एक नज़र में
- मनरेगा, 2005 को 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G अधिनियम, 2025 ने प्रतिस्थापित किया; राजस्थान के पूर्व आँकड़े मनरेगा के वर्षों के हैं।
- राज्य वित्त आयोग अनुच्छेद 243-I और 243-Y के अंतर्गत संस्था है; प्रथम अध्यक्ष के. के. गोयल थे।
- पंचम और षष्ठम आयोग को अनुशंसा से कम हिस्सा स्वीकृत हुआ; सप्तम आयोग का अंतरिम 7% पूरा स्वीकार किया गया।
- वर्तमान आयोग सप्तम है, अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी; 23 अक्टूबर 2026 तक इसकी केवल 2025-26 की अंतरिम रिपोर्ट आई है, जो छठे आयोग के नियम आगे रखती है।
ग्रामीण कार्यक्रम: कौन क्या चलाता है
| कार्यक्रम | संचालन | उद्देश्य |
|---|---|---|
| राजीविका (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) | राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद्, ग्रामीण विकास विभाग | महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका |
| मनरेगा, अब VB-G RAM G | ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग; कार्यों की योजना ग्राम पंचायतें बनाती हैं | गारंटीशुदा मजदूरी रोजगार और ग्रामीण परिसंपत्तियाँ |
| प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण | ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग | SECC-2011 के आँकड़ों से चुने परिवारों को आवास सहायता |
| स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | पंचायती राज विभाग | घरेलू शौचालय और गाँवों की स्वच्छता |
| PMKSY 2.0, जलग्रहण विकास घटक | जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग; केंद्र एवं राज्य अंश | उपचारित जलग्रहण क्षेत्रों में मृदा-जल संरक्षण, जल संचयन और आजीविका कार्य |
| मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 | जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग; केवल राज्य निधि | गाँवों में वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण संरचनाएँ |
मनरेगा और VB-G RAM G
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 दिनांक 1 जुलाई 2026 से निरसित है। दिसंबर 2025 में संसद से पारित विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G; विकसित भारत-जी राम जी) उसी तिथि से सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हुआ (घोषणा 11 मई 2026)। नीचे राजस्थान के आँकड़े मनरेगा के वर्षों के हैं; योजना को MGNREGS भी लिखा जाता है।
- गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का मजदूरी रोजगार, मनरेगा के 100 दिन से अधिक।
- संक्रमण: e-KYC सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहते हैं; मनरेगा के चालू कार्य नए अधिनियम में जारी रह सकते हैं।
- व्यस्त कृषि मौसम: राज्य बुवाई-कटाई के लिए एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिन की अवधि पहले से अधिसूचित कर सकता है, जिसमें कार्य नहीं होंगे।
- वित्त पोषण: केंद्र प्रायोजित योजना; केंद्र प्रत्येक राज्य को मानक आवंटन देता है और उससे अधिक व्यय राज्य को वहन करना होता है। प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।
| मनरेगा, राजस्थान 2024-25 | व्यय ₹9,441.01 करोड़; 3,155.57 लाख मानव-दिवस; 58.86 लाख परिवारों को रोजगार; 5.11 लाख परिवारों ने 100 दिन पूरे किए |
|---|---|
| मनरेगा, राजस्थान 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) | व्यय ₹4,819.26 करोड़; 1,554.85 लाख मानव-दिवस; 42.03 लाख परिवारों को रोजगार; 46,684 परिवारों ने 100 दिन पूरे किए |
| मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (CMREGS) | 2025-26 की व्यवस्था: 100 दिन पूरे होने पर 25 दिन अतिरिक्त और 47 अनुसूचित जनजाति ब्लॉकों के परिवारों को 50 दिन अतिरिक्त |
राजीविका: राजस्थान में NRLM
| संस्था | राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (RGAVP): अक्टूबर 2010 में सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के अंतर्गत गठित स्वायत्त सोसायटी |
|---|---|
| वित्त पोषण | केंद्र : राज्य 60 : 40; 2025-26 का प्रावधान ₹678.35 करोड़, दिसंबर 2025 तक ₹337.55 करोड़ व्यय |
| स्वयं सहायता समूह (दिसंबर 2025 तक) | 38,452 गाँवों में 4.29 लाख स्वयं सहायता समूह, 51.01 लाख परिवार; 32,061 ग्राम संगठन और 1,078 क्लस्टर स्तरीय संघ |
| समूहों को सहायता (दिसंबर 2025 तक) | 3,18,833 समूहों को ₹15,000 प्रति समूह चक्रीय निधि (₹501.19 करोड़); 2,09,813 समूहों को ₹75,000 प्रति समूह सामुदायिक निवेश निधि (₹1,614.83 करोड़); बैंक ऋण ₹10,788.96 करोड़ |
| लखपति दीदी (दिसंबर 2025 तक) | 12.98 लाख महिलाएँ 'लखपति दीदी' श्रेणी में |
| राजस्थान महिला निधि (दिसंबर 2025 तक) | 1,54,861 राजीविका महिलाओं को ₹735 करोड़ के ऋण, 2.5% वार्षिक ब्याज पर, 8% ब्याज अनुदान राज्य सरकार वहन करती है |
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण
| चयन | लाभार्थी SECC-2011 के आँकड़ों से चुने जाते हैं |
|---|---|
| प्रति आवास सहायता | ₹1,20,000, साथ में स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय हेतु ₹12,000; मनरेगा से 90 दिन तक मजदूरी |
| लागत साझेदारी | केंद्र : राज्य 60 : 40 |
| 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) | 2,21,135 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 2,18,050 की स्वीकृति; 1,08,073 नए आवास बने; ₹1,045.61 करोड़ व्यय |
| PM-JANMAN (बारां) | 8 पंचायत समितियों के बेघर सहरिया परिवारों हेतु: ₹2 लाख प्रति आवास, शौचालय हेतु ₹12,000; आवंटित 26,671 में से 22,416 आवास स्वीकृत और दिसंबर 2025 तक 11,411 पूर्ण |
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
| ODF स्थिति | राजस्थान को मार्च 2018 तक खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित किया गया |
|---|---|
| चरण II | भारत सरकार द्वारा 2020-21 से प्रारंभ; ODF स्थिति बनाए रखना और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन से गाँवों को ODF प्लस बनाना |
| शौचालय प्रोत्साहन | ₹12,000 प्रति घरेलू शौचालय; 2025-26 में (दिसंबर 2025 तक) 1.05 लाख बने |
| सामुदायिक स्वच्छता परिसर | प्रत्येक ₹3 लाख; 2025-26 में (दिसंबर 2025 तक) 2,205 बने |
| अन्य, 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) | 414 ODF प्लस मॉडल गाँव; 7 गोबर-धन परियोजनाएँ (प्रत्येक जिले में एक मॉडल परियोजना की योजना) |
जलग्रहण एवं जल संरक्षण
| PMKSY 2.0, जलग्रहण विकास घटक | 2025-26 तक 159 परियोजनाएँ स्वीकृत, 39 जिलों में 8.05 लाख हेक्टेयर के उपचार हेतु, लागत ₹1,990.37 करोड़ |
|---|---|
| मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 | फरवरी 2024 में प्रारंभ; चार वर्षों में 20,000 गाँवों में जल संचयन एवं संरक्षण संरचनाएँ बनाने का लक्ष्य |
| MJSA 2.0, प्रथम चरण (दिसंबर 2025 तक) | 1,14,039 कार्यों के लक्ष्य में से 1,10,059 पूर्ण; ₹2,289.49 करोड़ व्यय |
| MJSA 2.0, द्वितीय चरण (दिसंबर 2025 तक) | 99,930 कार्यों का लक्ष्य; 26,059 स्वीकृत और 2,880 पूर्ण |
बाँध, नहरें और पुराने जल संरक्षण कार्य सिंचाई परियोजनाओं के नोट्स और झीलें एवं जल संरक्षण के नोट्स में हैं।
ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों हेतु राज्य योजनाएँ
| योजना | क्षेत्र या उद्देश्य, प्रारंभ | आँकड़ा (2025-26) |
|---|---|---|
| मेवात क्षेत्र विकास योजना | मेव समुदाय: अलवर, खैरथल-तिजारा और डीग जिलों के 14 ब्लॉक, 807 गाँव; 1986-87 से संचालित | 2025-26 में ₹100 करोड़ का प्रावधान |
| डाँग क्षेत्र विकास योजना | 8 जिलों (सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, बारां, झालावाड़, भरतपुर, कोटा, बूंदी) के बीहड़ एवं खड्ड प्रभावित क्षेत्र, 2,192 गाँव; 2005-06 में पुनः प्रारंभ | 2025-26 में ₹100 करोड़ का प्रावधान |
| मगरा क्षेत्र विकास योजना | जनजातीय क्षेत्रीय विकास (TAD) से बाहर दक्षिण-मध्य पहाड़ी क्षेत्र (ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली, चित्तौड़गढ़, राजसमंद), 1,746 गाँव; 2005-06 में प्रारंभ | 2025-26 में ₹100 करोड़ का प्रावधान |
| महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना | जनसहभागिता से सामुदायिक परिसंपत्तियाँ, केवल ग्रामीण क्षेत्र; पहले गुरु गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना, फरवरी 2020 में नाम बदला | 2025-26 में ₹20 करोड़ का प्रावधान |
| विधायक क्षेत्र विकास कोष (MLALAD) | प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को प्रतिवर्ष ₹5 करोड़, ग्रामीण एवं शहरी; कम से कम 20% SC/ST बस्तियों हेतु | ₹2,738.84 करोड़ उपलब्ध राशि में से दिसंबर 2025 तक ₹705.80 करोड़ व्यय |
| डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना | जून 2025 में प्रारंभ; सभी जिलों में ग्रामीण एवं शहरी, जिला-विशिष्ट आवश्यकताएँ | 2025-26 हेतु ₹500 करोड़ आवंटित |
| पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त ग्राम योजना | राज्य-पोषित, 2025-26 से प्रारंभ, 22 लाख BPL परिवारों (BPL जनगणना 2002) हेतु; 5,000 गाँव, फिर 5,000, फिर 10,000 | प्रथम दो चरणों का सर्वे पूर्ण (दिसंबर 2025) |
| मुख्यमंत्री थार सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम | राज्य-पोषित, 2025-26 से प्रारंभ, अंतरराष्ट्रीय सीमा के गाँवों हेतु | ₹150 करोड़ आवंटित; दिसंबर 2025 तक ₹12.67 करोड़ व्यय |
श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना, जिसकी ग्रामीण रसोइयाँ राजीविका समूह चलाते हैं, कल्याणकारी योजनाओं के नोट्स में है।
2026-27 के बजट में ग्रामीण विकास
राजस्थान बजट 2026-27 के प्रावधान (बजट अनुमान, व्यय नहीं): ग्रामीण विकास क्षेत्र हेतु ₹33,418.86 करोड़।
- राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को राज्य निधि से अनुदान ₹7,000 करोड़ (शहरी विकास क्षेत्र में अलग से राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों को राज्य निधि से ₹2,286.02 करोड़); केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को अनुदान ₹5,585.50 करोड़।
- VB-G RAM G हेतु ₹6,750 करोड़, जिसमें राज्य अंश ₹2,753.12 करोड़; मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना हेतु ₹61 करोड़।
- PMAY-G हेतु ₹5,472 करोड़ (राज्य अंश ₹2,188.80 करोड़), 3 लाख आवासों का लक्ष्य।
- NRLM हेतु ₹679 करोड़ (राज्य अंश ₹271.60 करोड़); SBM-G हेतु ₹385 करोड़ (राज्य अंश ₹154 करोड़), लक्ष्य 80,000 घरेलू शौचालय और 4,000 सामुदायिक स्वच्छता परिसर।
- PMKSY जलग्रहण घटक हेतु ₹518 करोड़ (राज्य अंश ₹207.20 करोड़), लक्ष्य 1.61 लाख हेक्टेयर।
- मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान हेतु ₹600 करोड़; विधायक क्षेत्र विकास हेतु ₹1,000 करोड़; श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना हेतु ₹300 करोड़।
- मगरा और मेवात क्षेत्र विकास कार्यक्रमों हेतु प्रत्येक ₹50 करोड़।
राज्य वित्त आयोग: संवैधानिक व्यवस्था
अनुच्छेद 243-I के अनुसार राज्यपाल 73वें संशोधन के प्रारंभ से एक वर्ष के भीतर और उसके बाद प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु वित्त आयोग गठित करता है; अनुच्छेद 243-Y के अनुसार वही आयोग नगरपालिकाओं की भी समीक्षा करता है। यह राज्य के करों की शुद्ध आय के राज्य और स्थानीय निकायों के बीच बँटवारे के सिद्धांत, सहायता अनुदान और उनकी वित्तीय स्थिति सुधारने के उपाय सुझाता है; राज्यपाल इसकी सिफारिशें और की गई कार्यवाही का ज्ञापन विधानमंडल के समक्ष रखवाता है (अनुच्छेद 243-I(4))।
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद वे निकाय हैं जिनकी वित्तीय स्थिति की समीक्षा होती है, समीक्षा करने वाली संस्था नहीं। इनकी संरचना और शक्तियाँ पंचायती राज एवं नगरीय निकाय के नोट्स में हैं।
राजस्थान के सात राज्य वित्त आयोग
| आयोग | अध्यक्ष | अवधि | अनुशंसित (राज्य के शुद्ध स्वयं कर राजस्व का %) | राज्य द्वारा स्वीकृत |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम | के. के. गोयल (अंग्रेज़ी में Goel) | 1995-96 से 1999-2000 | 2.18 | 2.18 |
| द्वितीय | हीरालाल देवपुरा | 2000-01 से 2004-05 | 2.25 (0.05 प्रोत्साहन सहित) | 2.25 |
| तृतीय | माणक चंद सुराणा | 2005-06 से 2009-10 | 3.50 (0.50 प्रोत्साहन सहित) | 3.50 |
| चतुर्थ | डॉ. बी. डी. कल्ला | 2010-11 से 2014-15 | 5.0 और कुछ करों का समनुदेशन | 7.182 |
| पंचम | डॉ. ज्योति किरण | 2015-16 से 2019-20 | 8.5 | 7.182 |
| षष्ठम | प्रद्युम्न सिंह | 2020-25 | 7.25 | 6.75 (2020-21 से 2023-24); 7 (2024-25) |
| सप्तम | अरुण चतुर्वेदी | 2025-30; 2025-26 की अंतरिम रिपोर्ट | 7 (अंतरिम) | 7 (2025-26) |
छठा राज्य वित्त आयोग (2020-25)
| गठन | राज्यपाल की अधिसूचनाएँ 12 अप्रैल 2021 और 17 मई 2021; कार्यकाल डेढ़ वर्ष, बाद में 30 सितंबर 2023 तक बढ़ाया गया |
|---|---|
| सदस्य | प्रद्युम्न सिंह (अध्यक्ष), डॉ. लक्ष्मण सिंह रावत, डॉ. अशोक लाहोटी; सदस्य सचिव बन्ना लाल, जिनका 13 सितंबर 2022 को निधन हुआ, फिर 7 अक्टूबर 2022 से एस. सी. देराश्री |
| रिपोर्ट | अंतरिम रिपोर्ट 28 जून 2021 को सौंपी (2020-21 और 2021-22 हेतु); अंतिम रिपोर्ट दिनांक 19 सितंबर 2023 |
| मुख्य अनुशंसा | 2020-25 हेतु राज्य के शुद्ध स्वयं कर राजस्व का 7.25%, अंतरिम निधि समायोजित कर ₹33,175.12 करोड़: पंचायती राज संस्थाओं को ₹24,914.51 करोड़ और शहरी स्थानीय निकायों को ₹8,260.61 करोड़ |
| PRI : ULB अनुपात | जनगणना 2011 की ग्रामीण-शहरी जनसंख्या के आधार पर 75.1 : 24.9 |
| कृत कार्यवाही प्रतिवेदन (ATR) में स्वीकृत | 2020-21 से 2023-24 हेतु 6.75% और 2024-25 हेतु 7%, अनुपात 73.2 : 26.8 |
| हस्तांतरण का रूप | पूर्णतः अनुदान; पृथक सहायता अनुदान की अनुशंसा नहीं |
- PRI निधि का जिलावार वितरण: जनसंख्या 40%, क्षेत्रफल 25%, अनुसूचित जाति जनसंख्या 5%, अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 5%, बालिका शिक्षा 5%, 7 मापदंडों पर अभाव (SECC-2011) 10%, औसत स्वयं राजस्व संग्रहण 2015-20 10%।
- PRI के तीन स्तरों में: जिला परिषद 5%, पंचायत समिति 20%, ग्राम पंचायत 75%।
- ULB में: 70% जनसंख्या (55%) और क्षेत्रफल (15%) पर; 20% नगरपालिकाओं में जनसंख्या पर; 10% सर्वाधिक औसत प्रति व्यक्ति स्वयं आय वाली नगरपालिका से अंतर के अनुपात में (2015-20)।
- अनुदान का उपयोग: PRI में 55% बुनियादी नागरिक सेवाएँ और 40% राष्ट्रीय या राज्य प्राथमिकता की योजनाएँ; ULB में 75% और 20%; दोनों में 2% लिंग अनुकूल स्थान (Gender Friendly Spaces) और 3% स्वयं आय बढ़ाने पर प्रोत्साहन।
सातवाँ राज्य वित्त आयोग (वर्तमान)
| गठन | राज्यपाल की अधिसूचना दिनांक 1 अगस्त 2025, वर्ष 2025 से 2030 की पाँच वर्ष की अवधि हेतु (आयोग की वेबसाइट पर 2025-26 से 2030-31 छपा है); डेढ़ वर्ष में रिपोर्ट देनी है |
|---|---|
| अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव | अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष); नरेश कुमार ठकराल (सदस्य सचिव) |
| अंतरिम रिपोर्ट | दिनांक 1 सितंबर 2025, 2 सितंबर 2025 को राज्यपाल को प्रस्तुत, 2025-26 हेतु, राज्य सरकार ने 13 अगस्त 2025 को माँगी |
| अनुशंसा | राज्य के शुद्ध स्वयं कर राजस्व का 7%, PRI : ULB अनुपात 73.2 : 26.8 |
| 2025-26 की राशि | 2024-25 के पूर्व-वास्तविक शुद्ध स्वयं कर राजस्व ₹99,970.04 करोड़ पर ₹6,997.90 करोड़: PRI को ₹5,122.46 करोड़ और ULB को ₹1,875.44 करोड़; अस्थायी, वास्तविक प्राप्तियों के अधीन, और जारी राशि अंतिम रिपोर्ट के अनुसार समायोजित होगी |
| छठे आयोग से यथावत | PRI स्तरों में वही 5 : 20 : 75, वही जिला मापदंड और भार, लिंग अनुकूल स्थानों हेतु वही 2% और प्रोत्साहन हेतु 3%; प्राथमिकता योजनाओं के उपयोग में बजट घोषणाएँ जोड़ी गईं |
| स्वीकृति | राज्य सरकार ने 4 फरवरी 2026 के कृत कार्यवाही ज्ञापन में सूचीबद्ध प्रत्येक अनुशंसा स्वीकार की (7% हिस्सा एवं उसका बँटवारा, PRI एवं ULB में वितरण, 15वें वित्त आयोग के अनुदान, अंतिम रिपोर्ट तक अंतरिम नियम); राशि 2 किश्तों में जारी होगी |
| स्थिति | अंतिम रिपोर्ट आने तक अंतरिम अनुशंसाएँ लागू रहेंगी; 23 अक्टूबर 2026 तक वित्त विभाग के SFC पृष्ठ पर केवल अंतरिम रिपोर्ट है |
बजट प्रावधान, आयोग की राशि नहीं: 2025-26 में बजट में पंचायती राज संस्थाओं को राज्य वित्त आयोग अनुदान ₹7,000 करोड़ और 15वें वित्त आयोग के अनुदान (2021-22 से 2025-26, छठे SFC की सलाह पर 5 : 20 : 75 में वितरित) हेतु ₹3,087 करोड़ रखे गए।
याद रखें: ये अक्सर उलझते हैं
- दो अलग 755 : 20 : 75 जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत का बँटवारा है · 75.1 : 24.9 PRI : ULB अनुपात है जो पंचम SFC के लिए राज्य ने माना और छठे SFC ने सुझाया; 73.2 : 26.8 छठे SFC के कृत कार्यवाही प्रतिवेदन और सप्तम की अंतरिम रिपोर्ट का अनुपात है
- अनुशंसित या स्वीकृतपंचम SFC ने 8.5% सुझाया, 7.182% स्वीकृत · छठे SFC ने 7.25% सुझाया, 6.75% फिर 7% स्वीकृत · सप्तम (अंतरिम) ने 7% सुझाया और वही स्वीकृत
- छठा या सातवाँप्रद्युम्न सिंह, अंतिम रिपोर्ट 19 सितंबर 2023, अवधि 2020-25 · अरुण चतुर्वेदी, गठन 1 अगस्त 2025, 2025-26 की अंतरिम रिपोर्ट
- रोजगार कानूनमनरेगा, 2005, 100 दिन, 1 जुलाई 2026 से निरसित · VB-G RAM G अधिनियम, 2025, 125 दिन, 1 जुलाई 2026 से लागू
- क्षेत्र योजनाएँमेवात (मेव समुदाय, अलवर, खैरथल-तिजारा और डीग, 1986-87 से) · डाँग (बीहड़, 8 जिले, 2005-06) · मगरा (ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली, चित्तौड़गढ़, राजसमंद की पहाड़ियाँ, 2005-06)
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समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2022 · प्रश्न 65
राजस्थान में राज्य वित्त आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- (1)के. के. गोयल
- (2)हीरालाल देवपुरा
- (3)एम. सी. सुराणा
- (4)एस. के. घोष
उत्तर देखें
✓ (1) के. के. गोयल
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73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने एवं राज्यपाल को सिफारिशें करने के लिये कौनसी संवैधानिक संस्था बनायी गयी है?
- (1)राजस्थान राज्य आयोजना बोर्ड
- (2)राज्य वित्त आयोग
- (3)पंचायत समिति
- (4)जिला परिषद
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✓ (2) राज्य वित्त आयोग
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