एक नज़र में
- स्थापित विद्युत क्षमता 2020-21 से 2024-25 तक 5.55 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ी; 2025-26 में दिसंबर तक यह 4,272.60 मेगावाट बढ़ी, जिसमें 3,641.08 मेगावाट सौर थी।
- जुलाई 2000: राजस्थान राज्य विद्युत मंडल को आरवीयूएनएल (उत्पादन), आरआरवीपीएनएल (प्रसारण) और तीन डिस्कॉम, जयपुर, अजमेर व जोधपुर (वितरण), में बाँटा गया।
- बजट 2026-27 (बजट अनुमान): ऊर्जा विभाग ₹41,941.50 करोड़, सार्वजनिक निर्माण विभाग ₹15,078.05 करोड़, परिवहन विभाग ₹1,319.43 करोड़।
- सड़कों की लंबाई: 1949 में 13,553 किमी और मार्च 2025 में 3,35,306 किमी, जिसमें से 1,97,051 किमी का रखरखाव सार्वजनिक निर्माण विभाग करता है।
- रोडवेज़ (आरएसआरटीसी) का बेड़ा 2021-22 की 4,326 बसों से घटकर दिसंबर 2025 में 3,423 रह गया।
- पीपीपी, 31 दिसंबर 2025: ₹22,196.46 करोड़ की 210 परियोजनाएँ पूर्ण, सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का।
स्थापित विद्युत क्षमता और वार्षिक परिवर्तन
| वर्ष (मार्च तक) | स्थापित क्षमता (मेगावाट) | पिछले वर्ष से परिवर्तन (मेगावाट) |
|---|---|---|
| 2004-05 | 5,296.11 | |
| 2011-12 | 10,308.45 | |
| 2021-22 | 23,452.35 | |
| 2022-23 | 23,508.96 | +56.61 |
| 2023-24 | 24,783.64 | +1,274.68 |
| 2024-25 | 27,283.83 | +2,500.19 |
| 2025-26 (दिसंबर तक) | 31,556.43 | +4,272.60 |
क्षमता में राज्य के अपने व साझा केंद्र, केंद्रीय क्षेत्र के केंद्रों से राज्य का आवंटन, तथा आरआरईसीएल, आरएसएमएमएल और निजी परियोजनाएँ गिनी जाती हैं। परिवर्तन वाला स्तंभ दो वर्षों के कुल का अंतर है, इसलिए यह शुद्ध आँकड़ा है: 2022-23 में राज्य ने एनटीपीसी की गैस बिजली का अपना 221 मेगावाट हिस्सा त्याग (सरेंडर) दिया, इसलिए उस वर्ष शुद्ध वृद्धि कम रही।
सौर के अलावा 2025-26 (दिसंबर तक) की वृद्धि केंद्रीय क्षेत्र के परमाणु हिस्से (+350), केंद्रीय क्षेत्र के ताप (+140.52) व जल (+111.20) और बायोमास (+29.80 मेगावाट) से आई; राज्य के अपने ताप, जल और गैस केंद्रों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
स्रोतवार क्षमता, संयंत्र, राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024 और उसके लक्ष्य, सौर पार्क, पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर ऊर्जा नोट्स में हैं।
बिजली कंपनियाँ और उनका काम
| कंपनी | भूमिका | आँकड़ा, तारीख सहित |
|---|---|---|
| आरवीयूएनएल (राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि.) | उत्पादन: राज्य के स्वामित्व वाले बिजली घर चलाता है | इक्विटी सहायता ₹97.15 करोड़ (बजट 2026-27) |
| आरआरवीपीएनएल या आरवीपीएन (राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लि.) | प्रसारण: 132 केवी और उससे ऊपर की लाइनें व ग्रिड उपकेंद्र | राज्य का ईएचवी नेटवर्क, पीपीपी सहित: 45,933.315 सर्किट किमी (दिसंबर 2025), मार्च 2017 में 36,079; 1,09,071 एमवीए के 678 ग्रिड उपकेंद्र; इक्विटी ₹100 करोड़ (बजट 2026-27) |
| जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) | वितरण और आपूर्ति, मीटरिंग व बिलिंग | 202.78 लाख उपभोक्ता (नवंबर 2025); इक्विटी ₹300 करोड़ (बजट 2026-27) |
| आरयूवीआईटीएल (राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लि.; पहले राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लि.) | तीनों डिस्कॉम की ओर से बिजली की खरीद और व्यापार | पीएम-कुसुम चरण III की 5,000 मेगावाट क्षमता डिस्कॉम में बाँटी; एमएनआरई द्वारा स्वीकृत क्षमता 3,700 मेगावाट करने के बाद 20 जुलाई 2025 को पुनः आवंटन |
| आरआरईसीएल (राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लि.) | राज्य की अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता एजेंसी | इसकी सहायक कंपनी आरएसडीसीएल सौर पार्क विकसित करती है |
राजस्थान पावर सेक्टर सुधार अधिनियम, 1999 ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी), जो जनवरी 2000 में बना, और अंतरण योजना के द्वारा विद्युत मंडल की संपत्ति, कर्मचारियों और कार्य को कंपनियों को सौंपने का प्रावधान किया। आरईआरसी टैरिफ तय करता है; उदाहरण के लिए उसने पीएम-कुसुम संयंत्रों का लेवलाइज़्ड टैरिफ अनुमोदित किया।
आपूर्ति की गई ऊर्जा और उपभोक्ता
| वर्ष | उत्पादकों से खरीदी ऊर्जा (करोड़ यूनिट) | उपभोक्ताओं को बेची ऊर्जा (करोड़ यूनिट) |
|---|---|---|
| 2021-22 | 9,080.92 | 6,969.65 |
| 2022-23 | 10,219.78 | 7,948.72 |
| 2023-24 | 10,948.74 | 8,384.75 |
| 2024-25 | 11,770.00 | 9,200.80 |
- उपलब्ध ऊर्जा 2021-22 से 2024-25 तक 29.61 प्रतिशत बढ़ी। एक यूनिट एक किलोवाट-घंटा है।
- उपभोक्ता: 31 मार्च 2025 को 197.94 लाख; नवंबर 2025 (अनंतिम) में घरेलू 158.45 लाख, कृषि 21.09 लाख, उद्योग 3.38 लाख।
- ग्रामीण विद्युतीकरण, दिसंबर 2025 तक: 43,965 गाँव, 1.14 लाख ढाणियाँ और 111.15 लाख ग्रामीण परिवार।
- कृषि बिजली: 2025-26 में दिसंबर तक 70,566 कृषि कनेक्शन; किसानों को टैरिफ अनुदान 2025-26 में नवंबर तक ₹14,612.19 करोड़।
- आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना, 20 जुलाई 2021 को अधिसूचित, अब 31 मार्च 2028 तक): 2025-26 में दिसंबर तक 142.90 लाख स्मार्ट मीटर के लक्ष्य में से 20.75 लाख लगे।
बजट 2026-27 में बिजली
बजट अनुमान (बीई) 2026-27 में ऊर्जा से जुड़े प्रावधान:
| विद्युत टैरिफ अनुदान (राज्य निधि) | ₹29,432.39 करोड़ |
|---|---|
| डिस्कॉम को टैरिफ अनुदान (राज्य निधि) | ₹10,789.12 करोड़ |
| बिजली कंपनियों को इक्विटी सहायता | ₹497.15 करोड़ (डिस्कॉम 300, आरवीयूएनएल 97.15, आरआरवीपीएनएल 100) |
| विद्युत वितरण में राजस्व घाटे की प्रतिपूर्ति हेतु अनुदान | ₹708.36 करोड़ |
| कृषि उपभोक्ताओं को टैरिफ में राहत | ₹149.97 करोड़ |
- लक्ष्य 2026-27: 33/11 केवी के 190 उपकेंद्र और 1,960 किमी 33 केवी लाइन; 220 केवी के 30 उपकेंद्र और 1,918.60 सर्किट किमी लाइन; 132 केवी के 28 उपकेंद्र और 2,127.77 सर्किट किमी लाइन; 5.49 लाख नए कनेक्शन।
सड़क नेटवर्क
| वर्ष (मार्च तक) | राष्ट्रीय राजमार्ग (किमी) | कुल सड़कें (किमी) |
|---|---|---|
| 2004-05 | 5,655 | 1,63,120 |
| 2014-15 | 8,016 | 2,08,342 |
| 2019-20 | 10,618 | 2,69,028 |
| 2024-25 | 10,790 | 3,35,306 |
- सार्वजनिक निर्माण विभाग की सड़कें, मार्च 2025: 3,540 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 17,004 किमी राज्य राजमार्ग, 17,914 किमी मुख्य जिला सड़कें, 13,357 किमी अन्य जिला सड़कें और 1,45,236 किमी ग्रामीण सड़कें।
- सतह: कुल सड़कों में से 2,72,162 किमी डामर (ब्लैक टॉप) सड़कें हैं (मार्च 2025)।
- सड़कों के वर्ग, सड़क घनत्व, सड़क से जुड़े गाँव और एक्सप्रेसवे परिवहन नोट्स में हैं।
सड़कों पर व्यय
2025-26 में सार्वजनिक निर्माण विभाग की योजनाएँ: वर्ष का बजट प्रावधान, तथा दिसंबर 2025 तक बनी लंबाई और व्यय।
| योजना | प्रावधान 2025-26 (₹ करोड़) | बनी (किमी) | व्यय (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| राज्य सड़क निधि (एसआरएफ) | 1,650 | 1,455 | 1,080.03 |
| नाबार्ड सहायता प्राप्त सड़कें | 1,200 | 1,632 | 367.45 |
| राज्य राजमार्ग (एसएमआर) | 1,000 | 162 | 315.70 |
| मुख्य जिला सड़कें व अन्य (एसएमआर) | 700 | 470 | 505.04 |
| ग्रामीण सड़कें | 7,200 | 7,368 | 2,723.39 |
| शहरी सड़कें | 350 | 168 | 206.75 |
| केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ, पूर्णतः केंद्र वित्तपोषित) | 1,500 | 735 | 1,251.60 |
- राजस्थान सड़क विकास एवं रखरखाव कार्यक्रम: 2025-26 में नवंबर तक ₹17,383.81 करोड़ के आवंटन के विरुद्ध ₹6,251 करोड़ व्यय।
- पीएमजीएसवाई-III: दिसंबर 2025 तक 8,560.07 किमी ग्रामीण सड़कों का उन्नयन, ₹4,064.08 करोड़ की लागत से।
- अटल प्रगति पथ (गाँवों में सीमेंट कंक्रीट सड़कें): पहला चरण, 10,000 या अधिक आबादी के गाँव, बजट 2024-25 में 78 स्वीकृत और 35 बने; दूसरा चरण, 5,000 से 10,000 आबादी के 249 गाँवों में स्वीकृत और 39 कार्य पूर्ण।
- बजट 2026-27 (बीई) में सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रावधान के भीतर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹5,000 करोड़, राज्य सड़क निधि ₹1,650 करोड़, सीआरआईएफ ₹1,200 करोड़, राजस्थान राज्य राजमार्ग आधुनिकीकरण कार्यक्रम ₹582 करोड़, अटल प्रगति पथ ₹400 करोड़; लक्ष्य 1,715 किमी राज्य राजमार्ग व मुख्य जिला सड़कें और 9,235 किमी ग्रामीण सड़कें।
विदेशी ऋण से राजमार्ग परियोजनाएँ
| परियोजना | वित्तपोषक | लागत (₹ करोड़) | लंबाई और स्थिति |
|---|---|---|---|
| राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-II (चरण I), अक्टूबर 2019 से | विश्व बैंक | 2,996.70 | 801 किमी राज्य राजमार्ग; ऋण दिसंबर 2024 में बंद |
| राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम-I, चरण II, दिसंबर 2019 से | एशियाई विकास बैंक | 2,617.04 (एडीबी ऋण 1,310.81, 19 करोड़ अमेरिकी डॉलर) | 754 किमी, छह पैकेज में 11 राजमार्ग; ऋण 31 मार्च 2025 को बंद |
| राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम-I, चरण III, मार्च 2023 से | एशियाई विकास बैंक | 1,287.15 (एडीबी ऋण 895.29) | 290 किमी; इसके चार ईपीसी पैकेज (293 किमी, 4 राजमार्ग) दिसंबर 2025 तक पूर्ण; परियोजना अवधि सितंबर 2026 तक |
| राजस्थान राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना (विश्व बैंक चरण 2, प्रस्तावित) | विश्व बैंक | 14 राज्य राजमार्ग; मार्च 2025 तक राज्य द्वारा ₹533.34 करोड़ व्यय |
2025-26 के आरंभ में राज्य में 14 बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएँ (सड़क, जल, शहरी, ऊर्जा, वानिकी और वित्त) चल रही थीं, जिनकी कुल लागत ₹32,027.56 करोड़ है; इनका 2025-26 का परिव्यय ₹3,701.63 करोड़ था, जिसमें से दिसंबर 2025 तक ₹1,703.06 करोड़ का उपयोग हुआ। इनमें आरआरवीपीएनएल की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-II पारेषण परियोजना (केएफडब्ल्यू ऋण) की लागत ₹984.32 करोड़ है।
सड़क संस्थाएँ और रोडवेज़
- रिडकोर (राजस्थान सड़क अवसंरचना विकास कंपनी): 2004 में मेगा हाईवे परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बनी, राज्य और आईएल एंड एफएस का 50:50 संयुक्त उद्यम।
- आरएसआरडीसी (राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लि.): राज्य की सड़क कंपनी; 2009–2011 में केंद्र की वायबिलिटी गैप फंडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति पाने वाली सात राज्य राजमार्ग पीपीपी परियोजनाओं की क्रियान्वयन संस्था, और राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम, 2013 परामर्श सेवाओं के लिए इसे वरीयता से रखने हेतु नामित करते हैं।
- आरएसआरटीसी (राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, 1 अक्टूबर 1964 को सड़क परिवहन निगम अधिनियम, 1950 के अंतर्गत स्थापित), राज्य की मुख्य बस सेवा: दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन 2,968 बसें 2,025 मार्गों पर 12.46 लाख किमी चलीं और प्रतिदिन 7.27 लाख यात्रियों को ले गईं।
- बजट 2026-27 (बीई) में परिवहन विभाग के प्रावधान के भीतर: आरएसआरटीसी को ₹500 करोड़ अनुदान (वायबिलिटी गैप फंडिंग सहित) और निःशुल्क व रियायती यात्रा की प्रतिपूर्ति के लिए ₹550 करोड़, 14 करोड़ यात्रियों के लक्ष्य हेतु।
| रोडवेज़ का बेड़ा | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 (दिसंबर तक) |
|---|---|---|---|---|---|
| निगम की अपनी बसें | 3,466 | 3,157 | 2,833 | 2,733 | 2,600 |
| अनुबंधित (किराये की) बसें | 860 | 826 | 832 | 821 | 823 |
| औसत आयु (वर्ष) | 6.34 | 7.22 | 7.90 | 7.06 | 5.98 |
| जोड़ी गई नई बसें | शून्य | शून्य | शून्य | 510 | 300 |
| नाकारा (कंडम) घोषित | 385 | 375 | 268 | 437 | 513 |
- वाहन पंजीकरण: 2024-25 में 16,24,507 और 2025-26 में दिसंबर तक 13,41,289; परिवहन विभाग का राजस्व 2024-25 में ₹7,573.91 करोड़ और 2025-26 में दिसंबर तक ₹5,417.96 करोड़।
रेल और वायु परिवहन
- रेल (उत्तर पश्चिम रेलवे): चूरू-रतनगढ़ (43 किमी), काठूवास-अटेली (10 किमी), कुंड-काठूवास (5 किमी) और मनहेरू-भिवानी (14 किमी) का दोहरीकरण पूर्ण; 256 रूट किमी पर स्वचालित सिग्नलिंग, जिसमें 82 किमी 2025-26 में।
- 25 सितंबर 2025 को नई ट्रेनें: जोधपुर-दिल्ली कैंट और बीकानेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस तथा उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस।
- वायु: बजट 2026-27 (बीई) में नागरिक उड्डयन विभाग को ₹121 करोड़। रेलवे ज़ोन, मंडल, हवाई अड्डे और राजस्थान नागरिक उड्डयन नीति, 2024 परिवहन नोट्स में हैं।
संचार और डिजिटल सार्वजनिक प्रणालियाँ
- डाकघर: दिसंबर 2025 तक 11,031 (ग्रामीण 10,419, शहरी 612)।
- टेलीफोन उपभोक्ता: सितंबर 2025 के अंत में 6.66 करोड़, 6.53 करोड़ वायरलेस और 0.13 करोड़ वायरलाइन।
| प्रणाली | क्या है | आँकड़ा (दिसंबर 2025) |
|---|---|---|
| राजनेट | ग्राम पंचायतों तक पहुँचा राज्य नेटवर्क (राजस्थान स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क, राजस्वान), जिला व ब्लॉक कार्यालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष सहित | 9,260 से अधिक ग्राम पंचायतें जुड़ी |
| ई-मित्र | वेबसाइट, मोबाइल ऐप और कियोस्क से सरकारी व निजी सेवाएँ | 600 से अधिक सेवाएँ, 78,000 से अधिक कियोस्क; 85 से अधिक सेवाओं वाले 14,891 ई-मित्र प्लस स्व-सेवा कियोस्क |
| जन आधार | "एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान": परिवार की 10 अंकों की और सदस्य की 11 अंकों की संख्या; यही राशन कार्ड भी; राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम, 2020 के अंतर्गत योजनाओं के लाभ अंतरण का मंच | 2.06 करोड़ परिवार, 7.95 करोड़ व्यक्ति; 206 करोड़ लेन-देन में ₹1.29 लाख करोड़ का भुगतान; 165 योजनाएँ और 34 सेवाएँ जुड़ी |
| राज्य डेटा सेंटर | राज्य के ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों की मेज़बानी | कुल 800 रैक; भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर अपटाइम टियर-IV प्रमाणित, 99.99 प्रतिशत अपटाइम |
| राजएसएसओ और राज ई-वॉल्ट | राज्य के अनुप्रयोगों के लिए एक डिजिटल पहचान; डिजिलॉकर से जुड़ा दस्तावेज़ भंडार | राजएसएसओ पर 604 अनुप्रयोग; राज ई-वॉल्ट में 86 करोड़ से अधिक दस्तावेज़ |
- आरआईएसएल (राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लि.): पूर्णतः राज्य सरकार के स्वामित्व की कंपनी, जो आईटी परामर्श और समाधान देती है।
- राजस्थान डेटा सेंटर नीति 2025: डेटा सेंटर निवेश आकर्षित करने के लिए 19 फ़रवरी 2025 को अधिसूचित।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी)
| पूर्ण (31 दिसंबर 2025) | 210 परियोजनाएँ, ₹22,196.46 करोड़; सड़कें 84 परियोजनाएँ, ₹12,982.25 करोड़; विद्युत 16, ₹7,558.13 करोड़ |
|---|---|
| क्रियान्वयनाधीन | 24 परियोजनाएँ, ₹19,232.08 करोड़; जल 3 परियोजनाएँ, ₹9,416.40 करोड़ |
| योजना या पाइपलाइन में | 35 परियोजनाएँ, ₹41,823.99 करोड़ |
| स्वीकृति | मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली अवसंरचना विकास परिषद (सीआईडी): विभाग की वित्तीय शक्ति से बाहर या ₹500 करोड़ से अधिक की पीपीपी परियोजनाएँ |
| नोडल एजेंसी | पीपीपी सेल, 2007-08 में आयोजना विभाग में बना, 8 दिसंबर 2025 को वित्त विभाग (आर्थिक मामलात प्रभाग) में स्थानांतरित |
| पीडीकोर | प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कंपनी ऑफ राजस्थान, दिसंबर 1997 में बना संयुक्त उद्यम, जो विभागों को पीपीपी परियोजनाएँ विकसित करने में सहायता देता है |
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- विश्व बैंक या एडीबीविश्व बैंक राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-II (801 किमी) का वित्तपोषक · एडीबी राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम (754 किमी और 290 किमी) का · नाबार्ड राज्य की अपनी सड़क योजना में सड़कों का · भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किसी कार्यक्रम का नहीं।
- बिजली कंपनियाँआरवीयूएनएल उत्पादन · आरआरवीपीएनएल प्रसारण · तीन डिस्कॉम उपभोक्ताओं को आपूर्ति · आरयूवीआईटीएल डिस्कॉम के लिए बिजली व्यापार · आरआरईसीएल अक्षय ऊर्जा।
- सड़क संस्थाएँसार्वजनिक निर्माण विभाग राज्य की सड़कें बनाता व रखरखाव करता है · रिडकोर 2004 में मेगा हाईवे परियोजना के लिए बनी · आरएसआरडीसी राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम है · आरएसआरटीसी बसें चलाता है।
- सौर के दो आँकड़ेस्थापित क्षमता (सौर 9,898 मेगावाट, दिसंबर 2025, कुसुम विद्युत क्रय अनुबंध सहित) · राज्य में चालू 42,531 मेगावाट सौर क्षमता, जो रूफटॉप और ऑफ-ग्रिड संयंत्र सहित व्यापक गणना है।
- जन आधार, ई-मित्र, राजनेटजन आधार परिवार पहचान और लाभ मंच है · ई-मित्र सेवा काउंटर (वेब, ऐप, कियोस्क) है · राजनेट ग्राम पंचायतों तक पहुँचने वाला नेटवर्क है।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 53
राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-II परियोजना के अन्तर्गत 801 कि.मी. लम्बाई के 11 राजमार्गों का उन्नयन किस एजेंसी द्वारा वित्त पोषित है ?
- (1)नाबार्ड
- (2)भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
- (3)विश्व बैंक
- (4)एशियन विकास बैंक
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✓ (3) विश्व बैंक
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