एक नज़र में
- अनुच्छेद 163: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद राज्यपाल को सहायता और मंत्रणा देती है।
- अनुच्छेद 164(1क), 91वें संशोधन (2003) से: विधानसभा के 15% से अधिक नहीं और 12 से कम नहीं। राजस्थान की 200 सीटों पर अधिकतम 30।
- परिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है (अनुच्छेद 164(2)); लगातार छह माह तक विधानमंडल का सदस्य न रहने वाला मंत्री पद पर नहीं रहता (164(4))।
- प्रथम: हीरालाल शास्त्री पहले मुख्यमंत्री (1949); टीकाराम पालीवाल पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री (1952); वसुंधरा राजे पहली और एकमात्र महिला मुख्यमंत्री।
- राष्ट्रपति शासन चार बार लगा (1967, 1977, 1980, 1992-93); इनमें से दो भैरोंसिंह शेखावत की सरकारों के बाद।
संविधान: अनुच्छेद 163 से 167
| अनुच्छेद | क्या कहता है |
|---|---|
| 163(1) | राज्यपाल को उसके कृत्यों के पालन में सहायता और मंत्रणा देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद होगी, सिवाय उन विषयों के जिनमें संविधान के अनुसार राज्यपाल को अपने विवेकानुसार कार्य करना है |
| 163(2) और (3) | कोई विषय राज्यपाल के विवेक का है या नहीं, इस पर राज्यपाल का निर्णय अंतिम है; मंत्रियों ने राज्यपाल को क्या सलाह दी, इसकी जाँच किसी न्यायालय में नहीं हो सकती |
| 164(1) | मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है; अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल करता है; मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं |
| 164(1क) और (1ख) | परिषद विधानसभा के सदस्यों के 15% से अधिक नहीं, कम से कम 12 (91वाँ संशोधन); दसवीं अनुसूची के अधीन निरर्ह सदस्य तब तक मंत्री नहीं बनाया जा सकता जब तक सदस्य के रूप में उसका कार्यकाल पूरा न हो जाए या वह फिर से निर्वाचित न हो जाए |
| 164(2) | मंत्रिपरिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है |
| 164(3) | राज्यपाल मंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है (प्ररूप तीसरी अनुसूची में) |
| 164(4) | जो मंत्री लगातार छह माह तक राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं रहता, वह उस अवधि के बाद मंत्री नहीं रहता |
| 164(5) | मंत्रियों के वेतन और भत्ते राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा निर्धारित करता है (तब तक दूसरी अनुसूची के अनुसार) |
| 165 | महाधिवक्ता (उच्च न्यायालय वाले पृष्ठ पर) |
| 166 | राज्य की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राज्यपाल के नाम से की जाती है; सरकार के कार्य के संचालन और मंत्रियों में उसके बँटवारे के नियम राज्यपाल बनाता है |
| 167 | मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि मंत्रिपरिषद के प्रशासन और विधान संबंधी सभी निर्णय राज्यपाल को बताए, वांछित जानकारी दे और राज्यपाल के चाहने पर किसी एक मंत्री द्वारा लिया गया निर्णय परिषद के विचार के लिए रखे |
राजस्थान में मंत्रिपरिषद का आकार
| नियम | अनुच्छेद 164(1क): विधानसभा के सदस्यों के 15% से अधिक नहीं और 12 से कम नहीं, मुख्यमंत्री सहित |
|---|---|
| किसने जोड़ा | संविधान (इक्यानवेवाँ संशोधन) अधिनियम, 2003; 1 जनवरी 2004 से लागू |
| विधानसभा | 200 सीटें (छठी विधानसभा, 1977 से) |
| राजस्थान में अधिकतम | 200 का 15% = 30 |
| राजस्थान में न्यूनतम | 12 |
वर्तमान मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद
22 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हैं, जो सांगानेर से विधायक हैं और जिन्होंने 15 दिसंबर 2023 को शपथ ली। उनके दल भाजपा के पास सोलहवीं विधानसभा की 200 में से 118 सीटें हैं (2023 के चुनाव में 115 जीती थीं; बाद के उपचुनावों से संख्या बदली)।
| 22 अक्टूबर 2026 को परिषद | मुख्यमंत्री सहित 24 सदस्य |
|---|---|
| उपमुख्यमंत्री | 2: दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा |
| कैबिनेट मंत्री | 12 |
| राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) | 4 |
| राज्य मंत्री | 5 |
| महिलाएँ | 2: दिया कुमारी और डॉ. मंजू बाघमार (राज्य मंत्री) |
| सीमा से नीचे | अधिकतम 30 से 6 कम |
यही 24 नाम, यही दो महिलाओं सहित, 2024 में सरकार की मंत्रियों की सूची में थे। हर फेरबदल के साथ परिषद बदलती है।
1949 से राजस्थान के मुख्यमंत्री
| मुख्यमंत्री | कार्यकाल |
|---|---|
| हीरालाल शास्त्री | 7 अप्रैल 1949 – 5 जनवरी 1951 |
| सी.एस. वेंकटाचारी | 6 जनवरी 1951 – 25 अप्रैल 1951 |
| जयनारायण व्यास | 26 अप्रैल 1951 – 3 मार्च 1952; 1 नवंबर 1952 – 12 नवंबर 1954 |
| टीकाराम पालीवाल | 3 मार्च 1952 – 31 अक्टूबर 1952 |
| मोहनलाल सुखाड़िया | 13 नवंबर 1954 – 11 अप्रैल 1957; 11 अप्रैल 1957 – 11 मार्च 1962; 12 मार्च 1962 – 13 मार्च 1967; 26 अप्रैल 1967 – 9 जुलाई 1971 |
| बरकतुल्लाह खान | 9 जुलाई 1971 – 11 अक्टूबर 1973 |
| हरिदेव जोशी | 11 अक्टूबर 1973 – 29 अप्रैल 1977; 10 मार्च 1985 – 20 जनवरी 1988; 4 दिसंबर 1989 – 4 मार्च 1990 |
| भैरोंसिंह शेखावत | 22 जून 1977 – 16 फरवरी 1980; 4 मार्च 1990 – 15 दिसंबर 1992; 4 दिसंबर 1993 – 1 दिसंबर 1998 |
| जगन्नाथ पहाड़िया | 6 जून 1980 – 13 जुलाई 1981 |
| शिवचरण माथुर | 14 जुलाई 1981 – 23 फरवरी 1985; 20 जनवरी 1988 – 4 दिसंबर 1989 |
| हीरालाल देवपुरा | 23 फरवरी 1985 – 10 मार्च 1985 |
| अशोक गहलोत | 1 दिसंबर 1998 – 8 दिसंबर 2003; 13 दिसंबर 2008 – 13 दिसंबर 2013; 17 दिसंबर 2018 – 15 दिसंबर 2023 |
| वसुंधरा राजे | 8 दिसंबर 2003 – 13 दिसंबर 2008; 13 दिसंबर 2013 – 17 दिसंबर 2018 |
| भजनलाल शर्मा | 15 दिसंबर 2023 – पद पर (22 अक्टूबर 2026 तक) |
- हीरालाल शास्त्री ने 7 अप्रैल 1949 को वृहत् राजस्थान के प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला; 26 जनवरी 1950 से यह पद मुख्यमंत्री कहलाया।
- हीरालाल शास्त्री, सी.एस. वेंकटाचारी और जयनारायण व्यास (पहला कार्यकाल) 1952 के पहले आम चुनाव से पहले पद पर रहे।
- बरकतुल्लाह खान छठे मुख्यमंत्री थे; नौवें मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया अनुसूचित जाति से पहले मुख्यमंत्री थे।
- हीरालाल देवपुरा 1985 में शिवचरण माथुर के त्यागपत्र के बाद मुख्यमंत्री बने और हरिदेव जोशी के मुख्यमंत्री बनने के बाद 20 मार्च 1985 से विधानसभा अध्यक्ष रहे।
- तीन-तीन कार्यकाल: हरिदेव जोशी, भैरोंसिंह शेखावत और अशोक गहलोत। चार: मोहनलाल सुखाड़िया।
राजस्थान में राष्ट्रपति शासन
| अवधि | किनके बीच |
|---|---|
| 13 मार्च 1967 – 26 अप्रैल 1967 | 1967 के चुनाव के बाद, सुखाड़िया के तीसरे और चौथे कार्यकाल के बीच |
| 30 अप्रैल 1977 – 21 जून 1977 | हरिदेव जोशी के पहले और शेखावत के पहले कार्यकाल के बीच |
| 17 फरवरी 1980 – 5 जून 1980 | शेखावत के पहले कार्यकाल और जगन्नाथ पहाड़िया के बीच |
| 15 दिसंबर 1992 – 3 दिसंबर 1993 | शेखावत के दूसरे और तीसरे कार्यकाल के बीच |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- अधिकतम और न्यूनतमविधानसभा का 15% ऊपरी सीमा है (राजस्थान में 30) और 12 निचली सीमा, सदन कितना भी बड़ा हो।
- कौन किसे नियुक्त करता हैमुख्यमंत्री को राज्यपाल नियुक्त करता है; अन्य मंत्री मुख्यमंत्री की सलाह पर; सभी राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं।
- उत्तरदायित्वपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है, राज्यपाल के प्रति नहीं।
- अनुच्छेद 163 और 164163 परिषद और सलाह का नियम बनाता है; 164 नियुक्ति, आकार, उत्तरदायित्व, शपथ, छह माह का नियम और वेतन की बात करता है।
- मुख्यमंत्री का राज्यपाल के प्रति कर्तव्य: अनुच्छेद 167, न कि 166 (166 राज्यपाल के नाम से कार्य संचालन की बात करता है)।
- सबसे लंबा और सबसे छोटासुखाड़िया, चार कार्यकालों में लगभग 17 वर्ष; देवपुरा, 1985 में 16 दिन (बरकतुल्लाह खान नहीं, जिनका कार्यकाल दो वर्ष से अधिक था)।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 25
निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में सही नहीं है ?
- (1)मोहनलाल सुखाड़िया ने चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।
- (2)1975 के आपातकाल के समय मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे ।
- (3)बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहे ।
- (4)सी.एस. वेंकटाचारी निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं थे ।
उत्तर देखें
✓ (3) बरकतुल्ला खां सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहे ।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 26
राजस्थान की मंत्रिपरिषद् की न्यूनतम सदस्य संख्या क्या हो सकती है ?
- (1)12
- (2)10
- (3)08
- (4)05
उत्तर देखें
✓ (1) 12
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 25
निम्नलिखित में से किस मुख्यमंत्री ने अधिकतम बार राजस्थान में राष्ट्रपति शासन का सामना किया ?
- (1)हरिदेव जोशी
- (2)भैरोंसिंह शेखावत
- (3)जयनारायण व्यास
- (4)शिवचरण माथुर
उत्तर देखें
✓ (2) भैरोंसिंह शेखावत
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 26
नवम्बर 2024 के अंत तक, राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में कितनी महिलाएँ थीं ?
- (1)केवल 1
- (2)केवल 2
- (3)केवल 3
- (4)केवल 5
उत्तर देखें
✓ (2) केवल 2
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 24
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि-परिषद होगी। II. अनुच्छेद 164(1) के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा। III. अनुच्छेद 164(1) के अनुसार, मंत्री, राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे। कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए : कूट :
- (1)केवल I सही है।
- (2)केवल II सही है।
- (3)केवल I तथा III सही हैं।
- (4)I, II तथा III सभी सही हैं।
उत्तर देखें
✓ (4) I, II तथा III सभी सही हैं।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 70
निम्न में से राजस्थान के किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सर्वाधिक बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया?
- (1)भैरों सिंह शेखावत
- (2)मोहन लाल सुखाड़िया
- (3)हरीदेव जोशी
- (4)शिवचरण माथुर
उत्तर देखें
✓ (1) भैरों सिंह शेखावत
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंबीएसटीसी 2026 (प्रथम पारी) · प्रश्न 90
1990 के दशक (1990 से 1999) के दौरान, निम्नांकित में से किसने राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद धारण नहीं किया?
- (1)हरि देव जोशी
- (2)शिव चरण माथुर
- (3)भैरों सिंह शेखावत
- (4)अशोक गहलोत
उत्तर देखें
✓ (2) शिव चरण माथुर
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