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चम्बल नदी

चम्बल मध्य प्रदेश से निकलकर चौरासीगढ़ के निकट राजस्थान में प्रवेश करती है और आगे यमुना में मिल जाती है। परीक्षा में उसका उद्गम, सहायक नदियाँ और चम्बल घाटी के बाँध पूछे जाते हैं।

⏱ 3 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 17 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. प्राचीन नाम चर्मण्वती; कामधेनु भी कहलाती है।
  2. चम्बल के बीहड़: सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर में।
  3. सिंचाई और जल-विद्युत दोनों के लिए बाँध: राणा प्रताप सागर, CET स्नातक 2024 का उत्तर।

तथ्य

उद्गममध्य प्रदेश में महू के दक्षिण में मानपुर (इंदौर जिला) के निकट जनापाव पहाड़ी (भल्ला के अनुसार 616 मीटर)
राजस्थान में प्रवेशचौरासीगढ़ (चित्तौड़गढ़ जिला) के निकट, एक गार्ज में जो कोटा तक चलता है: भूजल विभाग के एटलस के अनुसार लगभग 96 किमी, भल्ला के अनुसार 113 किमी
कुल लंबाई900 किमी (बाढ़ कार्य योजना 2024) · 966 किमी (भल्ला)
राजस्थान में लंबाईभूजल विभाग का एटलस: राजस्थान के भीतर लगभग 226 किमी, फिर मध्य प्रदेश-राजस्थान की सीमा के रूप में लगभग 252 किमी · भल्ला: राजस्थान के भीतर 135 किमी और सीमा के रूप में लगभग 241 किमी
मार्ग के जिलेचित्तौड़गढ़; कोटा और बूँदी की सीमा; सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर
कहाँ मिलती हैउत्तर प्रदेश में भरेह के पास पचनदा पर यमुना में (बाढ़ कार्य योजना 2024); मुरादगंज के निकट (भल्ला)
राजस्थान में बेसिनलगभग 31,239 वर्ग किमी, बनास बेसिन को छोड़कर

राजस्थान में प्रवाह मार्ग

  • चौरासीगढ़ से कोटा तक: नदी गार्ज में बहती है; भैंसरोड़गढ़ के निकट बामनी मिलती है और लगभग 5 किमी आगे चूलिया जलप्रपात है।
  • रामेश्वर पर इसमें बनास मिलती है, फिर यह उत्तर-पूर्व में राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा बनाती हुई बहती है।

सहायक नदियाँ

सहायक नदीउद्गमचम्बल में मिलने का स्थानटिप्पणी
बनासरामेश्वर पर
कालीसिंधमध्य प्रदेश में देवास के निकटझालावाड़ और बारां में बहकर नानेरा के निकटइसकी अपनी सहायक नदियाँ: परवन, उजाड़, निवाज, आहू
पार्वतीमध्य प्रदेश का सिहोर क्षेत्रबारां में बहकर सवाई माधोपुर में पालिया के निकट
बामनी (ब्राह्मणी)चित्तौड़गढ़ में हरिपुर गाँव के निकटभैंसरोड़गढ़ के निकट
मेजभीलवाड़ाबूँदी में लाखेरी के निकट
कुरालउपरमाल का पठारबूँदी के पूर्व में बहकर

बाँध और बैराज

संरचनास्थानटिप्पणी
गाँधी सागरभानपुरा तहसील, मध्य प्रदेश, चौरासीगढ़ से लगभग 8 किमीकोटा बैराज के साथ चम्बल परियोजना का प्रथम चरण; 1960 में बना
राणा प्रताप सागररावतभाटा, चूलिया जलप्रपात के निकट, गाँधी सागर से लगभग 48 किमी नीचे1970 तक पूरा हुआ
जवाहर सागर (कोटा बाँध)बोराबास गाँव के निकट, राणा प्रताप सागर से लगभग 33 किमी नीचेपिक-अप बाँध: इसका विद्युत गृह ऊपर के दो बाँधों से छोड़े गए जल का उपयोग करता है
कोटा बैराजकोटा नगर के निकट, जवाहर सागर से लगभग 16 किमी नीचेदाईं नहर मध्य प्रदेश को और बाईं नहर राजस्थान में जाती है

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • नदी के प्रवाह की दिशा में बाँधों का क्रम: गाँधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज · निर्माण के चरण: प्रथम चरण में गाँधी सागर और कोटा बैराज, द्वितीय में राणा प्रताप सागर, तृतीय में जवाहर सागर।
  • संयुक्त परियोजनाएँचम्बल परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश की है · माही बजाज सागर राजस्थान और गुजरात की।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 138

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा बांध है जिसका सिंचाई और जल विद्युत दोनों के लिए उपयोग किया जाता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

  1. (1)राम सागर बांध
  2. (2)राणा प्रताप सागर बांध
  3. (3)मेजा बांध
  4. (4)जवाई बांध
उत्तर देखें

✓ (2) राणा प्रताप सागर बांध

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