एक नज़र में
- दो मूल्य आधार: प्रचलित मूल्यों में महँगाई शामिल रहती है, स्थिर (2011-12) मूल्य वास्तविक वृद्धि दिखाते हैं। भारत के GDP में राजस्थान का हिस्सा प्रचलित मूल्यों पर 5.25% पर स्थिर मूल्यों पर 4.86% है (2025-26 AE)।
- प्रचलित मूल्यों पर 2021-22 से 2025-26 तक हर वर्ष सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा है और 2025-26 में सबसे तेज़ बढ़ा; कृषि 2023-24 में और फिर 2025-26 में तीसरे स्थान पर रही (2024-25 में उद्योग से थोड़ा आगे, दूसरे स्थान पर)।
- प्रति व्यक्ति आय NSDP से निकलती है, GSDP से नहीं; दिखाए गए हर वर्ष में राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय अखिल भारतीय से कम है।
- 2026-27 के ₹6.11 लाख करोड़ के बजट आकार में ₹2.05 लाख करोड़ का ऋण पुनर्भुगतान शामिल है; राज्य GST स्वयं का सबसे बड़ा कर है।
- FRBM अधिनियम (2011 के संशोधन के बाद) में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GSDP का 3% है; 2026-27 का बजट अनुमान 3.69% और 2024-25 का वास्तविक 4.26% है।
- $350 बिलियन की अर्थव्यवस्था: औद्योगिक विकास नीति 2026 में 2028-29 तक, RIPS 2024 में 2029 तक, रोजगार नीति 2026 में 2030 तक; 2047 तक $4.3 ट्रिलियन।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) एवं वृद्धि
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) एक वर्ष में राज्य के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्य है। प्रचलित मूल्यों पर इसमें कीमतों की वृद्धि शामिल रहती है; स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इसे हटा दिया जाता है, इसलिए वृद्धि उत्पादन में वास्तविक बढ़ोतरी दिखाती है।
| श्रृंखला | आधार वर्ष 2011-12। राजस्थान: 2023-24 संशोधित अनुमान-II, 2024-25 संशोधित अनुमान-I, 2025-26 अग्रिम अनुमान (AE)। MoSPI की नई राष्ट्रीय श्रृंखला (आधार 2022-23) यहाँ प्रयुक्त नहीं है। |
|---|---|
| भारत के GDP में हिस्सा, 2025-26 | प्रचलित मूल्यों पर 5.25% (भारत ₹357.14 लाख करोड़, प्रथम अग्रिम अनुमान); स्थिर मूल्यों पर 4.86% (भारत ₹201.90 लाख करोड़) |
| भारत के GDP की वृद्धि, 2025-26 (प्रथम अग्रिम अनुमान) | प्रचलित मूल्यों पर 8.0%, स्थिर मूल्यों पर 7.4% |
| वर्ष | GSDP, प्रचलित मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि (%) | GSDP, स्थिर 2011-12 मूल्य (₹ करोड़) | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 11,95,641 | 17.46 | 7,25,464 | 8.93 |
| 2022-23 | 13,48,693 | 12.80 | 7,71,631 | 6.36 |
| 2023-24 (RE-II) | 15,22,063 | 12.85 | 8,30,724 | 7.66 |
| 2024-25 (RE-I) | 17,01,190 | 11.77 | 9,03,564 | 8.77 |
| 2025-26 (AE) | 18,75,413 | 10.24 | 9,81,807 | 8.66 |
शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद एवं प्रति व्यक्ति आय
शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) = GSDP − स्थिर पूँजी का उपभोग (उत्पादन में घिसी पूँजी)। प्रति व्यक्ति आय = NSDP ÷ राज्य की मध्य-वर्ष जनसंख्या।
| NSDP, 2025-26 (AE) | प्रचलित मूल्यों पर ₹16,85,118 करोड़ (10.48% वृद्धि); स्थिर मूल्यों पर ₹8,59,333 करोड़ (8.90% वृद्धि) |
|---|---|
| प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि, 2025-26 (AE) | प्रचलित मूल्यों पर 9.32%; स्थिर मूल्यों पर 7.76% |
| आधार वर्ष 2011-12 में प्रति व्यक्ति आय | राजस्थान ₹57,192; भारत ₹63,462 |
| वर्ष | राजस्थान, प्रचलित मूल्य (₹) | भारत, प्रचलित मूल्य (₹) | राजस्थान, स्थिर मूल्य (₹) | भारत, स्थिर मूल्य (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 1,34,143 | 1,50,906 | 79,490 | 94,054 |
| 2022-23 | 1,49,060 | 1,69,145 | 83,561 | 1,00,163 |
| 2023-24 (RE-II) | 1,67,027 | 1,88,892 | 88,868 | 1,08,786 |
| 2024-25 (RE-I; भारत PE) | 1,85,095 | 2,05,324 | 95,762 | 1,14,710 |
| 2025-26 (AE; भारत FAE) | 2,02,349 | 2,19,575 | 1,03,189 | 1,21,968 |
तीन क्षेत्र (सकल राज्य मूल्य वर्धन)
आधारभूत कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) तीन क्षेत्रों में बँटा है। कृषि: फसलें, पशुधन, वानिकी एवं लट्ठा उत्पादन, मत्स्य। उद्योग: खनन एवं उत्खनन, विनिर्माण, विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ, निर्माण। सेवा: व्यापार, होटल एवं रेस्टोरेंट, परिवहन, भंडारण एवं संचार, वित्तीय सेवाएँ, स्थावर संपदा, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ, लोक प्रशासन, अन्य सेवाएँ।
| प्रचलित मूल्यों पर GSVA में हिस्सा (%) | कृषि | उद्योग | सेवा |
|---|---|---|---|
| 2021-22 | 28.54 | 27.90 | 43.56 |
| 2022-23 | 27.59 | 27.38 | 45.03 |
| 2023-24 (RE-II) | 27.40 | 27.92 | 44.68 |
| 2024-25 (RE-I) | 27.13 | 27.05 | 45.82 |
| 2025-26 (AE) | 25.74 | 26.55 | 47.71 |
| स्थिर मूल्यों पर हिस्से, 2025-26 (AE) | कृषि 25.33%, उद्योग 28.21%, सेवा 46.46% |
|---|---|
| GSVA वृद्धि, 2025-26 (AE), प्रचलित मूल्य | सभी क्षेत्र 9.03%: कृषि 3.47%, उद्योग 6.99%, सेवा 13.52% |
| GSVA वृद्धि, 2025-26 (AE), स्थिर मूल्य | सभी क्षेत्र 7.03%: कृषि 0.22%, उद्योग 7.02%, सेवा 11.15% |
| वास्तविक GSVA, 2021-22 से 2022-23 (₹ करोड़, स्थिर मूल्य) | कृषि 1,91,571 से 1,99,619 (लगभग 4.2% वृद्धि); उद्योग 1,94,568 से 2,03,171 (लगभग 4.4%); सेवा 2,93,757 से 3,19,842 (लगभग 8.9%), अतः सेवा क्षेत्र सबसे तेज़ बढ़ा |
क्षेत्रवार नीतियाँ एवं योजनाएँ 'कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र: नीतियाँ एवं योजनाएँ' नोट्स में हैं; फसलें, पशुधन, खनिज, ऊर्जा और उद्योग स्थानवार भूगोल के नोट्स में हैं।
पूँजी निर्माण, 2024-25
| सकल स्थिर पूँजी निर्माण (GFCF), 2024-25 (अनंतिम), प्रचलित मूल्य | ₹5,02,412 करोड़, GSDP का 29.53%; 2023-24 से 11.81% अधिक |
|---|---|
| निजी एवं सार्वजनिक हिस्सा | निजी 77.97%; सार्वजनिक 22.03% |
| उद्योगवार GFCF, 2024-25 (अनंतिम) | ₹ करोड़ |
|---|---|
| निर्माण (कंस्ट्रक्शन) | 2,07,125 |
| स्थावर संपदा, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ | 96,745 |
| विनिर्माण | 40,479 |
| विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाएँ | 37,922 |
| कृषि एवं संबद्ध (फसलें 14,871; पशुधन 3,067; वानिकी 572; मत्स्य 241) | 18,751 |
| खनन | 6,991 |
| कुल, सभी उद्योग | 5,02,412 |
कीमतें, 2025
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय राजस्थान का मासिक थोक मूल्य सूचकांक (WPI, आधार 1999-2000 = 100) 154 वस्तुओं से बनाता है: 75 प्राथमिक वस्तुएँ, 69 विनिर्मित उत्पाद तथा 10 ईंधन एवं शक्ति मदें। औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW, आधार 2016 = 100) श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ जारी करता है; राजस्थान में इसके केंद्र अलवर (2016 श्रृंखला में अजमेर के स्थान पर), भीलवाड़ा और जयपुर हैं।
| सूचकांक (कैलेंडर वर्ष का औसत) | आधार | 2024 | 2025 | परिवर्तन (%) |
|---|---|---|---|---|
| थोक मूल्य सूचकांक राजस्थान, सभी वस्तुएँ | 1999-2000 | 394.68 | 399.13 | 1.13 |
| थोक मूल्य सूचकांक भारत, सभी वस्तुएँ | 2011-12 | 153.9 | 154.9 | 0.65 |
| CPI-IW अलवर | 2016 | 133.6 | 136.3 | 2.02 |
| CPI-IW भीलवाड़ा | 2016 | 133.6 | 137.1 | 2.62 |
| CPI-IW जयपुर | 2016 | 127.6 | 130.0 | 1.88 |
| CPI-IW अखिल भारत | 2016 | 141.6 | 145.5 | 2.75 |
राज्य बजट 2026-27 (आय-व्ययक अनुमान)
| प्रस्तुत | 11 फरवरी 2026, वित्त मंत्री (उपमुख्यमंत्री) द्वारा |
|---|---|
| 2026-27 के लिए अनुमानित GSDP | ₹21,52,100 करोड़, प्रचलित मूल्य |
| ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर व्यय | ₹4,05,632.47 करोड़ (₹6,10,956.30 करोड़ − ₹2,05,323.83 करोड़) |
| आय-व्ययक अनुमान 2026-27 | ₹ करोड़ |
|---|---|
| राजस्व प्राप्तियाँ | 3,25,740.14 |
| इनमें स्वयं का कर राजस्व | 1,62,668.47 |
| इनमें केन्द्रीय करों में हिस्सा | 90,445.85 |
| इनमें कर-भिन्न राजस्व | 28,434.79 |
| इनमें केन्द्रीय सहायता (संघ अनुदान) | 44,191.02 |
| राजस्व व्यय | 3,50,054.07 |
| इसमें ब्याज भुगतान | 43,675.22 |
| पूँजीगत परिव्यय | 53,978.41 |
| ऋण एवं अग्रिम | 1,599.99 |
| लोक ऋण का पुनर्भुगतान | 2,05,323.83 |
| कुल व्यय (बजट का आकार) | 6,10,956.30 |
| राजस्व घाटा | 24,313.94 |
| राजकोषीय घाटा (GSDP का 3.69%) | 79,492.52 |
| प्राथमिक घाटा | 35,817.30 |
स्वयं का कर राजस्व करवार (₹ करोड़): राज्य GST 72,500; बिक्री कर/VAT 33,800; राज्य उत्पाद शुल्क 21,000; मुद्रांक एवं पंजीयन 18,750; वाहनों पर कर 11,000; विद्युत पर कर एवं शुल्क 3,785; भू-राजस्व 1,781.46। कर-भिन्न राजस्व में सबसे बड़ी मद खान (₹13,725 करोड़) है।
रुपया आता है: उधार एवं अन्य पूँजीगत प्राप्तियाँ 46.70 पैसे, केन्द्रीय करों में हिस्सा 14.80, राज्य GST 11.86, केन्द्रीय सहायता 7.23, बिक्री कर 5.53, कर-भिन्न राजस्व 4.65, अन्य कर 3.99, राज्य उत्पाद शुल्क 3.44, वाहनों पर कर 1.80।
रुपया जाता है: ब्याज के अतिरिक्त राजस्व व्यय 50.15 पैसे, आंतरिक एवं केन्द्रीय ऋणों का पुनर्भुगतान 33.61, पूँजीगत परिव्यय 8.84, ब्याज 7.15, ऋण एवं अग्रिम 0.26।
घाटे एवं ऋण
स्तंभ अलग-अलग प्रकार के हैं: 2024-25 वास्तविक है, 2025-26 के आय-व्ययक अनुमान (BE) और संशोधित अनुमान (RE) दोनों हैं, 2026-27 आय-व्ययक अनुमान है। राशियाँ करोड़ तक पूर्णांकित हैं।
| मद | 2024-25 (वास्तविक) | 2025-26 (BE) | 2025-26 (RE) | 2026-27 (BE) |
|---|---|---|---|---|
| अनुपात हेतु GSDP (₹ करोड़) | 17,01,190 | 19,89,835 | 18,75,413 | 21,52,100 |
| पूँजीगत परिव्यय (₹ करोड़) | 30,727 | 53,686 | 39,429 | 53,978 |
| राजस्व घाटा (GSDP का %) | 2.47 | 1.56 | 1.76 | 1.13 |
| राजकोषीय घाटा (₹ करोड़) | 72,420 | 84,644 | 72,493 | 79,493 |
| राजकोषीय घाटा (GSDP का %) | 4.26 | 4.25 | 3.87 | 3.69 |
| कुल ऋण एवं अन्य दायित्व (₹ करोड़) | 6,40,844 | 7,26,385 | 7,12,405 | 7,92,025 |
| ऋण एवं अन्य दायित्व (GSDP का %) | 37.67 | 36.50 | 37.99 | 36.80 |
| वास्तविक (₹ करोड़, अन्यथा उल्लेख न हो) | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 |
|---|---|---|---|---|---|
| राजस्व प्राप्तियाँ | 1,34,308 | 1,83,920 | 1,94,988 | 2,03,276 | 2,27,250 |
| स्वयं के कर | 60,283 | 74,808 | 87,347 | 94,086 | 1,03,310 |
| कुल व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) | 1,94,071 | 2,34,563 | 2,46,452 | 2,69,275 | 3,00,194 |
| राजस्व घाटा (GSDP का %) | 4.32 | 2.16 | 2.33 | 2.56 | 2.47 |
| राजकोषीय घाटा | 59,375 | 48,238 | 51,028 | 65,580 | 72,420 |
| राजकोषीय घाटा (GSDP का %) | 5.83 | 4.03 | 3.78 | 4.31 | 4.26 |
| ऋण एवं अन्य दायित्व (GSDP का %) | 40.33 | 38.71 | 37.49 | 37.34 | 37.67 |
2024-25 के 4.26% राजकोषीय घाटे में विद्युत क्षेत्र हेतु GSDP का 0.42% तथा पूँजीगत व्यय के 50 वर्षीय ऋणों (राज्यों को विशेष सहायता) हेतु 0.54% अतिरिक्त उधार शामिल है। GST क्षतिपूर्ति एवं पूँजीगत व्यय हेतु अतिरिक्त उधार को छोड़कर 2024-25 के अंत में ऋण एवं अन्य दायित्व GSDP के 35.70% थे।
FRBM अधिनियम, 2005
| अधिनियम | राजस्थान राजवित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध अधिनियम, 2005 (2005 का अधिनियम संख्या 7) |
|---|---|
| उद्देश्य | समयबद्ध लक्ष्यों सहित राजवित्तीय समेकन द्वारा राज्य के वित्त का उत्तरदायी प्रबंध |
| मूल लक्ष्य (धारा 6) | 1 अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2009 के चार वर्षों में राजस्व घाटा शून्य; राजकोषीय घाटा GSDP के 3% तक, अनुपात में औसतन कम से कम 0.4 प्रतिशत बिंदु वार्षिक कमी के साथ |
| 2011 के संशोधन (2011 का अधिनियम 11) के बाद लक्ष्य | 2011-12 से शून्य राजस्व घाटा, फिर उसे बनाए रखना या राजस्व अधिशेष; 2011-12 तक राजकोषीय घाटा GSDP का 3%, फिर उसे बनाए रखना या घटाना |
| 2011 क्यों | तेरहवें वित्त आयोग ने 2007-08 में शून्य राजस्व घाटे या राजस्व अधिशेष वाले राज्यों के लिए ये लक्ष्य सुझाए; 2007-08 में राजस्थान का राजस्व अधिशेष था |
- छूट का प्रावधान (धारा 6 का प्रथम परंतुक): राष्ट्रीय सुरक्षा, सूखा सहायता सहित प्राकृतिक आपदा या राज्य के नियंत्रण से परे अन्य असाधारण परिस्थितियों से उत्पन्न अप्रत्याशित माँगों के कारण; विकास एवं अन्य अपरिहार्य व्यय के कारण; या केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर बताई गई सीमा तक घाटे सीमा से अधिक हो सकते हैं।
- बाद में जोड़े गए आधारों में कोविड-19 हेतु केन्द्र द्वारा अनुमत अतिरिक्त उधार तथा विद्युत क्षेत्र के प्रदर्शन पर केन्द्र द्वारा अनुमत GSDP का 0.50% अतिरिक्त उधार शामिल हैं (2021 के अधिनियम 13 द्वारा 2021-22 से 2024-25 के लिए जोड़ा गया; राजस्थान वित्त अधिनियम, 2025 से विद्युत क्षेत्र के प्रदर्शन और/या किसी अन्य विशिष्ट प्रयोजन हेतु, बिना अंतिम वर्ष)।
- सीमा से अधिकता को विस्तृत विवरण सहित यथाशीघ्र राज्य विधान-मंडल के सदन के समक्ष स्पष्ट करना होता है।
विकसित राजस्थान @2047
| विज़न दस्तावेज़ | 'विकसित राजस्थान @2047': 2047 तक 13 क्षेत्रों का रोडमैप; आर्थिक समीक्षा 2025-26 के 13 अध्याय इन्हीं क्षेत्रों पर हैं |
|---|---|
| विज़न कथन (आर्थिक समीक्षा, राजकोषीय अध्याय) | राजस्थान को सतत वृद्धि, वित्तीय स्थिरता एवं नागरिक-केन्द्रित शासन का आदर्श राज्य बनाना |
| 2047 तक $4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था | 2026-27 बजट का दसवाँ स्तंभ; GDP में उद्योग एवं सेवाओं का योगदान 80% से अधिक करने का लक्ष्य (बजट भाषण 2026-27); औद्योगिक विकास नीति 2026 में भी |
| $350 बिलियन की अर्थव्यवस्था | राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 (अधिसूचना 1 जून 2026) तथा बजट भाषण 2026-27 में 2028-29 तक; राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 में 2029 तक; राजस्थान रोजगार नीति 2026 के विज़न में 2030 तक |
विकसित राजस्थान @2047 के लिए 2026-27 बजट के दस स्तंभ: (1) आधारभूत संरचना का विस्तार, (2) नागरिक सुविधाओं से जीवन की गुणवत्ता, (3) औद्योगिक विकास एवं निवेश संवर्धन, (4) मानव संसाधन विकास, (5) सामाजिक सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण, (6) पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, (7) सुशासन एवं डिजिटल रूपांतरण, (8) कृषि विकास एवं किसान कल्याण, (9) हरित विकास एवं पर्यावरणीय स्थिरता, (10) 2047 तक $4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था।
बजट की शब्दावली
- राजस्व प्राप्तियाँ: स्वयं का कर राजस्व, केन्द्रीय करों में हिस्सा (वित्त आयोग, अनुच्छेद 280, की अनुशंसा पर अनुच्छेद 270 के अंतर्गत), कर-भिन्न राजस्व तथा केन्द्रीय सहायता।
- पूँजीगत परिव्यय: भविष्य के लाभ बनाने वाला व्यय, जैसे भूमि, भवन, मशीनें, तथा शेयरों में निवेश।
- राजस्व घाटा: राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ; ऋणात्मक आँकड़ा राजस्व आधिक्य है।
- राजकोषीय घाटा: ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर कुल व्यय − (राजस्व प्राप्तियाँ + ऋण-भिन्न पूँजीगत प्राप्तियाँ); यह सरकार की कुल उधार आवश्यकता है।
- प्राथमिक घाटा: राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- हिस्सा या वृद्धि5.25% और 4.86% भारत के GDP में हिस्सा हैं · 10.24% और 8.66% GSDP की वृद्धि दरें हैं (सभी 2025-26 AE, प्रचलित एवं स्थिर मूल्य)।
- बजट का आकार₹6,10,956.30 करोड़ में ऋण पुनर्भुगतान शामिल है · ₹4,05,632.47 करोड़ में नहीं।
- 2025-26 का राजकोषीय घाटाआय-व्ययक अनुमान में 4.25% · संशोधित अनुमान में 3.87%।
- प्रचलित मूल्यों पर क्षेत्रों का क्रम: 2024-25 सेवा, कृषि, उद्योग · 2025-26 सेवा, उद्योग, कृषि।
- GSDP या NSDPभारत में हिस्सा और वृद्धि GSDP से · प्रति व्यक्ति आय NSDP से।
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
बीएसटीसी 2026 (प्रथम पारी) · प्रश्न 93
‘विकसित राजस्थान @2047’ में, वर्ष 2029 तक राज्य का लक्ष्य कितने मूल्य की अर्थव्यवस्था अर्जित करना है?
- (1)$275 बिलियन
- (2)$325 बिलियन
- (3)$350 बिलियन
- (4)$450 बिलियन
उत्तर देखें
✓ (3) $350 बिलियन
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंबीएसटीसी 2026 (प्रथम पारी) · प्रश्न 94
राजस्थान में 2024-25 के दौरान किस सेक्टर ने प्रचलित मूल्यों पर ‘सकल राज्य मूल्य वर्धन’ में सर्वाधिक योगदान दिया है?
- (1)कृषि
- (2)उद्योग
- (3)अवसंरचना
- (4)सेवा
उत्तर देखें
✓ (4) सेवा
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 52
गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2022-23 में राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन GSVA (स्थिर 2011-12 बुनियादी मूल्यों पर) में किस क्षेत्र के योगदान में सर्वाधिक वृद्धि होने का अनुमान है ?
- (1)इनमें से कोई नहीं
- (2)सेवा क्षेत्र
- (3)उद्योग क्षेत्र
- (4)कृषि क्षेत्र
उत्तर देखें
✓ (2) सेवा क्षेत्र
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 · प्रश्न 56
राजस्थान सरकार ने राजस्थान राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबन्धन अधिनियम को किस वर्ष में अधिनियमित किया ?
- (1)2008
- (2)2005
- (3)2003
- (4)2001
उत्तर देखें
✓ (2) 2005
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 50
राजस्थान के सकल स्थाई पूँजी निर्माण में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का घटते हुये क्रम में सही क्रम है
- (1)विनिर्माण, खनन, कृषि, निर्माण
- (2)निर्माण, कृषि, विनिर्माण, खनन
- (3)निर्माण, विनिर्माण, कृषि, खनन
- (4)विनिर्माण, कृषि, खनन, निर्माण
उत्तर देखें
✓ (3) निर्माण, विनिर्माण, कृषि, खनन
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