प्रश्न 1
'अर्थशास्त्र का जनक' किसे कहा जाता है?
- (1)एडम स्मिथ✓ सही उत्तर
- (2)जे.एम. कीन्स
- (3)अल्फ्रेड मार्शल
- (4)डेविड रिकार्डो
उत्तर: (1) एडम स्मिथ
व्याख्या
'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (1776) के लेखक एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक माना जाता है।
20 प्रश्नव्याख्या सहितआरएएस, पटवारी, वीडीओ एवं राजस्थान की अन्य परीक्षाओं के लिए
'अर्थशास्त्र का जनक' किसे कहा जाता है?
उत्तर: (1) एडम स्मिथ
व्याख्या
'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (1776) के लेखक एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जनक माना जाता है।
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसके द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाज़ार मूल्य है?
उत्तर: (2) एक वर्ष में देश की घरेलू सीमा के भीतर
व्याख्या
GDP में एक वर्ष के दौरान देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम उत्पादन गिना जाता है, चाहे उत्पादक कोई भी हो।
व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) मुख्य रूप से किसका अध्ययन करता है?
उत्तर: (3) उपभोक्ता या फर्म जैसी व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों का
व्याख्या
व्यष्टि अर्थशास्त्र उपभोक्ता, परिवार या फर्म जैसी व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन करता है; समग्र चरों का अध्ययन समष्टि अर्थशास्त्र में होता है।
माँग के नियम के अनुसार, अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी माँगी गई मात्रा:
उत्तर: (4) घटती है
व्याख्या
माँग का नियम बताता है कि अन्य बातें समान रहने पर कीमत और माँगी गई मात्रा में विपरीत संबंध होता है।
सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के बीच अंतर है:
उत्तर: (2) विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय
व्याख्या
GNP = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय। मूल्यह्रास सकल और शुद्ध मापों के बीच का अंतर है।
जिस अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र दोनों साथ-साथ कार्य करते हैं, उसे कहते हैं:
उत्तर: (4) मिश्रित अर्थव्यवस्था
व्याख्या
मिश्रित अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों होते हैं; भारत ने स्वतंत्रता के बाद यही मॉडल अपनाया।
निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि तृतीयक (सेवा) क्षेत्र से संबंधित है?
उत्तर: (1) बैंकिंग
व्याख्या
बैंकिंग एक सेवा है, अतः तृतीयक क्षेत्र में आती है; मत्स्य पालन व खेती प्राथमिक और विनिर्माण द्वितीयक क्षेत्र है।
राष्ट्रीय आय लेखांकन में 'राष्ट्रीय आय' से तात्पर्य है:
उत्तर: (3) साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद
व्याख्या
राष्ट्रीय आय को साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) के रूप में परिभाषित किया जाता है, अर्थात सामान्य निवासियों द्वारा अर्जित साधन आयों का योग।
'मुद्रास्फीतिजनित मंदी' (Stagflation) किस स्थिति को दर्शाती है?
उत्तर: (4) उच्च मुद्रास्फीति के साथ स्थिर (ठहरी हुई) वृद्धि और उच्च बेरोज़गारी
व्याख्या
स्टैगफ्लेशन = स्थिरता (मंदी) + मुद्रास्फीति: कीमतें बढ़ती हैं जबकि उत्पादन ठहरा रहता है और बेरोज़गारी अधिक होती है।
जे.एम. कीन्स की प्रसिद्ध पुस्तक 'द जनरल थ्योरी ऑफ एम्प्लॉयमेंट, इंटरेस्ट एंड मनी' कब प्रकाशित हुई?
उत्तर: (1) 1936
व्याख्या
'जनरल थ्योरी' 1936 में महामंदी की पृष्ठभूमि में प्रकाशित हुई थी।
प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोज़गारी, जो भारतीय कृषि में आम है, वह स्थिति है जिसमें:
उत्तर: (3) कुछ श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है
व्याख्या
प्रच्छन्न बेरोज़गारी में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं, अतः कुछ को हटाने पर भी उत्पादन नहीं घटता (सीमांत उत्पादकता शून्य)।
गिनी गुणांक (Gini coefficient) का उपयोग किसे मापने के लिए किया जाता है?
उत्तर: (2) आय वितरण में असमानता
व्याख्या
लॉरेंज वक्र से प्राप्त गिनी गुणांक (0 से 1) आय असमानता को मापता है।
सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में से निम्नलिखित में से क्या घटाने पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) प्राप्त होता है?
उत्तर: (4) मूल्यह्रास
व्याख्या
NNP = GNP − मूल्यह्रास (स्थिर पूँजी का उपभोग)।
'वास्तविक GDP' से तात्पर्य है:
उत्तर: (1) स्थिर (आधार वर्ष की) कीमतों पर मापा गया GDP
व्याख्या
वास्तविक GDP उत्पादन का मूल्यांकन आधार वर्ष की स्थिर कीमतों पर करता है, जिससे कीमत परिवर्तन का प्रभाव हट जाता है; चालू कीमतों पर GDP मौद्रिक (नाममात्र) GDP है।
GDP अपस्फीतिक (GDP deflator) की गणना इस प्रकार की जाती है:
उत्तर: (3) (मौद्रिक GDP ÷ वास्तविक GDP) × 100
व्याख्या
GDP अपस्फीतिक = मौद्रिक GDP ÷ वास्तविक GDP × 100; यह GDP में शामिल सभी वस्तुओं व सेवाओं के कीमत स्तर को दर्शाता है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा 27 फरवरी 2026 को जारी राष्ट्रीय लेखा की नई श्रृंखला में किस वर्ष को आधार वर्ष अपनाया गया है?
उत्तर: (2) 2022-23
व्याख्या
27 फरवरी 2026 को जारी नई GDP श्रृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है, जिसने 2011-12 आधार वर्ष वाली श्रृंखला का स्थान लिया।
भारत के राष्ट्रीय लेखा में, आधारभूत कीमतों पर सकल मूल्य वर्धन (GVA) से GDP इस प्रकार प्राप्त किया जाता है:
उत्तर: (4) GVA + उत्पाद कर − उत्पाद सब्सिडी
व्याख्या
GDP = आधारभूत कीमतों पर GVA + उत्पाद कर − उत्पाद सब्सिडी।
यदि किसी वस्तु की कीमत में 10% की कमी से उसकी मांग की मात्रा में 25% की वृद्धि होती है, तो उस वस्तु की मांग है:
उत्तर: (1) सापेक्षतः लोचदार
व्याख्या
कीमत लोच = 25% ÷ 10% = 2.5, जो 1 से अधिक है, अतः मांग सापेक्षतः लोचदार है।
एक ऊर्ध्वाधर सरल रेखा वाला मांग वक्र दर्शाता है कि मांग की कीमत लोच बराबर है:
उत्तर: (3) शून्य
व्याख्या
ऊर्ध्वाधर मांग वक्र का अर्थ है कि कीमत बदलने पर मांग की मात्रा नहीं बदलती, अतः लोच शून्य (पूर्णतः बेलोचदार) होती है।
ऐसी घटिया वस्तु जिस पर निर्धन उपभोक्ता अपनी आय का बड़ा भाग व्यय करते हैं और जिसकी कीमत बढ़ने पर उसकी मांग की मात्रा भी बढ़ जाती है, कहलाती है:
उत्तर: (2) गिफेन वस्तु
व्याख्या
गिफेन वस्तुएँ मांग के नियम का अपवाद हैं: कीमत वृद्धि का आय प्रभाव प्रतिस्थापन प्रभाव से अधिक होता है।