी प्रश्नपत्र में 'राजस्थान बागड़') · RBSE शेखावाटी प्रदेश को 'बागर प्रदेश' कहती है · पहाड़ियों वाले मध्य माही (छप्पन) मैदान को RBSE 'वागड़' कहती है (भल्ला: 'बागड़')।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 53

निम्नलिखित में से राजस्थान का सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र (क्षेत्रफल के अनुसार) कौन सा है?

  1. (1)अर्ध शुष्क क्षेत्र
  2. (2)अरावली क्षेत्र
  3. (3)पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र
  4. (4)पूर्वी मैदानी क्षेत्र
उत्तर देखें

✓ (3) पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र

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