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राज्य मानवाधिकार आयोग

राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन राज्य सरकार मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत करती है।

⏱ 3 मिनट पढ़ें✓ तथ्य जाँचे गए 23 अक्टूबर 2026

विषय-सूची

एक नज़र में

  1. अधिनियम का अध्याय 5 (धाराएँ 21-29) राज्य आयोगों के बारे में है।
  2. कार्यकाल (धारा 24): अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य का तीन वर्ष, सत्तर वर्ष की आयु पर पहले ही समाप्त; दोनों पुनर्नियुक्ति के पात्र। 2019 के संशोधन ने कार्यकाल पाँच वर्ष से घटाया।
  3. अध्यक्ष: उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश रहा हो ("या न्यायाधीश" 2019 के संशोधन से जुड़ा); केवल विधिवेत्ता होना पर्याप्त नहीं।
  4. यह केवल राज्य सूची और समवर्ती सूची से जुड़े विषयों की जाँच करता है (धारा 21(5))।

तथ्य

गठनराज्य सरकार, जो इसका गठन "कर सकती है" (धारा 21(1))
सदस्यतीन, 2006 में प्रतिस्थापित धारा 21(2) के अनुसार: अध्यक्ष; एक सदस्य जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या कम से कम सात वर्ष के अनुभव वाला जिला न्यायाधीश है या रहा है; एक सदस्य जिसे मानव अधिकार का ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो
नियुक्तिराज्यपाल, हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा, समिति की सिफारिश पर: मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (धारा 22(1))
कार्यरत न्यायाधीशकार्यरत उच्च न्यायालय न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश की नियुक्ति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद ही
त्यागपत्र और पद से हटानाराज्यपाल को लिखित त्यागपत्र; सिद्ध कदाचार या अक्षमता पर सर्वोच्च न्यायालय की जाँच के बाद राष्ट्रपति के आदेश से, या बिना जाँच दिवालिया होने, पद के बाहर वेतनभोगी नियोजन, शारीरिक/मानसिक अशक्तता, विकृतचित्त घोषित होने या नैतिक अधमता के अपराध में दोषसिद्धि पर हटाया जाता है (धारा 23)
पद के बादराज्य या भारत सरकार के अधीन आगे नियोजन के अपात्र (24(3))
सचिवमुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य सरकार के सचिव से नीचे के पद का नहीं; अध्यक्ष के नियंत्रण में आयोग की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का प्रयोग (धाराएँ 21(3), 27)
मुख्यालयराज्य सरकार जिस स्थान को अधिसूचित करे (21(4))
प्रतिवेदनराज्य सरकार को वार्षिक व विशेष प्रतिवेदन, जो की गई कार्रवाई के ज्ञापन सहित विधानमंडल के समक्ष रखे जाते हैं (धारा 28)

कार्य (धारा 12, धारा 29 से लागू)

  • स्वप्रेरणा से, याचिका पर या न्यायालय के निर्देश पर मानव अधिकार के उल्लंघन या उसके दुष्प्रेरण, या लोक सेवक द्वारा उसे रोकने में उपेक्षा की जाँच करना।
  • न्यायालय की अनुमति से मानव अधिकार उल्लंघन के आरोप वाली कार्यवाही में हस्तक्षेप करना।
  • बंदियों की जीवन-दशा के अध्ययन के लिए राज्य सरकार के नियंत्रण वाली जेलों और उन संस्थाओं का दौरा, जहाँ लोग निरुद्ध या आवासित हैं।
  • संविधान और कानूनों के रक्षोपायों की, और आतंकवाद सहित मानव अधिकारों में बाधक कारणों की समीक्षा।
  • शोध करना और उसे बढ़ावा देना; मानव अधिकार साक्षरता फैलाना।
  • इस क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को प्रोत्साहित करना।

अध्यक्ष

प्रथम अध्यक्ष: न्यायमूर्ति कांता भटनागर (23 मार्च 2000 से 11 अगस्त 2000)। पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा: न्यायमूर्ति एन.के. जैन (16 जुलाई 2005 से 15 जुलाई 2010); न्यायमूर्ति एस. सगीर अहमद (2001-2004) और न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया (2016-2019) का कार्यकाल इससे छोटा रहा। 2023 में न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास अध्यक्ष थे।

याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं

  • सदस्य2006 के संशोधन से अध्यक्ष और दो सदस्य, चार नहीं।
  • उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीशनियुक्ति समिति में नहीं; केवल कार्यरत न्यायाधीश की नियुक्ति पर परामर्श।
  • संधियाँधारा 29 धारा 12 का खंड (च) छोड़ देती है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संधियों का अध्ययन राष्ट्रीय आयोग का काम है, राज्य आयोग का नहीं।

खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न

समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 63

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसमें कौन शामिल नहीं होता है?

  1. (1)मुख्यमंत्री
  2. (2)विधानसभा अध्यक्ष
  3. (3)विधानसभा का विपक्ष का नेता
  4. (4)उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
उत्तर देखें

✓ (4) उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

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समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 · प्रश्न 20

राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

  1. (1)5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो
  2. (2)3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो
  3. (3)5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो
  4. (4)3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो
उत्तर देखें

✓ (2) 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो

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समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 40

राज्य मानवाधिकार आयोग का कौन-सा कार्य नहीं है? (निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)

  1. (1)मानवाधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान करना और बढ़ावा देना।
  2. (2)मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को हतोत्साहित करना।
  3. (3)जेलों का दौरा करना और कैदियों की जीवन स्थिति का अध्ययन करना।
  4. (4)लोगों के बीच मानवाधिकार साक्षरता का प्रसार करना।
उत्तर देखें

✓ (2) मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को हतोत्साहित करना।

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संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 23

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के कौन से अध्याय में राज्य मानवाधिकार आयोग संबंधी प्रावधान किये गये हैं ?

  1. (1)अध्याय – IV
  2. (2)अध्याय – V
  3. (3)अध्याय – VIII
  4. (4)अध्याय – VII
उत्तर देखें

संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 20

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें : कथन (I) : राज्य मानव अधिकार आयोग, मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अन्तर्गत एक स्वशासी उच्चाधिकार प्राप्त मानव अधिकारों की निगरानी संस्था है। कथन (II) : इसकी स्वायत्तता इसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की पद्धति, उनके निश्चित कार्यकाल और वित्तीय स्वायत्तता में निहित है। कथन (III) : एक पारंगत विधिवेत्ता को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें :

  1. (1)कथन (I) और (II) सत्य हैं।
  2. (2)कथन (II) और (III) सत्य हैं।
  3. (3)कथन (I) और (III) सत्य हैं।
  4. (4)कथन (I), (II) और (III) सत्य हैं।
उत्तर देखें

✓ (1) कथन (I) और (II) सत्य हैं।

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आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 37

राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के निम्नलिखित अध्यक्षों में से किन्होंने पाँच वर्ष की पदावधि पूरी की ?

  1. (1)न्यायमूर्ति श्रीमती कांता भटनागर
  2. (2)न्यायमूर्ति एन.के. जैन
  3. (3)न्यायमूर्ति एस. सगीर अहमद
  4. (4)न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया
उत्तर देखें

✓ (2) न्यायमूर्ति एन.के. जैन

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आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 38

राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : (i) मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रावधानानुसार आयोग में एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य हैं । (ii) वर्तमान में न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास इसके अध्यक्ष हैं ।

  1. (1)न तो (i) न ही (ii) सही है ।
  2. (2)(i) व (ii) दोनों सही हैं ।
  3. (3)केवल (ii) सही है ।
  4. (4)केवल (i) सही है ।
उत्तर देखें

✓ (3) केवल (ii) सही है ।

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