एक नज़र में
- मुख्य सचिव सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख और राज्य का सर्वोच्च सिविल सेवक होता है।
- प्रत्येक राज्य में मुख्य सचिव मंत्रिमण्डल का सचिव, राज्य की सिविल सेवाओं का प्रमुख और मुख्यमंत्री का प्रधान सलाहकार भी होता है।
- अनुच्छेद 166: राज्य सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राज्यपाल के नाम से की हुई कही जाती है (166(1)), और सरकार का कार्य सुविधापूर्वक चलाने तथा उसे मंत्रियों में बाँटने के नियम राज्यपाल बनाता है (166(3))।
- राजस्थान कार्यविधि नियम (Rules of Business) अनुच्छेद 166 के अधीन बने हैं और मंत्रिमण्डल सचिवालय द्वारा जारी किए जाते हैं।
संवैधानिक आधार
अनुच्छेद 166(2): राज्यपाल के नाम से बने आदेश राज्यपाल के नियमों के अनुसार अधिप्रमाणित होते हैं, और ऐसे अधिप्रमाणित आदेश को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि वह राज्यपाल ने नहीं बनाया।
अनुच्छेद 166(3) के नियम उस कार्य पर लागू नहीं होते जिसमें राज्यपाल स्वविवेक से कार्य करता है।
मंत्रिपरिषद (अनुच्छेद 163) और राज्यपाल को सूचना देने का मुख्यमंत्री का कर्तव्य (अनुच्छेद 167) राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के पृष्ठों पर हैं।
शासन सचिवालय
प्रत्येक विभाग का राजनीतिक प्रमुख मंत्री और प्रशासनिक प्रमुख एक वरिष्ठ अधिकारी (अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव या शासन सचिव) होता है। इसमें IAS, RAS, राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारी और सचिवालय सेवा के कर्मचारी कार्य करते हैं।
इसका कार्य तीन आधारों पर चलता है: कार्यविधि नियम, सचिवालय मैनुअल और स्थायी आदेश।
| पद (ऊपर से) | सामान्य प्रभार |
|---|---|
| मुख्य सचिव | सभी सचिवों का प्रमुख |
| अतिरिक्त मुख्य सचिव | एक या अधिक विभाग |
| प्रमुख शासन सचिव | विभाग का प्रशासनिक प्रमुख |
| शासन सचिव | एक विभाग |
| विशिष्ट शासन सचिव | एक विभाग या उसका भाग |
| संयुक्त शासन सचिव | विभाग का एक स्कंध (विंग) |
| उप शासन सचिव | विभाग का एक प्रभाग |
मुख्य सचिव
प्रत्येक राज्य में मुख्य सचिव सचिवालय की धुरी है, जिसका नियंत्रण उसके सभी विभागों पर होता है। 1973 से यह पद भारत सरकार के सचिव के समकक्ष है। नीचे दी गई भूमिकाएँ सभी राज्यों में इस पद की हैं।
| भूमिका | अर्थ |
|---|---|
| मुख्यमंत्री का प्रधान सलाहकार | मंत्रियों के प्रस्तावों के प्रशासनिक प्रभाव तय कर उन्हें कार्ययोजना में बदलता है |
| मंत्रिमण्डल का सचिव | कार्यसूची बनाता है, बैठकें आयोजित करता है, उनका अभिलेख रखता है और निर्णयों पर अनुवर्ती कार्रवाई करता है; मंत्रिमण्डल समितियों की सहायता करता है |
| सिविल सेवाओं का प्रमुख | सिविल सेवकों की पदस्थापना और स्थानांतरण तय करता है |
| सामान्य प्रशासन का प्रमुख | सामान्य प्रशासन विभाग का प्रमुख, जिसका राजनीतिक प्रमुख मुख्यमंत्री होता है |
| मुख्य समन्वयक | सचिवालय के विभागों में सहयोग और समन्वय सुनिश्चित करता है |
| अवशिष्ट उत्तराधिकारी | वे मामले देखता है जो किसी अन्य सचिव के क्षेत्र में नहीं आते |
| संकट प्रबंधक | सूखा, बाढ़ या सांप्रदायिक उपद्रव में राज्य का केन्द्र-बिंदु बनकर राहत कार्य का मार्गदर्शन करता है |
| केन्द्र से कड़ी | केन्द्र और अन्य राज्य सरकारों से संपर्क का मुख्य माध्यम |
सचिवालय और निदेशालय
सचिवालय नीति बनाता है, मंत्रियों को सलाह देता है तथा समन्वय और नियंत्रण करता है। नीतियों, कानूनों और योजनाओं का क्रियान्वयन निदेशालय, बोर्ड और अन्य कार्यकारी निकाय करते हैं। सचिवालय के प्रत्येक विभाग के अधीन प्रायः कई निदेशालय होते हैं।
विभाग का सचिव प्रायः सामान्यज्ञ (जनरलिस्ट) IAS अधिकारी होता है; उसके निदेशालय का प्रमुख प्रायः विशेषज्ञ होता है।
| विभाग | सचिवालय में प्रमुख | कार्यकारी प्रमुख |
|---|---|---|
| कृषि | कृषि सचिव | कृषि निदेशक |
| गृह | गृह सचिव | पुलिस महानिदेशक |
वर्तमान मुख्य सचिव
23 अक्टूबर 2026 तक मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास हैं, जो 1989 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 17 नवम्बर 2025 को सुधांश पंत से पदभार संभाला, जो केन्द्र में चले गए। केन्द्र की स्वीकृति से राज्य सरकार ने उनकी सेवा छह माह बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 तक कर दी है।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- सचिवालय बनाम निदेशालयसचिवालय स्टाफ अभिकरण (नीति, सलाह) है; निदेशालय सूत्र (लाइन) अभिकरण है (नीति का क्रियान्वयन)।
- मुख्य सचिव बनाम मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख है; मुख्य सचिव सिविल सेवक और मंत्रिमण्डल का सचिव है।
- मुख्य सचिव बनाम कैबिनेट सचिवकेन्द्र में इसका कोई एक समकक्ष नहीं; मुख्य सचिव का कार्य वहाँ कैबिनेट सचिव, गृह सचिव और वित्त सचिव में बँटा है।
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