एक नज़र में
- पालनहार योजना अनुसूचित जाति के अनाथ बच्चों के लिए शुरू हुई थी; बाद में सभी जातियों के अनाथ तथा विधवा, कारावासित माता-पिता एवं अन्य कमजोर परिवारों के बच्चों तक बढ़ाई गई।
- ICDS 2 अक्टूबर 1975 से चल रही है; 363 परियोजनाओं में 63,206 आँगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं।
- राज्य केंद्र की मातृ वंदना में राशि जोड़ता है: 1 अप्रैल 2024 से प्रथम संतान पर ₹1,500 अधिक और 1 सितंबर 2024 से प्रथम संतान पर दिव्यांग गर्भवती को ₹6,500 के स्थान पर ₹10,000।
पालनहार योजना एवं संबंधित योजनाएँ
| योजना | लाभ | 2025-26 (दिसंबर तक) |
|---|---|---|
| पालनहार योजना (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) | अनाथ बच्चे: 0 से 6 वर्ष में ₹1,500 प्रतिमाह और 6 से 18 वर्ष में विद्यालय में नामांकित होने पर ₹2,500। अन्य पात्र बच्चे (कारावासित माता-पिता, विधवा, पुनर्विवाहित विधवा, कुष्ठ/HIV-AIDS प्रभावित माता-पिता, विशेष योग्यजन माता-पिता आदि): 0 से 6 वर्ष में ₹750 और 6 से 18 वर्ष में ₹1,500। कपड़ों आदि के लिए ₹2,000 वार्षिक (विधवा एवं नाता पालनहार में देय नहीं)। पालनहार परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक न हो और पालनहार राजस्थान का मूल निवासी हो या कम से कम तीन वर्ष से राज्य में रह रहा हो। | 6.09 लाख बच्चे; ₹760 करोड़। बजट 2026-27: राज्य निधि से ₹1,200.00 करोड़ |
| मुख्यमंत्री हुनर विकास योजना | पालनहार लाभार्थियों को व्यावसायिक, तकनीकी प्रशिक्षण या उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता | 36 बच्चे; ₹15 लाख |
| मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना (पूरे राज्य में 25 जून 2021 से) | अनाथ बच्चे: तत्काल ₹1 लाख, 18 वर्ष तक ₹2,500 प्रतिमाह और ₹2,000 वार्षिक, 18 वर्ष पूर्ण होने पर ₹5 लाख; सरकारी विद्यालयों/छात्रावासों में कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा; युवा संबल में प्राथमिकता। विधवाएँ: तत्काल ₹1 लाख, ₹1,500 प्रतिमाह, प्रत्येक बच्चे को 18 वर्ष तक ₹1,000 प्रतिमाह और ₹2,000 वार्षिक। | 23,663 बच्चे एवं विधवाएँ; ₹15 करोड़ |
आँगनवाड़ी, माताएँ एवं पोषण
| योजना | विवरण | 2025-26 (दिसंबर तक) |
|---|---|---|
| एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS), 2 अक्टूबर 1975 से | 363 बाल विकास परियोजनाएँ (22 शहरी, 41 जनजातीय, 300 ग्रामीण); 63,206 आँगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत, 63,064 संचालित; 61,706 कार्यकर्ता और 55,441 सहायिकाएँ। सेवाएँ: पूरक पोषाहार, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (3 से 6 वर्ष), पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच, रेफरल। | ₹1,500 करोड़ में से ₹1,064.85 करोड़; 27.64 लाख बच्चों, 2.89 लाख गर्भवती एवं 2.84 लाख धात्री महिलाओं को पूरक पोषाहार; 11.73 लाख बच्चों को पूर्व-प्राथमिक शिक्षा |
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (भारत सरकार) | प्रथम संतान पर दो किश्तों में ₹5,000; द्वितीय संतान पर केवल बालिका होने पर एकमुश्त ₹6,000। राज्य 1 अप्रैल 2024 से प्रथम संतान पर ₹1,500 अतिरिक्त देता है; प्रथम संतान पर दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को ₹6,500 के स्थान पर 1 सितंबर 2024 से ₹10,000। | ₹321 करोड़ में से ₹169.17 करोड़; लक्षित 3.26 लाख में से 3.15 लाख पंजीकृत |
| मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना | द्वितीय संतान के जन्म पर तीन किश्तों में बैंक खाते में ₹6,000; गर्भवती, धात्री महिलाओं एवं 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए; महिला एवं बाल विकास विभाग के ICDS के माध्यम से। पहले इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना: 19 नवंबर 2020 से पाँच जनजातीय जिलों (प्रतापगढ़, डूँगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, बारां) में, 2022-23 से सभी जिलों में; किश्तें ₹1,000, ₹1,000 एवं ₹4,000। बजट 2026-27: ₹110.00 करोड़ (पुराने नाम से)। | पहली किश्त 21,932, दूसरी 23,569, तीसरी 18,688 लाभार्थी; ₹40.38 करोड़ |
| मुख्यमंत्री अमृत आहार (आँगनवाड़ी दूध) | 14 दिसंबर 2024 से सभी आँगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को: राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन के स्किम्ड मिल्क पाउडर से सप्ताह में पाँच दिन प्रतिदिन 100 मिली मीठा गुनगुना दूध; पूरा व्यय राज्य योजना से | 11.50 लाख बच्चे; ₹122 करोड़ में से ₹57.83 करोड़ |
| नंद घर योजना | ICDS में जन-सहभागिता: आँगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण/नवीनीकरण के लिए अनिल अग्रवाल फाउंडेशन से MoU | दिसंबर 2025 तक 6,874 केंद्र पूर्ण |
बाल संरक्षण
- मिशन वात्सल्य: अनाथ एवं कठिन परिस्थितियों के बच्चों के लिए; केंद्र प्रायोजित योजना, केंद्र-राज्य 60:40। 40 सरकारी एवं 79 गैर-सरकारी बाल देखरेख संस्थाओं में 3,268 बच्चे; 40 विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसियों द्वारा 151 गोद; 2025-26 में दिसंबर तक ₹50.41 करोड़।
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: 24x7, 33 जिलों और 5 रेलवे स्टेशनों पर; 2025-26 में दिसंबर तक ₹7.78 करोड़।
- विद्यालयों में पोषण (पीएम पोषण एवं पन्नाधाय बाल गोपाल योजना) शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ हैं: शिक्षा एवं स्वास्थ्य वाला पृष्ठ देखें।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- मातृ वंदना या मातृत्व पोषणमातृ वंदना केंद्र की योजना, प्रथम संतान पर ₹5,000 और द्वितीय बालिका पर ₹6,000 · मातृत्व पोषण राज्य की योजना, द्वितीय संतान पर ₹6,000।
- पालनहार या कोरोना सहायतापालनहार अनेक वर्गों के बच्चों के लिए स्थायी योजना · कोरोना सहायता कोविड-19 से अनाथ/विधवा हुए परिवारों के लिए, 18 वर्ष पर ₹5 लाख सहित।
- अमृत आहार या बाल गोपालअमृत आहार आँगनवाड़ी में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दूध · बाल गोपाल विद्यालयों में दूध।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
संरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 54
राजस्थान की पालनहार योजना की पात्रता हेतु कौन सी शर्त सही नहीं है ?
- (1)कुछ शर्तों के अधीन पुनर्विवाहित विधवा के बच्चे पात्र हैं ।
- (2)पात्र बच्चे की अधिकतम आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए ।
- (3)पालनहार एवं बच्चे आवेदन की तिथि से कम से कम 2 वर्ष की अवधि से राजस्थान राज्य में रह रहे हों ।
- (4)पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए ।
उत्तर देखें
✓ (3) पालनहार एवं बच्चे आवेदन की तिथि से कम से कम 2 वर्ष की अवधि से राजस्थान राज्य में रह रहे हों ।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 125
मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना पूरे राजस्थान में कब से चालू हुई?
- (1)मार्च 2021
- (2)अप्रैल 2021
- (3)मई 2021
- (4)जून 2021
उत्तर देखें
✓ (4) जून 2021
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसंरक्षण अधिकारी 2022 · प्रश्न 57
राजस्थान इन्दिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना के सम्बन्ध में निम्न में कौन सा कथन सही नहीं है ?
- (1)यह दूसरी बार गर्भवती होने वाली महिलाओं पर लागू होती है ।
- (2)इसके तहत प्रतापगढ़, डूँगरपुर, बाँसवाड़ा एवं उदयपुर जिले सम्मिलित है ।
- (3)इस योजना में ₹ 5,000, 5 चरणों में सीधे लाभार्थियों के खाते में स्थानान्तरित किए जाएँगे ।
- (4)यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आई.सी.डी.एस. के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है ।
उत्तर देखें
✓ (3) इस योजना में ₹ 5,000, 5 चरणों में सीधे लाभार्थियों के खाते में स्थानान्तरित किए जाएँगे ।
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