एक नज़र में
- तीन नीतियाँ 31 मार्च 2029 तक लागू हैं: RIPS 2024 (या नई नीति अधिसूचित होने तक), MSME नीति 2024 और एम-सैंड नीति 2024 (या नई नीति घोषित होने तक)।
- राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 9-11 दिसंबर 2024 को जयपुर में हुई: 11,013 MoU/परियोजनाएँ, प्रस्तावित निवेश ₹35,30,225 करोड़, जिनमें से ₹8,01,048 करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग दिसंबर 2025 तक हो चुकी थी।
- औद्योगिक विकास नीति 2026 के अनुलग्नक I में 30 लागू नीतियाँ हैं और 2025-26 के लिए केवल दो प्रस्तावित: कृषि प्रसंस्करण नीति तथा वन क्षेत्र से बाहर वृक्ष एवं कृषि वानिकी नीति।
- खनिज नीति 2024 का लक्ष्य खनिज क्षेत्र का GSDP में हिस्सा 3.4% (2023-24) से बढ़ाकर 2029-30 तक 5% और 2046-47 तक 8% करना है।
औद्योगिक, निर्यात एवं व्यापार नीतियाँ
| नीति | तिथि | क्या देती है |
|---|---|---|
| राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 | उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा 1 जून 2026 को अधिसूचित; पाँच वर्ष के लिए मान्य | चार स्तंभ: हरित (Green), सुशासन (Governance), विकास (Growth), वैश्वीकरण (Globalization)। 2029 तक ₹1.5 लाख करोड़ तक के वस्तु निर्यात का लक्ष्य। नीति दिशा तय करती है; प्रोत्साहन RIPS 2024 से मिलते हैं। |
| राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 | वित्त विभाग (कर प्रभाग) का 8 अक्टूबर 2024 का आदेश | राज्य का मुख्य प्रोत्साहन पैकेज; तीन प्राथमिकताएँ: हरित विकास, निर्यात संवर्धन और क्षमता विकास। विवरण अगले खंड में। |
| राजस्थान MSME नीति 2024 | 8 दिसंबर 2024 से लागू | MSME प्रोत्साहनों के लिए 'वन स्टॉप शॉप': ₹50 करोड़ तक के ऋण पर RIPS 2024 से अधिक 2% तक ब्याज अनुदान; NSE, BSE या MSE मंच पर इक्विटी जुटाने वाले SME को ₹15 लाख तक एकमुश्त; सूक्ष्म व लघु इकाइयों को तकनीक या सॉफ़्टवेयर (₹5 लाख तक) तथा प्रमाणन व IPR (₹3 लाख तक) की लागत का 50%। 343 इकाइयों को ₹188.92 लाख। |
| राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति 2024 | 2024 | निर्यात दस्तावेज़ व प्रमाणन लागत का 50% (₹5 लाख तक); विदेश में व्यापार मेलों की लागत का 75% (₹3 लाख प्रति वर्ष तक, दो वर्ष में एक बार); उत्पाद परीक्षण का 75% (₹20,000 प्रति खेप, ₹3 लाख प्रति वर्ष तक); तकनीक उन्नयन पर 75% (₹50 लाख तक); ई-कॉमर्स शुल्क का 75% (₹2 लाख तक); ECGC प्रीमियम का 50% (₹2 लाख प्रति वर्ष तक)। पहली बार निर्यात करने वालों को RIPS 2024 के अंतर्गत भाड़े पर 25% अनुदान, ₹25 लाख प्रति इकाई तक। |
| राजस्थान एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 | 2024 | 41 जिलों में प्रत्येक के लिए निर्धारित उत्पाद हेतु नई इकाइयों को मार्जिन मनी, तकनीक, गुणवत्ता प्रमाणन, विपणन, ई-कॉमर्स और कैटलॉग/वेबसाइट सहायता। 272 इकाइयों को ₹1,154.36 लाख (मार्जिन मनी: 61 इकाइयाँ, ₹912.03 लाख)। |
| राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति 2025 | 2025 | साइलो, शीत भंडार, गोदाम, कंटेनर व एयर फ्रेट स्टेशन, कार्गो टर्मिनल और ड्राई पोर्ट में पात्र स्थायी पूँजी निवेश का 25% पूँजीगत अनुदान, 10 वर्ष में (वार्षिक सीमा ₹5 करोड़ से ₹50 करोड़); 7 वर्ष तक 7% ब्याज अनुदान, ₹50 लाख प्रति वर्ष तक। RIPS 2024 के अनुरूप। |
| राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति 2025 | 13 फरवरी 2025 को अधिसूचित | 10 वर्ष के लिए परिसंपत्ति सृजन प्रोत्साहन, 7 वर्ष तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, राज्य के अंतर्देशीय कंटेनर डिपो या एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से निर्यात होने वाले माल पर भाड़े का 25% अनुदान (₹25 लाख तक)। लाभ RIPS 2024 के अनुसार। |
| राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति 2025 | 7 दिसंबर 2025 से प्रभावी | नए सूक्ष्म व्यापार उद्यमों को: ₹1 करोड़ तक के ऋण पर 6% तथा ₹1 करोड़ से ₹2 करोड़ तक पर 4% ब्याज अनुदान; 5 वर्ष तक CGTMSE गारंटी शुल्क का 50%। सूक्ष्म खुदरा व्यापारियों को बीमा प्रीमियम का 50%, ₹1 लाख प्रति वर्ष तक, 5 वर्ष के लिए। |
| अनिवासी राजस्थानी (NRR) नीति 2025 | 10 दिसंबर 2025 को जयपुर में प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस पर जारी | प्रवासियों को निवेश, व्यापार, नवाचार और परोपकार से जोड़ने के लिए पाँच स्तंभ। राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर कार्यरत; उसी दिन राजस्थान विकास सहयोग पोर्टल शुरू हुआ। |
उद्योगों, रीको क्षेत्रों, SEZ और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर नोड के लिए 'राजस्थान के उद्योग' नोट्स देखें।
RIPS 2024: निवेशक को क्या मिलता है
| न्यूनतम निवेश (परिसंपत्ति सृजन प्रोत्साहन) | विनिर्माण ₹50 करोड़ (MSME के लिए ₹25 करोड़); सेवा ₹25 करोड़ (पर्यटन के लिए ₹10 करोड़) |
|---|---|
| मुख्य प्रोत्साहन | निवेश अनुदान: जमा किए गए राज्य कर का 75%, 7 वर्ष तक; या पूँजीगत अनुदान; या वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के बाद 10 वर्ष तक प्रतिवर्ष टर्नओवर-लिंक्ड प्रोत्साहन |
| अतिरिक्त प्रोत्साहन | एम्प्लॉयर बूस्टर 10-15%; निर्धारित क्षेत्रीय या सेक्टर एंकर इकाइयों के लिए थ्रस्ट बूस्टर 10% या एंकर बूस्टर 20% |
| अन्य छूटें | 7 वर्ष तक विद्युत शुल्क में 100% छूट और मंडी शुल्क की 100% प्रतिपूर्ति; स्टाम्प ड्यूटी व रूपांतरण शुल्क में 75% छूट और 25% प्रतिपूर्ति |
| नामित क्षेत्र | विनिर्माण, सेवाएँ, उदीयमान (सनराइज़) उद्योग, MSME, स्टार्ट-अप, औद्योगिक अवसंरचना, अनुसंधान एवं विकास, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और परीक्षण प्रयोगशालाएँ |
| पहले की योजनाएँ | RIPS 2019 और RIPS 2022; RIPS 2024 शुरू होने के बाद किए गए नए निवेश केवल इसी के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं |
| प्रगति | 3,914 इकाइयों को पात्रता प्रमाण-पत्र; प्रस्तावित निवेश लगभग ₹1.65 लाख करोड़ |
उद्यम एवं स्वरोज़गार योजनाएँ
| योजना | लाभार्थी | क्या मिलता है |
|---|---|---|
| राजस्थान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और प्रवर्तन का सुकरीकरण) अधिनियम, 2019 | नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम | 17 जुलाई 2019 को अधिनियमित। इकाई राज उद्योग मित्र पोर्टल पर 'आशय की घोषणा' देती है और उसे 'अभिस्वीकृति प्रमाण-पत्र' मिलता है, जिससे 5 वर्ष तक (2023 के संशोधन से पहले 3 वर्ष) राज्य कानूनों के अंतर्गत अनुमतियों व निरीक्षण से छूट रहती है। 2025 में 1,405 प्रमाण-पत्र (सूक्ष्म 944, लघु 307, मध्यम 154)। |
| समेकित क्लस्टर विकास योजना 2024 | हस्तशिल्प, हथकरघा एवं MSME क्लस्टर | कारीगर क्लस्टरों के क्षमता निर्माण के लिए ₹50 लाख तक; कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए परियोजना लागत का 90% (₹10 करोड़ तक); रीको क्षेत्रों से बाहर के क्लस्टरों में मौजूदा के लिए 80% (₹10 करोड़ तक) और नए (ग्रीनफ़ील्ड) के लिए 60% (₹5 करोड़ तक)। |
| डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (BRUPY) | SC एवं ST उद्यमी (फर्मों में 51% SC/ST स्वामित्व आवश्यक) | ₹25 लाख तक के ऋण पर 9%, ₹25 लाख से ₹5 करोड़ पर 7%, ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ पर 6% ब्याज अनुदान; परियोजना लागत का 25% मार्जिन मनी अनुदान, ₹25 लाख तक। |
| विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना (VKYUPY) | सूक्ष्म व लघु विनिर्माण या सेवा इकाई लगाने वाले युवा | 3 सितंबर 2025 से लागू। ₹1 करोड़ तक के ऋण पर 8% तथा ₹1 करोड़ से ₹2 करोड़ तक पर 7% ब्याज अनुदान; ऋण का 25% मार्जिन मनी, ₹5 लाख तक; ₹1 करोड़ से बड़े ऋणों पर महिला, SC/ST, दिव्यांग, ग्रामीण एवं कारीगर उद्यमियों को 1% अतिरिक्त। |
| मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) | 18 से 45 वर्ष के 1 लाख राज्य निवासी युवा | 15 जनवरी 2026 को जारी। ब्याजमुक्त ऋण (100% ब्याज अनुदान), 10% मार्जिन मनी (कक्षा 8-12 उत्तीर्ण को ₹35,000 तक; स्नातक या ITI को ₹50,000 तक) और CGTMSE शुल्क की प्रतिपूर्ति। |
| युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना (YUPY) | 45 वर्ष या उससे कम आयु के उद्यमी | ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 6% ब्याज अनुदान; शुरुआत से दिसंबर 2025 तक 706 इकाइयों को ₹764.43 करोड़ स्वीकृत। |
| पीएम विश्वकर्मा योजना (केंद्रीय योजना) | 18 व्यवसायों के कारीगर | दो किस्तों (₹1 लाख, फिर ₹2 लाख तक) में 5% पर बिना गारंटी ऋण; राज्य 2% अतिरिक्त ब्याज अनुदान देता है, इसलिए कारीगर 3% ब्याज देते हैं। |
राइजिंग राजस्थान, सिंगल विंडो एवं निवेश संस्थाएँ
राइजिंग राजस्थान समिट के MoU में सबसे बड़े विभाग, दिसंबर 2025 तक की ग्राउंड ब्रेकिंग सहित:
| विभाग | MoU / परियोजनाएँ | प्रस्तावित निवेश (₹ करोड़) | ग्राउंड ब्रेकिंग (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|
| ऊर्जा | 812 | 28,27,421 | 6,15,995 |
| उद्योग | 4,340 | 2,25,575 | 76,080 |
| नगरीय विकास एवं आवासन | 540 | 1,06,724 | 37,929 |
| खान | 293 | 99,587 | 34,237 |
| पर्यटन | 1,245 | 91,519 | 10,033 |
| कृषि | 2,352 | 42,046 | 8,149 |
| सिंगल विंडो | राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो एनेबलिंग एंड क्लीयरेंस एक्ट, 2011 |
|---|---|
| वन स्टॉप शॉप और राज निवेश | सिंगल विंडो (संशोधन) अधिनियम, 2020 (16 सितंबर 2020 को अधिनियमित) से बड़े प्रस्तावों (₹10 करोड़ से अधिक) के लिए निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) में वन स्टॉप शॉप बनी; इसके नियम 26 नवंबर 2020 को अधिसूचित हुए। राज निवेश पोर्टल आवेदन, स्वीकृति और ट्रैकिंग की एकल ऑनलाइन खिड़की है, जिसे सिंगल विंडो प्रणाली के साथ मिला दिया गया: 19 विभागों की 181 सेवाएँ; 2025 में ₹42,693.70 करोड़ के निवेश वाले 1,925 आवेदन स्वीकृत |
| विवाद एवं निवारण तंत्र | राज्य स्तर पर मुख्य सचिव तथा जिला स्तर पर जिला कलक्टर की अध्यक्षता में; निर्णय सभी विभागों पर बाध्यकारी; 111 बैठकें |
| व्यवसाय सुधार कार्य योजना (BRAP) | भारत सरकार का DPIIT चलाता है। BRAP 2024 में राजस्थान व्यवसाय प्रवेश, श्रम विनियमन सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण एवं सेवा क्षेत्र में 'टॉप अचीवर' रहा; BRAP 2026 की अवधि 15 नवंबर 2025 से 15 जुलाई 2026 है |
| राजस्थान वित्त निगम (RFC) | स्थापना से 31 मार्च 2025 तक 84,879 इकाइयों को ₹9,130.07 करोड़ के ऋण |
खनन नीतियाँ
| राजस्थान खनिज नीति 2024 (खान एवं भूविज्ञान विभाग) | अन्य लक्ष्य: खनिज रियायत क्षेत्र राज्य के 0.68% से 2029-30 तक 1% और 2046-47 तक 2%; दोहन वाले खनिज 2047 तक 58 से 70; 2029-30 तक पूर्व-अनुमतियों सहित 50 प्रमुख खनिज ब्लॉकों की नीलामी; 2029-30 तक 50 लाख तथा 2046-47 तक 1 करोड़ से अधिक लोगों को (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) रोज़गार; खनिज राजस्व 2029-30 तक तीन गुना और 2046-47 तक ₹1 लाख करोड़। साथ ही शून्य-अपशिष्ट खनन, AI आधारित निगरानी, अवैध खनन रोकने के लिए GPS ट्रैकिंग व जियो-फेंसिंग |
|---|---|
| राजस्थान एम-सैंड नीति 2024 | नदी की रेत (बजरी) की जगह निर्मित रेत। एम-सैंड इकाइयों को: सरकारी भूमि पर पड़े उपयोग किए गए ओवरबर्डन डंप पर रॉयल्टी में 50% छूट, 10 वर्ष तक राज्य कर की 75% प्रतिपूर्ति, 7 वर्ष तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प ड्यूटी में 75% छूट। राज्य-वित्तपोषित कार्यों में रेत का कम से कम 25% एम-सैंड, 2028-29 तक 50%। दिसंबर 2025 तक 38 एम-सैंड भूखंड और 10 ओवरबर्डन डंप भूखंड आवंटित |
| खनन पट्टे | ई-नीलामी से; 2024-25 में 34 प्रमुख खनिज ब्लॉक नीलाम किए गए |
| खान एवं भूविज्ञान राजस्व, 2025-26 | लक्ष्य ₹12,980 करोड़; दिसंबर 2025 तक ₹6,857.97 करोड़ संग्रहित |
खनिज, तेल-गैस क्षेत्र और रिफाइनरी के लिए 'राजस्थान के खनिज' व 'राजस्थान के उद्योग' नोट्स, तथा सिटी गैस वितरण नीति 2025 के लिए 'ऊर्जा' नोट्स देखें।
सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल एवं रोज़गार नीतियाँ
| नीति | तिथि | क्या देती है |
|---|---|---|
| राजस्थान AI/ML नीति 2026 | 6 जनवरी 2026 को जयपुर में राजस्थान रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री द्वारा जारी | शासन में AI, AI कौशल, उद्योगों के लिए प्रोत्साहन और नैतिक एवं उत्तरदायी AI ढाँचा। |
| राजस्थान AVGC-XR नीति 2024 | 2024 | एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स व एक्सटेंडेड रियलिटी के लिए: 30% तक प्रतिपूर्ति के रूप में उत्पादन अनुदान, अटल इनोवेशन स्टूडियो व इन्क्यूबेशन केंद्र, AVGC-XR प्रकोष्ठ और सिंगल विंडो पोर्टल। |
| राजस्थान डेटा सेंटर नीति 2025 | 19 फरवरी 2025 को अधिसूचित | परिसंपत्ति सृजन प्रोत्साहन, पहले तीन मेगा या अल्ट्रा-मेगा डेटा सेंटरों को अतिरिक्त बूस्टर; भवन मानकों में शिथिलता; डेटा सेंटर ESMA के अंतर्गत आवश्यक सेवा, 24x7 संचालन व सभी पालियों में महिलाएँ; टियर-2 व टियर-3 शहरों को प्रोत्साहन। |
| राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2025 | 27 नवंबर 2025 को अधिसूचित | उच्च मूल्य के रोज़गार और सेवा निर्यात के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों को आकर्षित करना; RIPS 2024 में भी GCC नामित क्षेत्र है। |
| राजस्थान कौशल नीति 2025 | 16 अप्रैल 2025 को जारी | माँग आधारित कौशल: ITI का उन्नयन, मॉडल कैरियर सेंटर, पूर्व अधिगम की मान्यता (RPL), रिक्रूट-ट्रेन-डिप्लॉय कार्यक्रम; AI, साइबर सुरक्षा व उद्योग 4.0 पर बल। |
| राजस्थान रोज़गार नीति 2026 | 2026 | स्वरोज़गार, मज़दूरी रोज़गार और उद्यमिता के ज़रिए मार्च 2029 तक 15 लाख रोज़गार अवसर सृजित करने का मिशन। |
पर्यटन नीति 2025, फिल्म पर्यटन संवर्धन नीति 2025, पर्यटन इकाई नीति 2024 और पर्यटन कोष व योजनाओं के लिए 'राजस्थान में पर्यटन' नोट्स देखें।
कृषि: मिशन एवं योजनाएँ
GSVA में कृषि का हिस्सा 'अर्थव्यवस्था एक नज़र में' नोट्स में, तथा उत्पादन, फसलें और रैंक 'राजस्थान की कृषि' नोट्स में हैं।
| योजना या मिशन | क्या देती है |
|---|---|
| मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना | किसान अपने खेत पर गुणवत्तापूर्ण बीज उगाते हैं (अधिकतम 10 वर्ष पुरानी किस्में)। 2025-26: 1.13 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सामने 1.12 लाख क्विंटल वितरित। अलग से: 31.50 लाख निःशुल्क बीज मिनीकिट। |
| गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना | प्रत्येक ब्लॉक में 50 किसानों को पशु अपशिष्ट से वर्मी-कम्पोस्ट बनाने के लिए प्रति किसान ₹10,000 तक; 1.02 लाख आवेदनों में से 54,940 प्रशासनिक स्वीकृतियाँ (दिसंबर 2025 तक)। |
| दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन (केंद्र प्रवर्तित) | 2025-26 से 2030-31 के लिए; तुअर, उड़द और मसूर, जिनकी NCCF व NAFED द्वारा 100% खरीद। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन का दलहन भाग रबी 2025-26 से इसमें मिला दिया गया। |
| राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (केंद्र प्रवर्तित) | 2025-26 में शुरू: 2,000 क्लस्टर (केंद्र 1,800, राज्य 200), 2.50 लाख किसान और 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र। |
| प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (केंद्रीय) | 2025-26 में छह वर्ष के लिए घोषित, 100 आकांक्षी कृषि जिलों हेतु; राजस्थान के जिले: बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू और जालोर। |
| राष्ट्रीय बागवानी मिशन (केंद्र प्रवर्तित) | फल, मसाले और फूलों का क्षेत्र, उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाना; 2025-26 का बजट अनुमान ₹124.76 करोड़ (केंद्र ₹74.86 करोड़, राज्य ₹49.90 करोड़)। |
| राजकिसान साथी पोर्टल | कृषि योजनाओं की एकल ऑनलाइन खिड़की; दिसंबर 2025 तक ₹3,566 करोड़ का DBT। |
किसान आय सहायता, सहकारी ऋण एवं बीमा
राजस्थान में 42,858 पंजीकृत सहकारी समितियाँ हैं, जिनमें 9,086 प्राथमिक कृषि साख समितियाँ (PACS) और 24 दुग्ध संघ शामिल हैं; 29 केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) अल्पकालीन तथा 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंक दीर्घकालीन कृषि ऋण देते हैं।
| योजना | क्या देती है |
|---|---|
| मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना | किसानों को राज्य की सहायता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति वर्ष (बजट 2025-26), DBT से ₹1,000 प्रति किस्त; चौथी किस्त में 71.79 लाख किसानों को ₹717.96 करोड़। |
| शून्य ब्याज पर अल्पकालीन फसली ऋण | CCB के माध्यम से; समय पर चुकाने वाले किसानों को राज्य ब्याज अनुदान देता है। ₹25,000 करोड़ के लक्ष्य के सामने 30.45 लाख किसानों को ₹18,085.89 करोड़। |
| सहकारी किसान क्रेडिट कार्ड | सितंबर 2025 तक 61.83 लाख कार्ड जारी, जिनमें 43.95 लाख सक्रिय। |
| सहकार किसान कल्याण योजना | फसली ऋण के अतिरिक्त कृषि व संबद्ध कार्यों हेतु CCB से ₹10 लाख तक का ऋण; ₹121.11 करोड़ वितरित। |
| कृषि उपज रहन ऋण योजना | भंडारित उपज को गिरवी रखकर 3% ब्याज पर ऋण; 27 किसानों को ₹70.50 लाख। |
| राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना | 2.5 लाख डेयरी किसान परिवारों को ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त अल्पकालीन ऋण; बजट प्रावधान ₹150 करोड़। |
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) | राजस्थान में खरीफ 2016 से; किसान का प्रीमियम खरीफ 2%, रबी 1.5%, वाणिज्यिक व बागवानी फसलें 5%; राज्य का प्रीमियम अनुदान राज्य-वित्तपोषित योजना से। 15 दिसंबर 2023 से 31 दिसंबर 2025 तक लगभग ₹6,206.61 करोड़ के दावे चुकाए गए। |
| कृषि अवसंरचना कोष (केंद्रीय) | फार्म-गेट अवसंरचना के लिए ₹2 करोड़ तक के ऋण पर प्रति वर्ष 3% ब्याज अनुदान; राज्य में ₹4,212.54 करोड़ की 4,900 परियोजनाएँ स्वीकृत (31 दिसंबर 2025)। |
सूक्ष्म सिंचाई, सोलर पंप एवं खेत तलाई
| PMKSY के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप व स्प्रिंकलर) | सामान्य किसानों को 70% तथा SC/ST, महिला, लघु व सीमांत किसानों को 75% अनुदान (केंद्र, राज्य और अतिरिक्त राज्य अंश); 62,916 हेक्टेयर ड्रिप और 63,243 हेक्टेयर स्प्रिंकलर के अंतर्गत लाए गए; 2025-26 में प्रावधान ₹905.18 करोड़ |
|---|---|
| पीएम-कुसुम घटक B | कृषि बिजली कनेक्शन के बिना किसानों के लिए 3 से 10 HP के स्वतंत्र सोलर पंप; किसान का अंश 40%, केंद्र व राज्य 30%-30%; 20,419 पंप स्थापित; अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के जिलों में ST किसानों का अंश जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग देता है |
| खेत तलाई (कृषि विभाग), 2025-26 | लक्ष्य 25,000; दिसंबर 2025 तक 10,626 बनीं |
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और जलग्रहण कार्यों के लिए 'ग्रामीण विकास' नोट्स, तथा नहरों व बाँधों के लिए 'राजस्थान की सिंचाई परियोजनाएँ' नोट्स देखें।
पशुपालन एवं डेयरी योजनाएँ
| योजना | क्या देती है |
|---|---|
| मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना | पशुओं की बीमारी व मृत्यु पर निःशुल्क बीमा: 2024-25 में 5.54 लाख परिवारों के 10.63 लाख पशु बीमित; 2025-26 का लक्ष्य 42 लाख पशु। 1 दिसंबर 2025 से देशी गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊँट का निःशुल्क बीमा, पूरा प्रीमियम राज्य देता है। |
| राज सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना | दुग्ध उत्पादकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, वार्षिक चरणों में (9वाँ चरण 1 फरवरी 2025 से): दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख, आंशिक स्थायी विकलांगता पर ₹2.50 लाख; दिसंबर 2025 तक 1,12,176 उत्पादक बीमित। |
| मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना | दुग्ध उत्पादकों को अनुदान 2022-23 में ₹2 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर; 2025-26 में ₹650 करोड़ के प्रावधान में से ₹519 करोड़ DBT से; बजट 2026-27: लगभग 5 लाख पशुपालकों के लिए ₹700 करोड़। |
| पंजीकृत गौशालाओं को अनुदान | 1 अप्रैल 2025 से बड़े पशु के लिए ₹50 प्रतिदिन (पहले ₹44) तथा छोटे पशु के लिए ₹25 (पहले ₹22), 270 दिन के लिए; दिसंबर 2025 तक 3,043 गौशालाओं को ₹1,204.90 करोड़। |
| ऊँट संरक्षण एवं विकास मिशन | नवजात ऊँट बच्चों (टोडियों) के पालन के लिए सहायता; अब तक 9,379 पालकों के 25,364 टोडियों को ₹17 करोड़। |
| मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा (कॉल सेंटर 1962) | 108 आपातकालीन चिकित्सा सेवा की तर्ज़ पर 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन घर पर उपचार पहुँचाते हैं। |
डेयरी सहकारी ढाँचे से चलती है: 19,643 डेयरी सहकारी समितियाँ, 24 जिला दुग्ध उत्पादक संघ और राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF); दुग्ध संयंत्र क्षमता 51.40 लाख लीटर प्रतिदिन (दिसंबर 2025)। पशु संख्या और दुग्ध उत्पादन के लिए 'राजस्थान का पशुधन' नोट्स देखें।
बजट 2026-27 की घोषणाएँ, अभी योजना के रूप में लागू नहीं
11 फरवरी 2026 के बजट में ये घोषणाएँ हुईं; घोषणा अधिसूचना के बाद ही योजना बनती है। नीचे की चारों नीतियाँ 1 जून 2026 की औद्योगिक विकास नीति के साथ दी गई लागू नीतियों की सूची में नहीं हैं।
- नई IT नीति, डिजिटल अवसंरचना सुविधा नीति, भू-स्थानिक (Geo Spatial) नीति और ड्रोन नीति।
- सिंगल विंडो 2.0: सभी विभागीय अनुमतियों के लिए एक आवेदन और एक डिजिटल ट्रैक।
- RIPS 2024 में बदलाव: कंटेनर विनिर्माण थ्रस्ट क्षेत्र, वस्त्र उद्योग के लिए पेरोल अनुदान का विकल्प, सेवा क्षेत्र को ब्याज अनुदान, GCC, वेयरहाउस व लॉजिस्टिक्स को विस्तार लाभ, और ODOP नीति में विस्तार पर 10% मार्जिन मनी।
- प्याज व सब्ज़ी (अलवर), किन्नू (श्रीगंगानगर) और आम (बाँसवाड़ा) के उत्कृष्टता केंद्र; विशिष्ट कृषि प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए मिशन 'राज GIFT'; एग्री स्टैक परियोजना इकाई।
- राजस्थान सहकारी डेयरी अवसंरचना विकास कोष ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़; अलवर में 3 लाख लीटर प्रतिदिन का दुग्ध संयंत्र (₹200 करोड़)।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- नीति और योजनाऔद्योगिक विकास नीति 2026 (उद्योग एवं वाणिज्य) दिशा व लक्ष्य तय करती है · RIPS 2024 (वित्त विभाग) प्रोत्साहन देती है
- वन स्टॉप शॉपनिवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) में · अलग निवेश बोर्ड, जो RIPS 2024 के कस्टमाइज़्ड पैकेज स्वीकृत करता है: अध्यक्ष मुख्यमंत्री · राज निवेश: ऑनलाइन पोर्टल
- ODOP और पंच गौरवODOP नीति 2024 हर जिले के उत्पाद को धन व विपणन से सहारा देती है · पंच गौरव (2025-26 में शुरू) हर जिले के पाँच तत्व तय करता है (उत्पाद, फसल, वनस्पति प्रजाति, खेल, पर्यटन स्थल); 2025-26 में ₹100 करोड़, राज्य समिति मुख्य सचिव की तथा जिला समितियाँ कलक्टर की अध्यक्षता में
- दिसंबर की तिथियाँराइजिंग राजस्थान समिट 9-11 दिसंबर 2024 · MSME नीति 8 दिसंबर 2024 · व्यापार संवर्धन नीति 7 दिसंबर 2025 · NRR नीति 10 दिसंबर 2025
- उद्यम ऋणVKYUPY (8% व 7% ब्याज अनुदान) · MYSY (ब्याजमुक्त, 18 से 45 वर्ष) · YUPY (6%, 45 वर्ष या कम) · BRUPY (SC/ST)
- बीमामंगला पशु बीमा पशुओं के लिए · राज सरस सुरक्षा कवच दुग्ध उत्पादकों की दुर्घटना के लिए · PMFBY फसलों के लिए
खुद को परखें: परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
आरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 41
राजस्थान के राज निवेश पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है ?
- (1)राज निवेश पोर्टल मंजूरी/अनुमोदन के लिए वन-स्टॉप सूचना/पंजीकरण/अनुमोदन/ट्रैकिंग केंद्र के रूप में कार्य करके एकल बिंदु (ऑनलाइन) इंटरफ़ेस और समयबद्ध निकासी प्रणाली प्रदान करता है।
- (2)यह बड़े निवेश प्रस्तावों को अधिक प्रभावी ढंग से सुविधाजनक बनाने और एक ही छत के नीचे उनके लिए अपेक्षित अनुमोदन/मंजूरी में तेजी लाने के लिए सीधे मुख्यमंत्री के अधीन एक "वन स्टॉप शॉप" (ओ एस एस) सुविधा है।
- (3)वन स्टॉप शॉप के नियम 26.11.2020 को अधिसूचित किए गए हैं।
- (4)पोर्टल निवेशकों के मार्गदर्शन के लिए प्रासंगिक नियमों, विनियमों, आदेशों और नीतिगत पहलों और योजनाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी भी प्रदान करता है।
उत्तर देखें
✓ (2) यह बड़े निवेश प्रस्तावों को अधिक प्रभावी ढंग से सुविधाजनक बनाने और एक ही छत के नीचे उनके लिए अपेक्षित अनुमोदन/मंजूरी में तेजी लाने के लिए सीधे मुख्यमंत्री के अधीन एक "वन स्टॉप शॉप" (ओ एस एस) सुविधा है।
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 49
राजस्थान खनिज नीति – 2024 के लक्ष्यों के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये : A. वर्ष 2046-47 तक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष 1 करोड़ व्यक्तियों को तथा 2029-30 तक 50 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करना । B. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का योगदान 2023-24 के 3.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 2029-30 तक 5 प्रतिशत और 2046-47 तक 8 प्रतिशत तक करना । C. खनन के अन्तर्गत खनिजों की संख्या को 2047 तक बढ़ाकर 58 से 70 करना । उपरोक्त कथनों में से कौन से कथन सही हैं ?
- (1)केवल A और B
- (2)केवल B और C
- (3)केवल A और C
- (4)A, B और C
उत्तर देखें
✓ (4) A, B और C
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 51
भारत में राज्यों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग जारी की जाती है –
- (1)उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा
- (2)उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा
- (3)निवेश संवर्द्धन ब्यूरो द्वारा
- (4)राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (राजसीको) द्वारा
उत्तर देखें
✓ (2) उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 54
राजस्थान सरकार ने एम-सैण्ड नीति वर्ष 2024 में घोषित की है । यह प्रभावी रहेगी –
- (1)31 मार्च, 2029 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक
- (2)31 मार्च, 2030 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक
- (3)31 मार्च, 2032 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक
- (4)30 जून, 2029 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक
उत्तर देखें
✓ (1) 31 मार्च, 2029 तक अथवा नई नीति की घोषणा होने तक
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंआरएएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 · प्रश्न 104
'राजस्थान एमएसएमई नीति 2024' निम्नलिखित में से किस दिनांक तक लागू रहेगी ?
- (1)31 मार्च, 2028
- (2)31 मार्च, 2030
- (3)31 मार्च, 2029
- (4)31 मार्च, 2031
उत्तर देखें
✓ (3) 31 मार्च, 2029
पूरा प्रश्न-पत्र देखेंसमान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकण्डरी स्तर) 2024 · प्रश्न 127
अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और राज्य सरकार से मंजूरी लेने के लिए राजस्थान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और प्रवर्तन का सुकरीकरण संशोधन अधिनियम, 2023)ने एम एस एम ई (MSME) को छूट की अवधि बढ़ा दी है-
- (1)3 से 4 वर्ष
- (2)2 से 4 वर्ष
- (3)4 से 5 वर्ष
- (4)3 से 5 वर्ष
उत्तर देखें
✓ (4) 3 से 5 वर्ष
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