एक नज़र में
- राजस्थान बांगर: एल.आर. भल्ला और RPSC की 2024 की उत्तर कुंजी यह नाम पूरे अर्द्धशुष्क भाग को देते हैं (RPSC के हिंदी प्रश्न में 'राजस्थान बागड़'), जिसमें लूनी बेसिन, शेखावाटी का आंतरिक प्रवाह मैदान, नागौरी उच्चभूमि और घग्घर का मैदान आते हैं; RBSE केवल शेखावाटी प्रदेश को 'बागर प्रदेश' कहती है।
- नागौरी उच्चभूमि: लूनी बेसिन और शेखावाटी मैदान के बीच; खारी झीलें और आंतरिक प्रवाह।
- पश्चिमी राजस्थान में स्तूप-आच्छादन: 1964 और 1974 के सर्वेक्षणों में लगभग 60%, 2013 के मानचित्रण में 48%।
तथ्य
| सीमाएँ | पूर्व में अरावली की पहाड़ियाँ, पश्चिम में पाकिस्तान की नारा नदी |
|---|---|
| वर्षा रेखा | 25 सेमी की वर्षा रेखा शुष्क रेतीले मैदान को अर्द्धशुष्क मैदान से अलग करती है |
| उष्ण शुष्क भूमि | भारत की 3.17 करोड़ हेक्टेयर में से लगभग 1.96 करोड़ हेक्टेयर राजस्थान में |
चार उप-प्रदेश (RBSE)
| उप-प्रदेश | कहाँ | स्वरूप |
|---|---|---|
| शुष्क रेतीला अथवा मरुस्थली प्रदेश | जैसलमेर, बाड़मेर (एक भाग अब बालोतरा), बीकानेर तथा जोधपुर (एक भाग अब फलौदी) और चूरू के पश्चिमी भाग | सर्वत्र बालुका-स्तूप; पोकरण, जैसलमेर और रामगढ़ जैसे स्थानों पर चट्टानी संरचना |
| लूनी–जवाई बेसिन | पाली, जालौर, जोधपुर और नागौर का दक्षिणी भाग | अर्द्धशुष्क; लूनी, जवाई और अन्य सहायक नदियों से बना मैदान; 'लूनी बेसिन' भी कहलाता है |
| शेखावाटी प्रदेश | झुंझुनूं, सीकर, चूरू और नागौर का उत्तरी भाग (तब; डीडवाना व कुचामन अब डीडवाना-कुचामन जिले में) | रेतीला, कम ऊँचे बालुका-स्तूपों वाला; डीडवाना, डेगाना, सुजानगढ़, तालछापर, परिहारा और कुचामन जैसे नमकीन पानी के गर्त (रन) |
| घग्घर का मैदान | श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ | घग्घर का बाढ़ मैदान; प्रवाह-तल स्पष्ट न होने से घग्घर को 'मृत नदी' कहा जाता है; अब कृषि क्षेत्र |
बालुका-स्तूप
| प्रकार | टिप्पणी |
|---|---|
| परवलयिक | वनस्पति से ढके; खेती में प्रयुक्त |
| अनुप्रस्थ | सबसे अधिक रेत, फिर भी फसल के लिए उपयुक्त; बीकानेर के पास |
| रैखिक (अनुदैर्ध्य) | प्रमुख पवन की दिशा में फैले; प्राकृतिक वनस्पति वाले |
| जाल-रूपी (नेटवर्क) | कुछ ही स्थानों पर; कई शिखरों वाली शृंखलाएँ |
| बरखान और बरखानॉयड | चलायमान; लगभग 200 मिमी वर्षा वाले क्षेत्र में; जैसलमेर के उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में |
तारा-स्तूप भी मिलते हैं। आयु के अनुसार ऊँचे स्तूप 'पुरानी प्रणाली' के हैं, जो पहले की शुष्क जलवायु में बने और आज बन रहे 'नई प्रणाली' के स्तूपों से अधिक स्थिर हैं। रेत की नीची धारियाँ, रेतीले टीले और बरखान मुख्यतः अति-चराई और दोषपूर्ण खेती का परिणाम हैं।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 2
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : A. लूनी बेसिन और शेखावाटी प्रदेश राजस्थान बागड़ के उप-प्रदेश हैं। B. घग्घर का मैदान अधिकांशतः हनुमानगढ़ एवं गंगानगर जिलों में फैला है। C. नागौर उच्च भूमि में लवणीय झीलें और आन्तरिक जल प्रवाह है। D. अरावली श्रेणियाँ सभी प्रकार के खनिजों में समृद्ध हैं। सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये :
- (1)A और B
- (2)A, B और C
- (3)B, C और D
- (4)A, B, C और D
उत्तर देखें
✓ (2) A, B और C
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